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पुल किनारे मिली जीवित नवजात लड़की



  • ग्रामीणो ने लाया नरकटियागंज अनुमंडलीये अस्पताल
  • एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना एक नवजात के साथ क्या लड़की होना ही उसकी गलती थी।

नरकटियागंज से रवि कुमार मिश्रा 
ये क्या हो गया... मैं तो अपनी मां की कोख में नौ महीने से बड़े लाड़-प्यार से पल रही है। मां मेरी हर हरकत पर हंसती थी। पापा भी मुझे छूकर गर्भ में मेरे मौजूदगी को महसूस करते थे। दोनों बहुत खुश थे। मुझे बस उस दिन का इंतजार था जब मैं मां की कोख से बहार आऊं। आज वो दिन भी आ गया। मुझे बाहर की दुनिया देखनी थी.. मुझे यह क्या हो रहा है? इतनी गन्दी बदबू। ये कौन मुझे नोच रहा है? मुझे दर्द हो रहा है!  मां-पापा तुम कहां हो? क्या मेरी लड़की होने की सजा आप मुझे यूं देंगे? क्या मुझे मां की गोद की जगह पुल किनारे नदी के पास मिलेगा? प्लीज मुझे बचा लीजिये! मुझे मां का आंचल चाहिए! 


यह दर्द उन नवजात लड़की की है, जिन्हें पुल किनारे पर कौओं और कुत्तों के नोचने के लिए फेंक दिया जाता है। यह वह नवजात हैं जिनको जन्म के बाद मां की कोख नसीब नहीं हुई। दरअशल शिकारपूर थाना क्षेत्र के  पंडई पुल के नीचे नवजात की बच्ची मिली लावारिश हलात में ग्रामीणों ने देखकर आनन फानन में नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल में लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद चाइल्ड लाइन और शिशु अडॉप्ट को सूचना देकर उन्हें सौप दिया गया बच्ची की इलाज के बाद स्थिति नियत्रण में हैं।

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