कौन हैं निर्दलीय उम्मीदवार सरयू_राय ? जिन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास को शिकस्त दी है ?
जमशेदपुर : झारखंड चुनाव का नतीजा राजनीति के जानकारों के लिए कोई अचंभित करने वाला नतीजा नही है जिनको बेसिक राजनीति समझ है वह भी जानते थे भाजपा झारखंड में सरकार नही बनाएगी लेकिन इस जीत हार के ऊपर देश भर में चर्चा है कौन है सरयू राय जिन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ कर वर्तमान मुख्यमंत्री और लोकतांत्रिक राजा को करारी शिकस्त दे कर इतिहास रचा है।
16 जुलाई 1951 में बिहार के शाहबाद जिले(बक्सर) के इटाढ़ी ब्लॉक में जन्मे सरयू राय समाजिक-राजनीति में प्रभाव रखने वाली राजपूत जाती के मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं. इनके पिता किसान हैं वहीं माता कुशल गृहणी हैं. सरयू राय ने भौतिक शास्त्र में ग्रेजुएशन किया वहीं स्पैक्ट्रोस्कोपी में मास्टर्स डिग्री हासिल कर साल 1972 में अपनी पढ़ाई को पूरा किया. सरयू राय राजनीति और विज्ञान की गहरी जानकारी रखते हैं।
यह दुर्भाग्य है बिहार और झारखंड के युवाओ को जो इनके राजनीति के बारे में कम और फर्जी और डिजायनर हिन्दू नेताओ की जानकारी रखते है, जिस बिहार और झारखंड को
भ्रष्टाचार के लिए सबसे उपजाऊ जमीन मानी जाती है उस जमीन पर इनका रिकॉर्ड सबसे जबरदस्त है, सरयू राय का भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का रिकार्ड इतना जबर्दस्त है कि उनकी वजह से तीन-तीन मुख्यमंत्रियों को सलाखों के पीछे जाना पड़ा है.सरयू राय ने खनन घोटाला और पशुपालन घोटाला को उजागर किया था। संयुक्त बिहार में अलकतरा घोटाला को उजागर कर सत्ता में हड़कंप मचा दिया था। इन तीन मुख्यमंत्रियों में लालू यादव और जगन्नाथ मिश्र चारा घोटाले में और मधु कोड़ा 8000 करोड़ के घोटाले में जेल भेजे जा चुके हैं।
झारखंड भाजपा सरकार में मंत्री रहे सरयू राय के नाम से भ्रष्टाचारी कांपने लगते है। खाद्य आपूर्ति मंत्री रहते हुए पीडीएस में गड़बड़ी और मिलावट के खिलाफ लगातार एक्शन लेते रहे। सरयू राय ने वर्तमान मुख्यमंत्री रघुवर दास के जनविरोधी नीतियों की खुलकर आलोचना करते रहते थे जो कि मुख्य कारण बना टिकट काटने में भाजपा के प्राथमिक सदस्य से इस्तीफा देते हुए सरयू राय ने कहा था मैं नहीं चाहता कि मेरे वजह से कोई चौथा मुख्यमंत्री भी जेल जाए....
सरयू राय झारखंड बनने के बाद साल 2004, 2009 और 2014 में जमशेदपुर पश्चिम से चुनाव लड़ते थे. लेकिन इस बार भाजपा के द्वारा टिकट काटने के बाद अपने पारम्परिक सीट छोड़ वर्तमान मुख्यमंत्री को चुनोती देते हुए जमशेदपुर पूर्वी की मुख्यमंत्री की सीट से उतरकर चुनावी मुकाबले को रोमांचक बना दिया और आज करारी शिकस्त देते हुए भाजपा के शीर्ष नेताओं को स्पस्ट सन्देश देने का काम किया कि आप बहुमत पा कर नालायक को नायक नही बना सकते है इसका खमियाजा भुगतना होगा।
निर्दलीय उम्मीदवार सरयू राय को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद स्थानीय मतदाताओं का जोश और जनून बताने के लिए काफी है कि बीजेपी नेतृत्व ने एक लंगड़े गदहे पर दांव लगाया था।

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