फसल की रखवाली करने गये अधेड़ की पीटकर की गई निर्मम हत्या
डी.एन.कुशवाहा, रामगढ़वा।
पलनवा थाना क्षेत्र के परसौना तपसी गांव में मवेशियों से धान के फसल की रखवाली करना अधेड़ को पड़ा महंगा। फसल को बर्बाद कर रहे मवेशी को हांकते हुए परसौना तपसी गांव निवासी 65 वर्षीय राधाकांत गिरी 31 जुलाई की रात्रि 9:45 बजे जब मवेशी मालिक स्व.रामदेव गिरी के पुत्र अवधेश गिरी तथा सत्यदेव गिरी के तीन पुत्रों कमलेश गिरी ,उमेश गिरी व मनोज गिरी के घर शिकायत करने गए तो उपरोक्त लोगों ने पहले उनके साथ लप्पड़-थप्पड़ किया । उसके बाद ईंट से प्रहार कर दिया ।जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसकी पुष्टि करते हुए थानाध्यक्ष रमण कुमार ने बताया की मवेशी विवाद को लेकर उपरोक्त लोगों के द्वारा मारपीट कर राधाकांत गिरी की हत्या कर दिए जाने की सूचना मिलते मैंने अपने दल -बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के शव को अपने कब्जे में ले लिया व पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिया है।साथ ही उन्होंने बताया कि मृतक के पुत्र नवल किशोर गिरी के आवेदन पर उपरोक्त लोगों के विरुद्ध दफा U/S 302 /34 IPC के तहत कांड संख्या 93/018 दर्ज कर किया गया है। और नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है।
दूसरी तरफ ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक राधा कांत गिरी हार्ट के मरीज थे और उनको किसी भी व्यक्ति के द्वारा मारा-पीटा नहीं गया।सिर्फ गाली-गलौज और हल्ला सुनने के बाद उनका हार्ट अटैक कर गया तथा घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार उनके बदन पर मारपीट का कोई भी खरोच नहीं आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि स्वर्गीय राधाकांत गिरी की मौत हार्ट अटैक करने से हुई या नामजद अभियुक्तों के द्वारा मारपीट करने से हुई।
इस मामले में ग्रामीणों ने एक अहम जानकारी देते हुए बताया कि जिस मवेशी को लेकर विवाद हुआ वह नामजद अभियुक्तों का नहीं था बल्कि आवारा पशु था। वहां के कुछ लोग आवारा बछड़ों को पकड़ कर कसाई के हाथों बेचने का काम करते हैं ।उस दिन भी उस बछड़े को पकड़कर 700 में कसाई के हाथों बिक्री कर दिया गया था।जिसे गाँव का सीमां पाने के लिए बांधकर रखा गया था ।जिसका विरोध करने पर उक्त घटना घटी।
पलनवा थाना क्षेत्र के परसौना तपसी गांव में मवेशियों से धान के फसल की रखवाली करना अधेड़ को पड़ा महंगा। फसल को बर्बाद कर रहे मवेशी को हांकते हुए परसौना तपसी गांव निवासी 65 वर्षीय राधाकांत गिरी 31 जुलाई की रात्रि 9:45 बजे जब मवेशी मालिक स्व.रामदेव गिरी के पुत्र अवधेश गिरी तथा सत्यदेव गिरी के तीन पुत्रों कमलेश गिरी ,उमेश गिरी व मनोज गिरी के घर शिकायत करने गए तो उपरोक्त लोगों ने पहले उनके साथ लप्पड़-थप्पड़ किया । उसके बाद ईंट से प्रहार कर दिया ।जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसकी पुष्टि करते हुए थानाध्यक्ष रमण कुमार ने बताया की मवेशी विवाद को लेकर उपरोक्त लोगों के द्वारा मारपीट कर राधाकांत गिरी की हत्या कर दिए जाने की सूचना मिलते मैंने अपने दल -बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के शव को अपने कब्जे में ले लिया व पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिया है।साथ ही उन्होंने बताया कि मृतक के पुत्र नवल किशोर गिरी के आवेदन पर उपरोक्त लोगों के विरुद्ध दफा U/S 302 /34 IPC के तहत कांड संख्या 93/018 दर्ज कर किया गया है। और नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है।
दूसरी तरफ ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक राधा कांत गिरी हार्ट के मरीज थे और उनको किसी भी व्यक्ति के द्वारा मारा-पीटा नहीं गया।सिर्फ गाली-गलौज और हल्ला सुनने के बाद उनका हार्ट अटैक कर गया तथा घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार उनके बदन पर मारपीट का कोई भी खरोच नहीं आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि स्वर्गीय राधाकांत गिरी की मौत हार्ट अटैक करने से हुई या नामजद अभियुक्तों के द्वारा मारपीट करने से हुई।
इस मामले में ग्रामीणों ने एक अहम जानकारी देते हुए बताया कि जिस मवेशी को लेकर विवाद हुआ वह नामजद अभियुक्तों का नहीं था बल्कि आवारा पशु था। वहां के कुछ लोग आवारा बछड़ों को पकड़ कर कसाई के हाथों बेचने का काम करते हैं ।उस दिन भी उस बछड़े को पकड़कर 700 में कसाई के हाथों बिक्री कर दिया गया था।जिसे गाँव का सीमां पाने के लिए बांधकर रखा गया था ।जिसका विरोध करने पर उक्त घटना घटी।

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