छपरा के लोककलाकार भिखारी ठाकुर की 47वीं पूण्यतिथि मनाई गई
विकास कुमार सारण।
सारण जिले के कुतुबपुर दियरा में जन्मे और अपनी रचनाओं अपने गीत संगीत व नाटकों के माध्यम से सारण जिला का नाम देश स्तर से लेकर विश्व स्तर पर पहुंचाने वाले लोक कलाकार भिखारी ठाकुर की 47वीं पुण्यतिथि पर सारण कला एवं सांस्कृतिक मंच व भिखारी ठाकुर लोक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव,छपरा के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय भिखारी ठाकुर चौक पर ठाकुर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि करके किया गया ! साथ ही मंच के कलाकारों द्वारा भिखारी ठाकुर के लोकप्रिय कालजई रचना विदेशिया...एगो तमाशा की व्यास शैली में संगीतमय प्रस्तुति दी गई! कार्यक्रम के शुरूआत प्रो. डॉ. लाल बाबू यादव,राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष व पूर्व मंत्री उदित राय द्वारा ठाकुर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया गया! प्रो. यादव जी ने कहा कि जिस तरह
से भिखारी ठाकुर ने सारण जिले का नाम राष्ट्रीय फलक पर पहुंचाया, उस तरह से अपने ही घर में भिखारी ठाकुर बेगाने हो गए हैं भिखारी चौक पर लगे भिखारी ठाकुर जी की प्रतिमा भले ही जिला प्रशासन के प्रतिकात्मक चिन्हों में से एक रहा है परंतु आज उनके पुण्यतिथि पर जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्यक्रम नही रखा जाना जबकि जिला प्रशासन के प्रमुख कार्यक्रमो मे शामिल है भिखारी ठाकुर जन्मदिवस व पूण्यतिथि! इसको लेकर स्थानीय लोगो मे काफी नराजगी दिखी! फिर भी भिखारी ठाकुर जी के नाटको को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रस्तुति देने वाले स्थानीय कलाकार उमाशंकर साहु(बटोही), सत्यम सिंह(विदेशी), प्रतिमा नंदन(प्यारी सुंदरी), रंजीत भोजपुरिया(हास्य कलाकार), अमलेन्दु बाबा, संतोष कुमार, दयानिधि व विदेशिया नाटक टीम के सभी कलाकारों ने संगीतमय प्रस्तुति से ठाकुर जी के प्रति श्रद्धांजली अर्पित किया! जिसमे राजेश चंद्र यादव व भिखारी ठाकुर जी के प्रपौत्र राकेश ठाकुर के साथ सैकड़ो नागरिक शामिल रहे!
से भिखारी ठाकुर ने सारण जिले का नाम राष्ट्रीय फलक पर पहुंचाया, उस तरह से अपने ही घर में भिखारी ठाकुर बेगाने हो गए हैं भिखारी चौक पर लगे भिखारी ठाकुर जी की प्रतिमा भले ही जिला प्रशासन के प्रतिकात्मक चिन्हों में से एक रहा है परंतु आज उनके पुण्यतिथि पर जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्यक्रम नही रखा जाना जबकि जिला प्रशासन के प्रमुख कार्यक्रमो मे शामिल है भिखारी ठाकुर जन्मदिवस व पूण्यतिथि! इसको लेकर स्थानीय लोगो मे काफी नराजगी दिखी! फिर भी भिखारी ठाकुर जी के नाटको को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रस्तुति देने वाले स्थानीय कलाकार उमाशंकर साहु(बटोही), सत्यम सिंह(विदेशी), प्रतिमा नंदन(प्यारी सुंदरी), रंजीत भोजपुरिया(हास्य कलाकार), अमलेन्दु बाबा, संतोष कुमार, दयानिधि व विदेशिया नाटक टीम के सभी कलाकारों ने संगीतमय प्रस्तुति से ठाकुर जी के प्रति श्रद्धांजली अर्पित किया! जिसमे राजेश चंद्र यादव व भिखारी ठाकुर जी के प्रपौत्र राकेश ठाकुर के साथ सैकड़ो नागरिक शामिल रहे!


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