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घोड़ासहन:- इंडो-नेपाल बॉर्डर पर इन दिनों तेल का खेल वेखौफ़ चल रहा है.




घोड़ासहन: इंडो-नेपाल बॉर्डर पर इन दिनों तेल का खेल वेखौफ़ चल रहा है.बॉर्डर पर पेट्रोल व डीजल की तस्करी का वजह है नेपाल में इसका सस्ता होना.सीमा से सटे नेपाल के सिमरौनगढ़ में पेट्रोल प्रति लीटर 16 रुपये व डीजल प्रतिलीटर 15 रुपये सस्ते दर पर मिल रहे है.जिसके कारण तस्कर तेल के खेल में अधिक मुनाफा देख वेखौफ़ तेल के तस्करी में जुटे है.सुबह से ही तस्करो का कैरियर तेल का गैलन लेकर बॉर्डर के पार नेपाल के पेट्रोल पम्पो पर जाकर लाइन लगा देते है.उसके बाद बारी बारी से पैदल,साइकिल अथवा बाइक से पेट्रोल व डीजल को लेकर भारतीय सीमा क्षेत्र में पहुंच जाते है.नेपाल से मंगाये गये तेल को बाजार में बेचा जा रहा है.तेल के तस्कर सिमराउंगढ़ के अलावे बंकुल आगारवा रेगनिया अथमुहन , कोरैया, खरसलवा के रास्ते नेपाल से भारतीय सीमा क्षेत्र में दाखिल हो रहे है.सीमा शुल्क कार्यालय के स्थानीय लोगो की माने तो तेल के तस्करी में वैसे वाहन चालक भी शामिल है जो प्रतिदिन घोड़ासहन से सवारी लेकर नेपाल आते जाते है वे अपने टेम्पो आदि वाहनों की टंकी फूल कराकर आते है और उसे यहां खाली कर फिर नेपाल  के बाजार के लिये रवाना हो जाते है. उधर सीमा पर तैनात एसएसबी बटालियन के जवानों ने तीन महीने के भीतर तस्करी के कई लीटर डीजल जब्त किये है.जब्त डीजल नेपाल से भारतीय सीमा क्षेत्र में लाये जा रहे थे.उधर नेपाल से तेल की तस्करी के कारण वहां के पेट्रोल पम्पो पर हमेशा तेल की किल्लत बनी रहती है.सबसे अधिक किसानों को डीजल की कमी झेलनी पड़ रही है.वही भारतीय सीमा क्षेत्र के पेट्रोल पम्पो पर तेल की खपत पहले की अपेक्षा आधी हो गयी है.इसका कारण है नेपाल में सस्ता तेल होने के कारण अधिकांशत लोग तेल के लिये सीमा से चार किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित नेपाल के बाजार के पेट्रोल पंपों पर चले जाते है.अब तो स्थिति यह है कि भारतीय सीमा क्षेत्र से सामान लेकर नेपाल जाने वाली माल वाहक ट्रक के चालक भी लौटते वक्त टंकी फूल कराकर ही लौट रहे है.सीमावर्ती नेपाल  के पेट्रोल पम्पो पर भारतीय नम्बर के वाहनों की लंबी कतार लगी रह रही है ।।

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