कृषि कार्य हेतु बिजली कनेक्शन के लिए शिविर का आयोजन
अजीत कुमार सिंह, कोटवा।
कृषि सिचाई के लिए विधुत कनेक्शन को लेकर प्रखंड परिसर में बुधवार को शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 58 लोगों ने विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन दिया। सरकार द्वारा बुधवार एवम शनिवार को प्रत्येक प्रखण्ड मुख्यालय में विधुत कनेक्शन हेतु शिविर आयोजित की जा रही है। जिस किसान को बिजली मोटर से सिचाई करना है उनको शिविर में आवेदन पत्र के साथ जहाँ बोरिंग है उस जमीन का दस्तावेज , आधार का छाया कॉपी एवं आवेदक का एक फोटो जमा कराना होगा। ऑफिस स्टॉफ सुमित तिवारी ने बताया कि आवेदन जमा होने के बाद विभाग द्वारा स्थल का जाँच कराया जाएगा।
जिस किसान का बोरिंग बिजली पोल से 50 मीटर के अंदर होंगा , उसको एक सप्ताह के अंदर कनेक्शन दे दिया जाएगा। उससे ज्यादा दूरी होने पर पोल, तार हेतु विभाग को लिखा जाएगा। सामग्री उपलब्ध होते ही दूरी वाले किसान को कनेक्शन दे दिया जायेगा।
हर हाल में दिसम्बर माह तक अभी आवेदक को विद्युत कनेक्शन देना सरकार का लक्ष्य है।
कनीय अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि बिजली आधारित पम्प सेट के माध्यम से सिचाई करने का औसत खर्च डीजल आधारित पम्प सेट से सिचाई करने के खर्च का पांच से दस प्रतिशत ही आता है। जैसे डीजल से सिचाई करने का खर्च 100 रुपये, तो बिजली से सिंचाई का खर्च 5 से 10 रुपए पड़ेंगा । 26 जून तक आयोजित शिविर में प्राप्त आवेदन के आलोक में बिधुत कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य है।
मौके पर जूनियर लाईन मैन तालकेश्वर कुमार,मानव बल मोहम्मद कयामुद्दीन, रामु कुमार,अनिल कुमार, किसान शिव ठाकुर, सुनील कुमार तिवारी, राजकुमार प्रसाद , राजमती देवी,चंदन कुमार महतो मौजूद थे।
कृषि सिचाई के लिए विधुत कनेक्शन को लेकर प्रखंड परिसर में बुधवार को शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 58 लोगों ने विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन दिया। सरकार द्वारा बुधवार एवम शनिवार को प्रत्येक प्रखण्ड मुख्यालय में विधुत कनेक्शन हेतु शिविर आयोजित की जा रही है। जिस किसान को बिजली मोटर से सिचाई करना है उनको शिविर में आवेदन पत्र के साथ जहाँ बोरिंग है उस जमीन का दस्तावेज , आधार का छाया कॉपी एवं आवेदक का एक फोटो जमा कराना होगा। ऑफिस स्टॉफ सुमित तिवारी ने बताया कि आवेदन जमा होने के बाद विभाग द्वारा स्थल का जाँच कराया जाएगा।
जिस किसान का बोरिंग बिजली पोल से 50 मीटर के अंदर होंगा , उसको एक सप्ताह के अंदर कनेक्शन दे दिया जाएगा। उससे ज्यादा दूरी होने पर पोल, तार हेतु विभाग को लिखा जाएगा। सामग्री उपलब्ध होते ही दूरी वाले किसान को कनेक्शन दे दिया जायेगा।
हर हाल में दिसम्बर माह तक अभी आवेदक को विद्युत कनेक्शन देना सरकार का लक्ष्य है।
कनीय अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि बिजली आधारित पम्प सेट के माध्यम से सिचाई करने का औसत खर्च डीजल आधारित पम्प सेट से सिचाई करने के खर्च का पांच से दस प्रतिशत ही आता है। जैसे डीजल से सिचाई करने का खर्च 100 रुपये, तो बिजली से सिंचाई का खर्च 5 से 10 रुपए पड़ेंगा । 26 जून तक आयोजित शिविर में प्राप्त आवेदन के आलोक में बिधुत कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य है।
मौके पर जूनियर लाईन मैन तालकेश्वर कुमार,मानव बल मोहम्मद कयामुद्दीन, रामु कुमार,अनिल कुमार, किसान शिव ठाकुर, सुनील कुमार तिवारी, राजकुमार प्रसाद , राजमती देवी,चंदन कुमार महतो मौजूद थे।

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