सीतामढ़ी: कोई भी बाढ़ पीड़ित राहत राशि से वंचित नही होगा- उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री ने समाहरणालय में बाढ़ राहत कार्यो का लिया जायजा
नगर पालिका मध्य विधलाय सीतामढ़ी स्थित राहत केंद्र पहुँचकर राहत कार्यो को देखा
विक्की कुमार सिंह, सीतामढ़ी।
उप मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में समाहरणालय विमर्श कक्ष में जिला बाढ़/आपदा राहत अनुश्रवण सह निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से डीएम डॉ रणजीत कुमार सिंह ने जिले में बाढ़ की स्थिति एवम प्रशासन द्वारा अब तक चलाये गए बाढ़ राहत कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। डीएम ने बताया कि जिले के 16 प्रखण्ड के 187 पंचायत पूर्ण रूप से प्रभावित है। प्रभावित गाँवो की संख्या 591 है। कुल 1727500 जनसंख्या पर प्रभावित हुई है। 140000 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित है। मृतकों की संख्या 27 है
जिसमे 19 मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख की राहत राशि उपलब्ध करा दी गयी है। 171 नाव एवम 51 मोटरबोट राहत कार्य मे लगे हुए है। डीएम ने बताया कि 215 सामुदायिक रसोई के माध्यम से 60000 से अधिक लोगो को दोनों समय भोजन दिया जा रहा है।जिला प्रशासन बाढ़ के उपरांत संभावित बीमारियों से बचाव हेतू प्रयास शुरू कर दिया है।
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एक भी बाढ़ पीड़ित परिवार राहत राशि से वंचित न हो। उन्होंने कहा कि सभी बाढ़ पीड़ितों को चिन्हित कर उनके खाते में राशि भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अब तक किये गए राहत कार्यो की सभी उपस्थित जनप्रतिनिधयों ने एक स्वर में प्रशंसा किया, परंतु अभी भी प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारियो को ज्यादा मेहनत कर राहत कार्य मे अधिक तेजी लानी होगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के खजाने पर पहला अधिकार बाढ़ पीड़ितों का है। उन्होंने कहा दूसरे जिलों जहाँ बाढ़ का प्रकोप नही है, वहाँ से कुछ डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि 10 दिनों के अंदर सभी महत्वपूर्ण क्षतिग्रस्त सड़को को युद्धस्तर पर मरम्मती कार्य चलाकर आवागमन को चालू करवाये। सावन का महीना को देखते हुए जिन मंदिरों में जलाभिषेक होता है, वहाँ आवागमन शुरू करवाये।
बाढ़ के बाद संभावित बीमारियों से बचाव के लिए जो प्रयास शुरू किए गए है, उन्हें और तेज करें। पशुओं की दवा एवम टीकाकरण की व्यवस्था में कोई कमी नही होनी चाहिये।उन्होंने पशु चारा की भी व्यवस्था की बात कही। उन्होंने कहा कि फसलों की क्षति का आकलन कर फसल सहायता योजना का लाभ भी दिया जाएगा। प्रशासन की पूरी टीम की प्रशंसा करते हुए सभी दलों के उपस्थित जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय सहयोग के लिए भूरी-भूरी प्रशंसा किया। प्रभारी मंत्री सुरेश शर्मा ने भी राहत कार्यो पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा राहत कार्य को सुदूर ग्रामीण क्षेत्रो में और भी प्रभावी रूप में किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी में बड़ा कूड़ा डंपिंग यार्ड का निर्माण होगा, जहाँ पर जैविक खाद भी बनाया जाएगा । स्थानीय सांसद सुनील कुमार पिंटू सहित कई जनप्रतिनिधियों ने पूरे सीतामढ़ी जिला को बाढ़ ग्रस्त जिला घोषित करने की बात उठाई। उन्होंने कहा कि बाढ़ के स्थायी हल निकालना जरूरी है। विधान परिषद के सदस्य एवम वरिष्ठ नेता रामचंद्र पूर्वे ने भी अभी तक प्रशासन द्वारा चलाये गए कार्यो की प्रशंसा किया।अधिकतर जनप्रतिनिधियों ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़को की अविलम्ब मरम्मती, फसल क्षति की भरपाई, नदियो एवम नालों की उड़ाही, बाढ़ उपरांत संभावित बीमारियों से बचाव, डॉक्टरों की कमी आदि को लेकर अपनी अपनी बात रखी।
बैठक में प्रभारी मंत्री सुरेश शर्मा, सीतामढ़ी सांसद सुनील कुमार पिंटू, शिवहर सांसद रमा देवी, डीएम डॉ रणजीत कुमार सिंह, एसपी अनिल कुमार, विधान सभा एवम विधान परिषद के सदस्य रामचंद्र पूर्वे, देवेश चंद्र ठाकुर, दिलीप राय, रंजू, गीता, गायत्री देवी, अबू दुजाना, अमित कुमार टुन्ना, सुनील कुमार कुशवाहा, मंगीता देवी, कांग्रेस के विमल शुक्ला, जदयू के राणा रणधीर सिंह, आरजेडी के शफी खान, सीपीएम के जय प्रकाश राय सहित कई दलों के जनप्रतिनिधि, प्रखंड प्रमुख सहित सभी वरीय पदाधिकारी आदि उपस्थित थे


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