Breaking News

!!! घोड़ासहन रेलवे प्लेटफॉर्म पर हो रहा घटिया निर्माण !!!

दिनांक: 13-01-2019 (1)
घोड़ासहन, पूर्वी चम्पारण।

!!! घोड़ासहन रेलवे प्लेटफॉर्म पर हो रहा घटिया निर्माण !!!
!!! आइसा ने दिया आवेदन, काम रूका !!!


आवेदन देने के बाद छात्र नेता 
स्थानीय रेलवे स्टेषन पर हो रहे घटिया निर्माण को लेकर छात्र नेता व आईसा बीआरएबीयू मुजफरपुर के अध्यक्ष मधुसूदन कुमार के द्वारा रेल मंडल प्रबंधक को इसकी षिकायत की गई है। स्थानीय स्टेषन मास्टर के मार्फत दिए षिकायत में अध्यक्ष श्री कुमार द्वारा बताया गया है कि सीमाई क्षेत्र एवं ढाका विधान सभा क्षेत्र का एकलौता महत्वपूर्ण रेलवे स्टेषन घोड़ासहन है। जहां प्लेटफॉर्म का निर्माण विगत कुछ दिनों से कराई जा रही है। लेकिन प्लेटफॉर्म निर्माण कार्य में घटिया ईट का प्रयोग किया जा रहा है। कहीं कहीं पहले से घटिया निर्मित बाउंडरी वाल के ईट का भी प्रयोग किया जा रहा है। जिसको पूर्व के निर्माण में जांच के समय क्रोस (रोक) कर दिया गया था। बालू भी घटिया किस्म का लगाया जा रहा है तथा सीमेंट बालू का अनुपात भी लगभग 8: 1 का है, जो अवैध है।
बताया कि इस घटिया प्लेटफॉर्म का निर्माण किए जाने से ढाका विधान सभा क्षेत्र सहित घोड़ासहन क्षेत्र के लोगों में काफी आक्रोष है।
वहीं इस रेलवे स्टेषन पर निर्माण किए जा रहे प्लेटफॉर्म की ढलाई तथा लगाए जा रहे ईट और बालू-सिमेंट की अनुपात की जांच अविलम्ब अपने स्तर से कर संबंधित विभाग के जिम्मेवार लोगों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
वहीं कहा है कि यदि एक पक्ष (15 दिनों) के अन्दर निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए जांच कर कार्रवाई नही की जाती है, तो ऑल इंडिया स्टूडेंट एषोसियषन (आइसा) के बैनर तले क्षेत्र के जनता के साथ एक बड़े जन आन्दोलन की षुरूआत करेगी। जिसकी सारी जबाबदेही विभागीय अधिकारी की होगी।
संबंधित आईओडब्ल्यू रक्सौल ने बताया कि काम मेरे ही निगरानी में हो रहा है तथा सभी काम ठीक हो रहा है। बाउंड्री के ईट से सोलिंग व इस्तेमाल पर दो दिन पूर्व ही रोक लगा दिया गया था। सिमेन्ट बालू का रेषिओ भी ठीक है।
  इधर स्टेषन मास्टर षम्भु प्रसाद ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। जिसके आलोक में वरीय पदाधिकारी आईओडब्ल्यू के निर्देषानुसार तत्क्षण काम को रोकवा दिया गया है।
अब सवाल उठता है कि क्या आईओडब्ल्यू के निगरानी में ही घटिया निर्माण हो रहा था। यदि नही तो फिर आईओडब्ल्यू के द्वारा ही काम पर क्यो रोक लगाया गया। खेल कहीं घाल-मेल का तो नहीं।

कोई टिप्पणी नहीं

Thanks for your valuable feedback.