नेपाल के 'हिन्दू स्वयंसेवक संघ' के संस्थापक व प्रमुख समाजसेवी श्रद्धेय मोहन लाल जी के निधन पर डा.स्वयंभू शलभ ने दी विनम्र श्रद्धांजलि।
रक्सौल से डी. एन.कुशवाहा की रेपोर्ट
रक्सौल:- पड़ोसी देश नेपाल के 'हिन्दू स्वयंसेवक संघ' के संस्थापक व प्रमुख राजपाल समाजसेवी श्रद्धेय मोहन लाल जी के निधन पर रक्सौल के समाजसेवी प्रो.डा.स्वयंभू शलभ ने विनम्र श्रद्धांजलि दी है। साथ ही उन्होंने उक्त महान आत्मा को शत शत नमन किया है। उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान बुधवार को बताया कि मोहन लाल जी ने अपने जीवन काल में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। जिसमें वीरगंज के पशुपति शिक्षा मंदिर, जनजाति कल्याण आश्रम समेत विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की स्थापना शामिल हैं। इतना ही नहीं उन्होंने रक्सौल के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के निर्माण में भी प्रमुख निभायी। अपनी उम्र और स्वास्थ्य की परवाह किये बगैर वे जीवन के अंतिम समय तक सक्रिय होकर समाज की सेवा में लगे रहे। उन्होंने नाम और प्रसिद्धि से दूर रह कर एक निष्काम कर्मयोगी की तरह अपने जीवनपर्यन्त मानवता की सेवा की। ऐसा उदाहरण आज के समाज में मिलना कठिन है।
डा. शलभ ने कहा कि वे हमेशा ही प्रेरणा के श्रोत रहे। भारत-नेपाल से जुड़ी समस्याओं पर उन्हें कई बार चर्चा करने का अवसर मिला था और उन्होंने हमेशा ही मेरा हौसला बढ़ाया, सहयोग किया। उन्होंने कहा कि मोहन लाल जी जैसे व्यक्ति के चले जाने से एक अपूरणीय क्षति हुई है। अंत में डा.शलभ ने शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से उनके दिवंगत आत्मा की शांति व परिजनो को इस पीड़ा से उबारने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।


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