चंपारण में सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने विश्व को दिया, गांधी का सत्य अहिंसा व शांति का संदेश
गांधी की कर्मभूमि चंपारण में दो दिवसीय “ग्लोबल गांधी पीस कॉन्फ्रेंस” का हुआ समापन।
श्रीलंका,नेपाल, भूटान, मलेशिया, बांग्लादेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभागी हुए शामिल।
मोतिहारी, पूर्वी चंपारण: चंपारण की ऐतिहासिक धरती पर मंगलवार से शुरू हुए दो दिवसीय महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती और भारत के पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डाक्टर अब्दुल कलाम की 88 वीं जयंती पर “विश्व गांधी शांति सम्मेलन” के आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर मोतिहारी के गांधी संग्रहालय परिसर में रखें बालू पर विश्वविख्यात सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने बुधवार को महात्मा गांधी की विशाल आकृति बनाकर देश- विदेश व कई प्रदेशों से आये हुए गांधी सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दुनियां को सत्य अहिंसा और शांति का संदेश दिया। वहीं कार्यक्रम में आये हुए देश के 92 वर्षीय सुप्रसिद्ध गांधीयन पदमश्री डॉ एसएन सुब्बा राव ने भी मधुरेन्द्र द्वारा बालू से उकेरी बापू की अद्भुत कलाकृति को लोहा माना।
सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने बताया कि आज हमारे देश के साथ बहुत ऐसे देश है जो हिंसा के चपेट मे है और ये समस्या दिन पर दिन बढ़ते जा रही है। ऐसे समय में गांधीजी के विचार और सिधान्त की प्रासंगिकता बढ़ जाती है। हा कि यह सम्मेलन गांधीजी के रचनात्मक कार्यों को धरातल पर उतारकर शांति व समृद्धि स्थापित करने के एक शानदार पहल है।
बता दे कि ख्वाब फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हे ग्लोबल गांधी शांति सम्मान से सम्मानित किया गया।
मौके पर गांधीवादी डॉ एसएन सुब्बाराव, डॉ. शुभो राय, डॉ. साकेत कुशवाहा, प्रो. नवल किशोर यादव, सागर सूरज, ई अरुण कुमार, मिथलेश, मनीष सिसोदिय समेत देश के विभिन्न हिस्सों के साथ दुनिया के कोने-कोने से जैसे श्रीलंका , नेपाल, भूटान, मलेशिया, बांग्लादेश आदि से प्रतिभागी शामिल अतिथियों ने भी मधुरेन्द्र की कलाकृति का सराहना करते बधाई।

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