राजगीर महोत्सव में आकर्षण का केंद्र बनी मधुरेन्द्र की कलाकृति।
चम्पारण टुडे, न्यूज़ डेस्क।
राजगीर (नालंदा) : पूर्वी चंपारण के युवा प्रख्यात रेत कलाकार मधुरेन्द्र का सैंड आर्ट राजगीर में स्थित इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर परिसर में दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इसे देख बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सराहना करते कहा कि सिर्फ रेत के ढ़ेर पर बालू से विशालकाय भगवान बुद्ध और विश्व शांति स्तूप की मनमोहक प्रतिमा बनायी है- वाह कलाकार महोदय, ये हैं मेरा बिहार यहां कण कण में बसती है ज्ञान। इस कला जरिए मधुरेन्द्र अपनी मूर्तिकला की पहचान स्थापित की है। इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के पशिचमी गेट के बगल से प्रवेश करते ही दायीं ओर रेत से बनी यह भव्य कलाकृति दिखाई पड़ती है।
मोहक इतना कि दर्शक उसकी फोटोग्राफी करना जरूरी समझ रहे हैं। बात दे कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कला एवं शिल्प महाविद्यालय, भोजपुर में वह मूर्तिकला का छात्र भी है। गौरतलब हो कि युवा सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र राज्य और राज्य के बाहर कई मेलों, महोत्सवों व सरकारी आयोजनों में सैंड आर्ट और पेंटिंग के नमूने प्रदर्शित कर चुका है। कला की बदौलत उसे राष्ट्रपति सम्मान व दर्जनों से ज्यादा कई पुरस्कार भी मिले हैं। मौके पर उपस्थित बिहार सरकार के ग्रामीण संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार, पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, जिलाधिकारी डॉ त्याग राजन, पर्यटन विभाग के उप निदेशक श्री प्रकाश, एनडीसी संजय सिंह समेत कई वरीय पदाधिकारियों ने कहा कि मधुरेन्द्र की कलाकृतियां सब विश्व पटल पर बिहार ही नही अपितु अपनी मातृभूमि का मान-सम्मान बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदन दे रहे हैं।
सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने बालू से बनाई, राजगीर की विश्व बुद्ध शांति स्तूप
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधुरेन्द्र की कलाकृति का जमकर की सराहना।
राजगीर (नालंदा) : पूर्वी चंपारण के युवा प्रख्यात रेत कलाकार मधुरेन्द्र का सैंड आर्ट राजगीर में स्थित इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर परिसर में दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इसे देख बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सराहना करते कहा कि सिर्फ रेत के ढ़ेर पर बालू से विशालकाय भगवान बुद्ध और विश्व शांति स्तूप की मनमोहक प्रतिमा बनायी है- वाह कलाकार महोदय, ये हैं मेरा बिहार यहां कण कण में बसती है ज्ञान। इस कला जरिए मधुरेन्द्र अपनी मूर्तिकला की पहचान स्थापित की है। इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के पशिचमी गेट के बगल से प्रवेश करते ही दायीं ओर रेत से बनी यह भव्य कलाकृति दिखाई पड़ती है।
मोहक इतना कि दर्शक उसकी फोटोग्राफी करना जरूरी समझ रहे हैं। बात दे कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कला एवं शिल्प महाविद्यालय, भोजपुर में वह मूर्तिकला का छात्र भी है। गौरतलब हो कि युवा सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र राज्य और राज्य के बाहर कई मेलों, महोत्सवों व सरकारी आयोजनों में सैंड आर्ट और पेंटिंग के नमूने प्रदर्शित कर चुका है। कला की बदौलत उसे राष्ट्रपति सम्मान व दर्जनों से ज्यादा कई पुरस्कार भी मिले हैं। मौके पर उपस्थित बिहार सरकार के ग्रामीण संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार, पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, जिलाधिकारी डॉ त्याग राजन, पर्यटन विभाग के उप निदेशक श्री प्रकाश, एनडीसी संजय सिंह समेत कई वरीय पदाधिकारियों ने कहा कि मधुरेन्द्र की कलाकृतियां सब विश्व पटल पर बिहार ही नही अपितु अपनी मातृभूमि का मान-सम्मान बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदन दे रहे हैं।

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