कार्तिक पूर्णिमा पर सोनपुर मेले में मधुरेन्द्र ने बनाई, बाबा हरिहरनाथ मंदिर का सौंदर्य दृश्य
चम्पारण टुडे, न्यूज़ डेस्क।
सोनपुर/हाजीपुर : पूर्वी चंपारण के युवा रेत कलाकार मधुरेन्द्र का सैंड आर्ट मेले के पर्यटन विभाग के परिसर में दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। उसने रेत से भगवान विष्णु और शिव के एकांक बाबा हरिहरनाथ की मनमोहक प्रतिमा बनायी है। और इसके जरिए अपनी मूर्तिकला की पहचान स्थापित की है। पर्यटन विभाग के सांस्कृतक पंडाल में प्रवेश करते ही दायीं ओर रेत से बनी यह भव्य कलाकृति दिखाई पड़ती है।
मोहक इतना कि दर्शक उसकी फोटोग्राफी करना जरूरी समझ रहे हैं। बात दे कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कला एवं शिल्प महाविद्यालय, भोजपुर में वह मूर्तिकला का छात्र भी है। गौरतलब हो कि युवा सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र राज्य और राज्य के बाहर कई मेलों, महोत्सवों व सरकारी आयोजनों में सैंड आर्ट और पेंटिंग के नमूने प्रदर्शित कर चुका है। कला की बदौलत उसे राष्ट्रपति सम्मान व दर्जनों से ज्यादा कई पुरस्कार भी मिले हैं, जिससे विश्व पटल पर बिहार ही नही अपितु अपनी मातृभूमि हिंदुस्तान का मान-सम्मान बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहें हैं।
सोनपुर/हाजीपुर : पूर्वी चंपारण के युवा रेत कलाकार मधुरेन्द्र का सैंड आर्ट मेले के पर्यटन विभाग के परिसर में दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। उसने रेत से भगवान विष्णु और शिव के एकांक बाबा हरिहरनाथ की मनमोहक प्रतिमा बनायी है। और इसके जरिए अपनी मूर्तिकला की पहचान स्थापित की है। पर्यटन विभाग के सांस्कृतक पंडाल में प्रवेश करते ही दायीं ओर रेत से बनी यह भव्य कलाकृति दिखाई पड़ती है।
मोहक इतना कि दर्शक उसकी फोटोग्राफी करना जरूरी समझ रहे हैं। बात दे कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कला एवं शिल्प महाविद्यालय, भोजपुर में वह मूर्तिकला का छात्र भी है। गौरतलब हो कि युवा सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र राज्य और राज्य के बाहर कई मेलों, महोत्सवों व सरकारी आयोजनों में सैंड आर्ट और पेंटिंग के नमूने प्रदर्शित कर चुका है। कला की बदौलत उसे राष्ट्रपति सम्मान व दर्जनों से ज्यादा कई पुरस्कार भी मिले हैं, जिससे विश्व पटल पर बिहार ही नही अपितु अपनी मातृभूमि हिंदुस्तान का मान-सम्मान बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहें हैं।

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