बौद्ध महोत्सव का उद्घाटन करते सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने की, मधुरेन्द्र की कलाकृत्ति की सराहना
दिनांक 13 जनवरी 2019 ।
चम्पारण टुडे, न्यूज़ डेस्क।
बोधगया : अंतराष्ट्रीय ज्ञान, मोक्ष और ज्ञान के धरती से प्रसिद्ध गया जिले के बोधगया में शुक्रवार को बौद्ध महोत्सव 2019 का शानदार आगाज हुआ. 11 जनवरी से शुरू हो हुए तीन महोत्सव में पदमश्री सुदर्शन पटनायक की तरह रेत के जादूगर से अपनी पहचान बना चुके बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के घोड़ासहन बनकटवा प्रखंड के बिजबनी गांव निवासी विश्व विख्यात युवा रेत कलाकार मधुरेंद्र अपनी बेहतरीन कला का जौहर बिखेरते हुए सभी वर्ग के लोगों को प्लास्टिक नहीं इस्तेमाल करने की मैसेज किया हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बौद्ध महोत्सव का उद्घाटन करते बिहार के सुदर्शन पटनायक के रूप में मधुरेन्द्र की कलाकृत्ति की प्रशंसा की.
इसके लिए गया जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने सैंड आर्ट की प्रदर्शनी के लिए अनुमति देते मधुरेन्द्र को बधाई दी. इसकी पुष्टी करते वरीय उपसमाहर्ता सह पर्यटन के प्रभारी पदाधिकारी शम्भू शरण पांडेय ने बताया की बोधगया के कालचक्र मैदान में बनें मुख्य सांस्कृतिक पंडाल के बगल में बायीं ओर इनकी कला प्रदर्शन 30/20 का जगह पर रंग अबीर तथा बालू से बनी कलाकृति काफी मनमोहक व संदेशपरक हैं।
वही बालू पर उकेरी गयीं कलाकृति बिहार सरकार के प्लास्टिक बैन व शराब बंदी योजना पर आधारित हैं. जो देश विदेश तथा कई प्रदेशों से आने वाली सैलानियों के स्वागत के लिए बनायीं गयी हैं. यह काफी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. लोग अपने अंदाज में सेल्फी लेते नजर आ रहें है.
बता दे की गुरु गोविंद सिंह के 352वीं जयंती पर राजधानी पटना के टेंट सिटी में स्थित कंगन घाट पर भारत सरकार के योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया हैं. अपनी बेहतरीन कला प्रदर्शन कर बिहार के पर्यटन मंत्री सहित कई वरीय पदाधिकारियो व आम नागरिकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया.
गौरतलब हो की सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र महत्वपूर्ण तिथियों, देश तथा विदेशों में हुए प्राकृतिक घटनाओं व जवलंत विषयों पर तुरंत अपनी कला प्रदर्शन कर समाज को एक नया संदेश देते रहते हैं. वह अपनी रेत कला के बदौलत राज्य के हर बड़े समारोह से लेकर विदेशों में भी पहचान स्थापीत करने में कामयाबी हासिल कर बिहार का नाम अंतराष्ट्रीय फलक पर रौशन की हैं.
मौके पर श्रीलंका, म्यांमार, वियतनाम, कामोडिया, इंडोनेशिया, जापान व नेपाल जैसे शार्क देशों से आये बौद्धिस्ट मेहमानों समेत सैकड़ों स्थानीय आम लोगों ने भी मधुरेन्द्र की कलाकृत्ति की सराहना करते बधाई दी।
चम्पारण टुडे, न्यूज़ डेस्क।
बौद्ध महोत्सव में सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने अनोखें अंदाज में शराब व पॉलीथीन बैन का दिया संदेश
गया डीएम अभिषेक सिंह ने रेत कला की प्रदर्शनी के लिए अनुमति देते मधुरेन्द्र को दी बधाई
बोधगया : अंतराष्ट्रीय ज्ञान, मोक्ष और ज्ञान के धरती से प्रसिद्ध गया जिले के बोधगया में शुक्रवार को बौद्ध महोत्सव 2019 का शानदार आगाज हुआ. 11 जनवरी से शुरू हो हुए तीन महोत्सव में पदमश्री सुदर्शन पटनायक की तरह रेत के जादूगर से अपनी पहचान बना चुके बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के घोड़ासहन बनकटवा प्रखंड के बिजबनी गांव निवासी विश्व विख्यात युवा रेत कलाकार मधुरेंद्र अपनी बेहतरीन कला का जौहर बिखेरते हुए सभी वर्ग के लोगों को प्लास्टिक नहीं इस्तेमाल करने की मैसेज किया हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बौद्ध महोत्सव का उद्घाटन करते बिहार के सुदर्शन पटनायक के रूप में मधुरेन्द्र की कलाकृत्ति की प्रशंसा की.
इसके लिए गया जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने सैंड आर्ट की प्रदर्शनी के लिए अनुमति देते मधुरेन्द्र को बधाई दी. इसकी पुष्टी करते वरीय उपसमाहर्ता सह पर्यटन के प्रभारी पदाधिकारी शम्भू शरण पांडेय ने बताया की बोधगया के कालचक्र मैदान में बनें मुख्य सांस्कृतिक पंडाल के बगल में बायीं ओर इनकी कला प्रदर्शन 30/20 का जगह पर रंग अबीर तथा बालू से बनी कलाकृति काफी मनमोहक व संदेशपरक हैं।
वही बालू पर उकेरी गयीं कलाकृति बिहार सरकार के प्लास्टिक बैन व शराब बंदी योजना पर आधारित हैं. जो देश विदेश तथा कई प्रदेशों से आने वाली सैलानियों के स्वागत के लिए बनायीं गयी हैं. यह काफी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. लोग अपने अंदाज में सेल्फी लेते नजर आ रहें है.
बता दे की गुरु गोविंद सिंह के 352वीं जयंती पर राजधानी पटना के टेंट सिटी में स्थित कंगन घाट पर भारत सरकार के योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया हैं. अपनी बेहतरीन कला प्रदर्शन कर बिहार के पर्यटन मंत्री सहित कई वरीय पदाधिकारियो व आम नागरिकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया.
गौरतलब हो की सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र महत्वपूर्ण तिथियों, देश तथा विदेशों में हुए प्राकृतिक घटनाओं व जवलंत विषयों पर तुरंत अपनी कला प्रदर्शन कर समाज को एक नया संदेश देते रहते हैं. वह अपनी रेत कला के बदौलत राज्य के हर बड़े समारोह से लेकर विदेशों में भी पहचान स्थापीत करने में कामयाबी हासिल कर बिहार का नाम अंतराष्ट्रीय फलक पर रौशन की हैं.
मौके पर श्रीलंका, म्यांमार, वियतनाम, कामोडिया, इंडोनेशिया, जापान व नेपाल जैसे शार्क देशों से आये बौद्धिस्ट मेहमानों समेत सैकड़ों स्थानीय आम लोगों ने भी मधुरेन्द्र की कलाकृत्ति की सराहना करते बधाई दी।

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