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राजगीर की पहाड़ी वादियों में जल जीवन व हरियाली को बालू पर देख, मधुरेन्द्र के मुरीद हुए मुख्यमंत्री

अंतराष्ट्रीय रेतकला उत्सव, सोनपुर मेला व नेपाल के गढ़ी माई मेला में अपनी कला का लोहा मनवा चुकें हैं बिहार के सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र
राष्ट्रीय राजगीर महोत्सव में पांच वर्षों से पर्यटन विभाग व जिला प्रशासन दे रही हैं सैंड आर्ट प्रदर्शन का अनुमति।


राजगीर (नालंदा) : विश्व प्रसिद्ध सोनपुर में अपनी विशेष सैंड आर्ट प्रदर्शन कर लौटने के बाद सोमवार को अंतरष्ट्रीय राजगीर महोत्सव के शानदार आगाज के साथ में पूर्वी चंपारण से आये युवा प्रख्यात रेत कलाकार मधुरेन्द्र का सैंड आर्ट दर्शकों बीच मुख्य आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। 


यह कलाकृति राजगीर की खूबसूरत पहाड़ी वादियों में जल जीवकन हरियाली का संदेश दे रहीं हैं। 

कलाकृति को देख मुरीद हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मधुरेन्द्र सरकार के सभी महत्वपूर्ण योजनाओं को बालू पर उकेर कर समाज के सभी सभी वर्ग के लोगों को जागरूक करते हैं। 

इस कला जरिए मधुरेन्द्र अपनी मूर्तिकला की पहचान स्थापित की है। इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के निकट स्थित हॉकी मैदान में बने ग्राम श्री मंडप के मुख्य द्वार के दायीं ओर रेत से बनी यह भव्य कलाकृति दिखाई पड़ती है। मोहक इतना कि दर्शक उसकी फोटोग्राफी करना जरूरी समझ रहे हैं। 


बात दे कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कला एवं शिल्प महाविद्यालय, भोजपुर में वह मूर्तिकला का छात्र भी है। गौरतलब हो कि युवा सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र राज्य और राज्य के बाहर कई मेलों, महोत्सवों व  सरकारी आयोजनों में सैंड आर्ट और पेंटिंग के नमूने प्रदर्शित कर चुका है। कला की बदौलत उसे राष्ट्रपति सम्मान व सैकड़ो से ज्यादा कई पुरस्कार भी मिले हैं। 


मौके पर उपस्थित बिहार सरकार के ग्रामीण संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार, पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, जिलाधिकारी डॉ योगेंद्र सिंह, एनडीसी अमरेंद्र कुमार, एसडीओ संजय कुमार, सिटी मैनेजर राजमणि कुमार, इवेंट मैनेजर रविन्द्र कुमार समेत कई वरीय पदाधिकारियों ने कहा कि मधुरेन्द्र की कलाकृतियां सब विश्व पटल पर बिहार ही नही अपितु अपनी मातृभूमि का मान-सम्मान बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदन दे रहे हैं।

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