कोरोना संदिग्ध की सूचना देने पर जान से मार डाला
गांव की वारदात के बाद लोग कोरोना संदिग्धो की सूचना देते हुए भी डरेंगे ।
श्रवण कुमार
सीतामढ़ी : बिहार के सीतामढ़ी जिले में कोरोना वायरस के
संदिग्ध की जानकारी देने वाले को पीट-पीटकर मार डाला गया. घटना 30 मार्च, सोमवार की है. सीतामढ़ी के एक गांव में कोरोना की जांच कराकर लौट रहे संदिग्ध लोगों ने अपने दोस्तों और परिजनों के साथ मिलकर युवक की हत्या कर दी. इनका कहना था कि उस युवक ने ही इनके कोरोना संदिग्ध होने की जानकारी प्रशासन को दी थी. पुलिस ने हत्या के सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
सीतामढ़ी में रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र में गांव है मधौला. इस गांव में दो लोग महाराष्ट्र से लौटे. इन लोगों ने लौटने के बाद प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग किसी को सूचना नहीं दी थी. लेकिन इनके लौटने की सूचना बबलू नाम के युवक ने स्वास्थ्य विभाग को दे दी. सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों संदिग्धों का सैंपल लिया. इस जांच से कोरोना वायरस के दोनों संदिग्ध नाराज हो गए. दोनों संदिग्धों ने स्वास्थ्य विभाग को अपना सैंपल तो दिया, लेकिन आरोप है कि इसके बाद अपने परिवार के अन्य पांच लोगों के साथ मिलकर बबलू की बेरहमी से पिटाई कर दी. इसके बाद उसे रुन्नीसैदपुर पीएचसी में भर्ती करायाbगया, लेकिन गंभीर हालत को देख डॉक्टरों ने उसे
बेहतर इलाज के लिए मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया. मुजफ्फरपुर SKMCH में ले जाने के दौरान ही
उसकी मौत हो गई.
मृतक के परिजनों के बयान पर मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाने में पुलिस ने मामला दर्ज किया है. मृतक के भाई गुडू के बयान पर पुलिस ने हत्या के सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. बाहर से आए लोगों की सूचना देनी है। बिहार में सरकार ने घर लौट रहे मजदूरों के लिए गांव के बाहर, पंचायत स्तर पर आइसोलेशन सेंटर बना कर रुकने के लिए व्यवस्था की है. लेकिन उन सेंटरों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी का हवाला देकर कोई उसमें रहना नहीं चाहता है. वहीं बिहार में सरकार ने गांव के लोगों से कहा है कि वे बाहर से आए लोगों की सूचना दें, ताकि उनकी जांच हो सके.

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