मीलों पैदल चलकर भी अब अपने घर नहीं पहुंच पाएंगे बिहार के मजदूर
चम्पारण टुडे न्यूज़ डेस्क।
लॉकडाउन के दौरान देश में हो रहे भारी मात्रा में पलायन को देखते हुए बिहार सरकार ने अपने बॉर्डर को एक प्रकार से सील कर दिया है और बाहर से आने वाले लोगों को बॉर्डर पर बने राहत कैम्पों में रखने की व्यवस्था कर रही है.
रविवार को बिहार सरकार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की मीटिंग कर लाॉकडाउन को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया. संदेश साफ है कि किसी को बिहार आने की इजाजत नहीं होगी.
जो लोग बिहार बॉर्डर पहुंच गए हैं या जो रास्ते में हैं उनके लिए बॉर्डर पर ही रहने और खाने-पीने की व्यवस्था है. उनका इलाज भी वहीं होगा.

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