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मिडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी का मांग पत्र

घोड़ासहन, पूर्वी चम्पारण। 


मांग पत्र का एक अंश 
पत्रकारों के संगठन मीडिया फॉर बार्डर हॉरमोनी  पत्रकारों के अधिकार मान सम्मान व भारत नेपाल मैत्री को लेकर लगातार विभिन्न तरह का आयोजन करते रहता है। हमारा संकल्प है मजबूत रहे भारत नेपाल बेटी रोटी संबंध । जन प्रतिनिधियों व  भारत नेपाल के पत्रकारों को एक मंच पर लाकर भारत नेपाल मैत्री मजबूती के लिए हम पहल करते रहते हैं । इसी कड़ी में 17 फरवरी 2019 रविवार (फागुन 5 गते 2075) को घोड़ासहन पूर्वी चम्पारण, बिहार (भारत) स्थित ठाकुर राम मथुरा प्रसाद उच्च विद्यालय घोड़ासहन के प्रांगण में भारत-नेपाल मैत्री संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर भारत नेपाल समिट के लिए प्रकाशित ‘रिश्ते’ स्मारिका का विमोचन किया गया। भारत नेपाल मैत्री संवाद के माध्यम से मीडिया फॉर बॉडी हार्मोनी परिवार के लोग कार्यक्रम में शामिल हो रहे आप जनप्रतिनिधि , सामाजिक, राजनीतिक व्यवसायिक संगठन के प्रतिनिधियों व पत्रकार बन्धुओं के माध्यम से भारत व नेपाल  सरकार से मांग करते हैं कि पत्रकारों के अधिकार के साथ दोनों देशों के मैत्री व बेटी रोटी संबंध की मजबुती व नई मुकाम देने के लिए हमारे मांगों को सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए इसे पुरा करने की कृपा कर इसके लिए हमारा संगठन आपका  आभारी रहेंगे।
हमारी मांग
1. भारत नेपाल संबंधों के लिए बनी विशिष्ट जन समुह (इंडो नेपाल इमिनेंट पर्सन ग्रुप) की रिपोर्ट हाल में आयी है जानकारों की माने तो यह रिपोर्ट भारत नेपाल के बीच सदियों पुरानी सांस्कृति सामाजिक बेटी-रोटी के संबंध के विपरीत है। यह रिपोर्ट यदि लागू होता है तो दोनें देशों की दोस्ती में दरार आयेगी। सीमावर्ती क्षेत्र के लोग इस रिपोर्ट का अंदर ही अंदर विरोध कर रहे हैं। पिछले दिनों वीरगंज सीमा पर नागरिकों ने सड़क जाम कर विरोध जताया था। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब भी नेपाल के यात्रा पर रहे तो उन्होंने प्रमुखता से इस बात को कहा है कि भारत और नेपाल की खुली सीमा सेतु है। यह इसे बैरियर न समझा जाय। इस तरह की बात नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली सहित अन्य पूर्व प्रधानमंत्री व नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दल के नेता भी कहते हैं कि भारत-नेपाल की खुली सीमा वरदान व रितश्ते की मिशाल है। वहीं दोनो देश की खुली सीमा विश्वबन्धुत्व का संदेश देता है।  प्रबुद्ध समिति की रिपोर्ट को दोनों देशों की सरकार तत्काल खारिज करे। पुरानी संधि के मुताबिक ही दोनों देशों के नागरिकों की आवाजाही कायम किया जाय इससे ही बेटी-रोटी संबंध को मजबूती मिलेगी। और सीमा पर आतंकी गतिविधि के लिए कोई जगह नहीं मिलेगी। 
2. दोनों देशों के बीच बेटी-रोटी का संबंध इतना मजबूत है कि कोई बाड़ या बैरियर की जरूरत नहीं महसूस की जाती है। फिलहाल यह देखने में आ रहा है कि भारत-बंगलादेश, भारत‘-पाकिस्तान सीमा पर बाड़ लगाया गया है इससे भारत को सुरक्षा पर जबरदस्त खर्च होने के बाद आतंकी गतिविधि की सक्रियता चरम पर है। जबकि नेपाल भारत की सीमा खुली है और दोनों देशों के बीच संबंध मजबुत है जिससे  अपराधी आतंकी दूर-दूर तक कहीं भी नजर नहीं आते। नागरिकों के सहयोग से अपराधी, आतंकी भागे रहते हैं या सुरक्षा बल के गिरफ्त में आते हैं। भारत-नेपाल सीमा खुली होने के कारण दोंनो तरफ के नागरिक एक दूसरे के साथ  सौहार्द के बीच रहते आ रहे है दोनों देशों के लोग साझा पर्व-त्योहार मनाते हैं। भारत नेपाल के करीब 2200 किलोमीटर की खुली सीमा पर सैकड़ों ऐसे स्थान है जहाँ नो-मैंस लैण्ड यानी दस गज के दोनों तरफ सघन बस्ती है बाजार है अगर नेपाल के किसी नागरिक के घर सगे-संबंधी अचानक आ जाते हैं तो वह अपने पड़ोसी देश के नागरिक के घर दस गज पार कर आते हैं और चायपती, आटा-चावल किचेन से अपने घर की तरह उठाकर ले जाते हैं और संबंधी के सामने अपनी प्रतिष्ठा बचाते हैं। यही हाल भारत के नागरिकों का है वह भी अपने पड़ोसी नेपाल के नारगिक के साथ उधार लेनी-देनी नियमित दिनचर्या में शामिल किये हुए हैं। ऐसी परिस्थिति में अगर बाड़ लगायी जाती है या आई.डी. जरूरी कर दी जाय तो  सीमा पर अपराधी व आतंकी गतिविधि मजबूत होगी। इसलिए विशिष्ट जन समुह (इंडो नेपाल इमिनेंट पर्सन ग्रुप) की रिपार्ट तत्काल बेटी-रोटी संबंध के हित में नहीं है। अतः इस रिपोर्ट को खारिज किया जाय। 
3. भारत और नेपाल के बीच मोबाईल कॉल रेट कम किया जाय। आई.एस.डी. के जगह एस.टी.डी. के दायरे में लाया जाय ताकि दोनों देशों के बीच बेटी-रोटी संबंध मजबूत हो।
4. सीमा पर बसे दोनों तरफ के नगरों के बीच संधि के मुताबिक सभी निजी , किराये की सवारी  गाडिय़ों का आवागमन बिना किसी शुल्क व निर्विवाद होना चाहिए ।
5. हाल मे भारतीय कामगारों को नेपाल मे वर्क परमिट की चर्चा हो रही है। जिस तरह से नेपाल में भारतीय मजदूर व नागरिक काम कर रहे हैं उसी तरह से भारत भी लाखों नेपाली नागरिक विभिन्न सेक्टरों में रोजगार करते हैं अपना परिवार चला रहे हैं अगर इस तरह की वर्क परमिट व्यवस्था भारत सरकार करे तो आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बेरोजगारी बढ़ेगी और आतंकवाद हावी होगा। इसलिए तत्काल परमीट व्यवस्था पर नेपाल सरकार विचार करे और रोक लगाए।
6. सीमावर्ती दोनों तरफ के नगरों- गावों की दशा मे सुधार के लिए शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सडकें, को बेहतर बनाया जाय दोनों तरफ के सीमावर्ती बाजारों से  भारत-नेपाल मैत्री बस का परिचालन किया जाय। 
7. भारत नेपाल सीमा पर सौहार्द के लिए दोनों देशों के नागरिकों की समिति बनायी जाय ताकि छोटे-छोटे विवादों का निपटारा हो सके। दूसरी ओर भारत नेपाल के बीच बने विशिष्ट जन समुह (इंडो नेपाल इमिनेंट पर्सन ग्रुप) में भी दोनों देशों की सक्रिय सीमा के नागरिकों सामाजिक संगठनों, पत्रकारों को भी शामिल किया जाय। 
8. सीमा पर तैनात भारत के एस.एस.बी. के जवान अपने व्यवहार में मानवता का ख्याल करे दोनों देशों से आने-जाने वाले नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, संचारकर्मियों व पत्रकारों के साथ बेहतर व्यवहार करें ताकि सीमा पर रहने वाले भारत-नेपाल के नागरिकों के बीच एस.एस.बी के प्रति नकारात्मक छवि न बने। और एस.एस.बी. के जवानों व कैंम्पों को दोनों देशों के नागरिकों के आक्रोश सामना न करना पड़े। दोनों देशों के नागरिक एस.एस.बी. के जवानों का व्यवसहार ऐसा होना चाहिए ताकि उनको नागरिक सम्मान करे और सुरक्षा में सहयोग करे इस तरह का व्यवहार एस.एस.बी. के जवानों व अधिकारियों का होना चाहिए।
9. नेपाल में भारत के सहयोग से चल रही निर्माण कार्य मुख्य रूप से हुलाकी राजमार्ग पुरब-पश्चिम रेलवे निर्माण कार्य, रक्सौल-काठमांडू रेल मार्ग, पेट्रोलियम पाइप लाइन निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्यों की गति में तीव्रता लायी जाय सरकार एक समय सीमा तय करे और समय सीमा के भीतर काम पुरा करे।
10. नेपाल के वीरगंज, सोनौली में बंद चीनी मिल को दोनों देशों की सरकार आपसी सहयोग कर चालू करे ताकि सीमावर्ती क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों की हालत में आर्थिक हालत सुधार हो। 
11. भारत से नेपाल व नेपाल से भारत आने वाले संचारकर्मियों को उनके कैमरा के साथ आवाजाही में एस.एस.बी. व नेपाल सीमा पर लगे नेपाली सेना व पुलिस जवान सहयोग करे उनके साथ आये दिन होने वाले दुर्व्यवहार पर रोक लगनी चाहिए। 

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