स्वच्छ भारत अभियान के तहत उत्तरी दहियावां टोला,छपरा में निजी चंदे से चिल्ड्रेन पार्क का निर्माण।
छपरा से चंपारण टुडे संवाददाता पन्नालाल कुमार की रिपोर्ट
छपरा :- बिधायक फण्ड और नगरपालिका फण्ड की बाट जोहते-जोहते आखिरकार उत्तरी दहियावां टोला के निवासी ने हार कर खुद से कुछ घरों से चंदा वसूल कर बच्चों और बुजुर्ग के लिए एक छोटे से पार्क का निर्माण करना आरम्भ कर दिया।कितने विधायक एवं नेता जब भी वोट के लिए आये या उनसे मिलने के बाद पार्क बनाने का आस्वासन मिला किन्तु अभी तक कोई पहल नही हुई।अंत मे हार कर सभी मुहल्ले के लोगों ने खुद से पार्क बनाने की पहल की जिसमे प्रशांत सिंह का सराहनीय योगदान हो रहा है। साथ- साथ उमेश सिंह,(मैनेजर एस.बी .आई), रणधीर सिंह (रिटायर पेशकार),अजीत सिंह(पेशकार),अवध किशोर मिश्रा(रिटायर मैनेजर,पी एन बी),उमेश सिंह (आर्मी मैन), बिस्वनाथ सिंह (रिटायर अफसर ), संजय शर्मा(हेडमास्टर),राजेश जी (आर्मी मैन),ब्रह्मपुत्र कॉम्प्लेक्स के मालिक... ,राजेश सिंह, ब्रजेश जी, मोनू सर(ऑल स्मार्ट क्लासेज),अंशु, अभिषेक,मीत, मानस, मानव,सन्नी, आर्यन,डॉ रमेश ठाकुर,इत्यादि लोगों ने काफी सहयोग किया जिससे एक सामाजिक कार्य को अंजाम दिया जा रहा है।पहले उसी जगह पे कुरे कचरे का अंबार लगा रह रहा था जिससे आने जाने वालों लोगों एवं मुहल्ले के लोगों को बहुत सारी बीमारियों का भय बना रहता था । अब मुहल्ले वासियों के योगदान से वो जगह अब काफी स्वच्छ एवं साफ सुथरा लगने लगा है।हालांकि पार्क के लिए जगह थोड़ी छोटी पर रही है क्योंकि कुछ लोगों के द्वारा सरकारी जमीन को अवैध कब्जा कर के रखा हुआ है और वो लोग इस सामाजिक काम मे सहयोग नही करना चाहते,अगर सरकारी जमीन कब्जा करने वाले कुछ जमीन छोर दें तो चिल्ड्रन पार्क और भी अच्छे ढंग से तैयार हो जाएगा। चुकी मिट्टी भराई एवं घेराबंदी का काम हो चुका है लेकिन फण्ड के अभाव में पार्क में मूलभूत सुविधाएं जैसे कि बच्चों के झूलने के लिए झूला,पर्यावरण के लिए पेर पौधे इत्यादि का काम अभी धीमी गति पर है ,और अभी भी किसी विधायक, नेतागण या किसी भी गणमान्य सामाजिक व्यक्ति के तरफ किसी भी तरह से फण्ड की बाट जोह रहा है।मुहल्ले के लोगों एवं प्रशांत सिंह का कहना है कि बच्चों,बुजुर्गों एवं स्वच्छता के लिए यह पार्क बन जाने से मुहल्ले के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि होगी एवं किसी भी बच्चों या बुजुर्गों को स्वच्छ हवा या पार्क के लिए मुहल्ले से बाहर नही जाना पड़ेगा।ज्ञात हो कि उत्तरी दहियावां टोला में पहले से एक भी पार्क नही है।इसलिए कुरे कचरे के ढेर को पार्क में तब्दील करना स्वच्छ भारत की एक सराहनीय पहल भी है।

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