पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले से हलचल ?
पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले से हलचल ?
डी.एन.कुशवाहा, जिला प्रवक्ता पीएसए व पत्रकार प्रेस परिषद् जिलाध्यक्ष पूर्वी चंपारण की रिपोर्ट-
रामगढ़वा-पंजाब नेशनल बैंक के होशो हवास उड़े हुए हैं/ रोज-रोज बैंक के शेयर तेजी से गिर रहे हैं/ उधर ,बैंक घोटाले में संलिप्त होने के आरोप में अपने छोटे- बड़े अधिकारियों को निलंबित कर ताबड़तोड़ कारवाई करने में लगा है/ गजब की बेचैनी /गजब की अफरा-तफरी/ यह अफरा-तफरी देश से विदेश तक है/ देश में अब तक बैंक के 18 छोटे बड़े अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं / दूसरों पर कार्रवाई जारी है/<( उधर, घोटाले के "नायक" बने नीरव मोदी के देश के भीतर अनेक आर्थिक ठिकानों पर लगातार छापामारी का काम जारी है/ अब तक इस छापामारी में उसकी करीब 500 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जप्त की जा चुकी है/ मोदी के देश के बाहर अनेक प्रमुख देशों में फैलेआर्थिक साम्राज्य को भी तलाशा जा रहा है/ अब तक अमेरिका, इंग्लैंड ,हॉन्ग कॉन्ग ,ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड इत्यादि देशों में उसके आर्थिक साम्राज्य के फैले होने की सूचनाएं मिली है/ नीरव मोदी की गिरफ्तारी के लिए लुक आउट नोटिस जारी कर दी गई है/ कल तक उसे स्विट्ज़रलैंड भागने का अंदेशा था/ अब उसके न्यूयॉर्क में होने का सबूत मिल रहा है/ वहां उसके उस मकान का भी पता चला है ,जहां उसके आर्थिक साम्राज्य के कार्यालय हैं /और वही मकान की 1 मंजिल पर उसका परिवार रह रहा है/ उसी शहर में उसके बच्चे पढ़ -लिख रहे हैं/ फिर भी ,यह हो सकता है कि वह गिरफ्तारी के डर से किसी दूसरे देश में भाग गया हो, जिस देश से भारत की प्रत्यर्पण संधि ना हो/( घोटाले के इस खेल का चेहरा कितना डरावना है कि घोटाले के सरदार देश से विदेश तक अपना फलता-फूलता आर्थिक साम्राज्य स्थापित किए हुए हैं /दूसरी तरफ ,बैंक की आर्थिक सेहत बिल्कुल बिगड़ी हुई दिख रही है/ बैंक के शेयर घटने से उसे 3 दिनों के भीतर ही सैकड़ों करोड़ रुपए का घाटा हो चुका है /बैंक की सेहत हांफती- कापती दिखाई दे रही है/ "माल महाराज का, मिर्जा खेले होली" वाली कहावत, यहां सच होती दिख रही है/ बैंक के रुपए जनता के और बैंक के मिलीभगत से होली खेल रहे बड़े पूंजीपति? मिलीभगत से नीरव मोदी जैसे पूंजीपतियों के आर्थिक साम्राज्य स्थापित कराने में भूमिका निभाने वाले बैंक के अधिकारियों ने ही खुद उस बैंक को खोखला बनाने की कोशिश की है ,जिसके सहारे वह अपने जीवन को सुखमय बनाने का सहारा लिया है/ आज बैंक बेहद परेशान हैं और उससे भी ज्यादा परेशान वह सभी नागरिक हैं, जिनके पैसे इस बैंक में जमा हैं/ बड़ी परेशानी सरकार के सामने भी है, क्योंकि लड़खड़ाते बैंकों को आर्थिक मदद सरकार को ही करनी पड़ती है/ इस तरह, कुल मिलाकर इस अरबों के घोटाले का बोझ देश और जनता के माथे पर ही है/ अब देखना है कि अरबों के घोटाले का यह "नायक" कब गिरफ्तार हो कर देश आता है?और कैसे ,उससे उसके अरबों के घोटाले की वापसी होती है? इस पर पूरे देश की निगाहें हैं।
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| अर्जुन भारतीय की फाइल फोटो |
रामगढ़वा-पंजाब नेशनल बैंक के होशो हवास उड़े हुए हैं/ रोज-रोज बैंक के शेयर तेजी से गिर रहे हैं/ उधर ,बैंक घोटाले में संलिप्त होने के आरोप में अपने छोटे- बड़े अधिकारियों को निलंबित कर ताबड़तोड़ कारवाई करने में लगा है/ गजब की बेचैनी /गजब की अफरा-तफरी/ यह अफरा-तफरी देश से विदेश तक है/ देश में अब तक बैंक के 18 छोटे बड़े अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं / दूसरों पर कार्रवाई जारी है/<( उधर, घोटाले के "नायक" बने नीरव मोदी के देश के भीतर अनेक आर्थिक ठिकानों पर लगातार छापामारी का काम जारी है/ अब तक इस छापामारी में उसकी करीब 500 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जप्त की जा चुकी है/ मोदी के देश के बाहर अनेक प्रमुख देशों में फैलेआर्थिक साम्राज्य को भी तलाशा जा रहा है/ अब तक अमेरिका, इंग्लैंड ,हॉन्ग कॉन्ग ,ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड इत्यादि देशों में उसके आर्थिक साम्राज्य के फैले होने की सूचनाएं मिली है/ नीरव मोदी की गिरफ्तारी के लिए लुक आउट नोटिस जारी कर दी गई है/ कल तक उसे स्विट्ज़रलैंड भागने का अंदेशा था/ अब उसके न्यूयॉर्क में होने का सबूत मिल रहा है/ वहां उसके उस मकान का भी पता चला है ,जहां उसके आर्थिक साम्राज्य के कार्यालय हैं /और वही मकान की 1 मंजिल पर उसका परिवार रह रहा है/ उसी शहर में उसके बच्चे पढ़ -लिख रहे हैं/ फिर भी ,यह हो सकता है कि वह गिरफ्तारी के डर से किसी दूसरे देश में भाग गया हो, जिस देश से भारत की प्रत्यर्पण संधि ना हो/( घोटाले के इस खेल का चेहरा कितना डरावना है कि घोटाले के सरदार देश से विदेश तक अपना फलता-फूलता आर्थिक साम्राज्य स्थापित किए हुए हैं /दूसरी तरफ ,बैंक की आर्थिक सेहत बिल्कुल बिगड़ी हुई दिख रही है/ बैंक के शेयर घटने से उसे 3 दिनों के भीतर ही सैकड़ों करोड़ रुपए का घाटा हो चुका है /बैंक की सेहत हांफती- कापती दिखाई दे रही है/ "माल महाराज का, मिर्जा खेले होली" वाली कहावत, यहां सच होती दिख रही है/ बैंक के रुपए जनता के और बैंक के मिलीभगत से होली खेल रहे बड़े पूंजीपति? मिलीभगत से नीरव मोदी जैसे पूंजीपतियों के आर्थिक साम्राज्य स्थापित कराने में भूमिका निभाने वाले बैंक के अधिकारियों ने ही खुद उस बैंक को खोखला बनाने की कोशिश की है ,जिसके सहारे वह अपने जीवन को सुखमय बनाने का सहारा लिया है/ आज बैंक बेहद परेशान हैं और उससे भी ज्यादा परेशान वह सभी नागरिक हैं, जिनके पैसे इस बैंक में जमा हैं/ बड़ी परेशानी सरकार के सामने भी है, क्योंकि लड़खड़ाते बैंकों को आर्थिक मदद सरकार को ही करनी पड़ती है/ इस तरह, कुल मिलाकर इस अरबों के घोटाले का बोझ देश और जनता के माथे पर ही है/ अब देखना है कि अरबों के घोटाले का यह "नायक" कब गिरफ्तार हो कर देश आता है?और कैसे ,उससे उसके अरबों के घोटाले की वापसी होती है? इस पर पूरे देश की निगाहें हैं।

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