AISF सारण जिला इकाई ने शिक्षा सुधार पद यात्रा का स्वागत कर, दिया समर्थन।
पन्नालाल छपरा (सारण)।
बिहार की शिक्षा व्यवस्था सुधार के लिए 12 जून 2018 सिवान से निकला पदयात्रा का जत्था आज 16 जून 2018 को छपरा पहुंची जहां म्युनिसिपल चौक के पास ऑल इण्डिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) सारण जिला इकाई के छात्रों ने जोरदार स्वागत कर समर्थन किया,एवं हर कदम पर साथ देने का वादा किया।जिला सचिव राहुल कुमार यादव ने कहा की बिहार शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के लिए बिहार सरकार पुरी तरह जिम्मेवार है।
AISF की मुख्य मांगें
प्राथमिक से लेकर पीजी तक की शिक्षा चरमरा गई है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमीं है और जो शिक्षक हैं वो ढंग से छात्रों को पढ़ाते नहीं। वहीं जिला सह सचिव राजीव कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा की स्थिति और बेहाल है 3 वर्ष का स्नातक का कोर्स 05 वर्ष में भी फाइनल नहीं हो रहे, जिससे बिहार के आम से लेकर खास तक सभी छात्र-छात्राएँ आर्थिक एवं मानसिक परेशानी झेलने को विवश हैं। सभी लोगों ने एक स्वर में बिहार सरकार को जिम्मेवार ठहराया।
बिहार के मुख्यमंत्री से मिलने पटना जा रहे जत्था के सदस्यों की मांग है की शिक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन हो, सभी सरकारी कर्मचारी, अधिकारी, नेताओं के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़े, कक्षा एक से अंग्रेजी अनिवार्य हो एवं कक्षा 6 से कम्प्यूटर शिक्षा दी जाए, आईआईटी-जेईई में दो ऐटैम्पट नियम खत्म हो, स्नातक 3 वर्ष का कोर्स तीन साल में हीं पुरी हो, सभी सरकारी नौकरियों की परीक्षा शुल्क दो सौ रूपये हो, 12वीं परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों की दोबारा जांच हो, निःशुल्क स्क्रूटनी की व्यवस्था हो, सभी सरकारी नौकरियों की परीक्षा शुल्क मात्र 100 रूपये या दो सौ रूपये हो, बिहार के शिक्षामंत्री एवं बिहार विधालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष तत्काल इस्तीफा दें। अपनी इन सभी मांगों को लेकर पैदल मार्च का यह जत्था पटना तक जायेगी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपनी मांग पत्र सौंपेगी।AISF की मुख्य मांगें
- पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के बच्चे की पढ़ाई सरकारी विद्यालयों में अनिवार्य हो।
- अंग्रेजी पहले कक्षा से अनिवार्य हो।
- कक्षा 6 से कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य हो।
- स्क्रूटनी निःशुल्क हो
प्राथमिक से लेकर पीजी तक की शिक्षा चरमरा गई है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमीं है और जो शिक्षक हैं वो ढंग से छात्रों को पढ़ाते नहीं। वहीं जिला सह सचिव राजीव कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा की स्थिति और बेहाल है 3 वर्ष का स्नातक का कोर्स 05 वर्ष में भी फाइनल नहीं हो रहे, जिससे बिहार के आम से लेकर खास तक सभी छात्र-छात्राएँ आर्थिक एवं मानसिक परेशानी झेलने को विवश हैं। सभी लोगों ने एक स्वर में बिहार सरकार को जिम्मेवार ठहराया।
पद यात्रा पर निकले जत्था का स्वागत करने वालों में जिला कोषाध्यक्ष अमित नयन,राहुला सिंह, राकेश कुमार सिंह, अविनाश उपाध्याय, अनमोल कुमार, विश्वजीत कुमार, अमन कुमार, बब्लू कुमार, विकाश कुमार आदि थे

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