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रामगढ़वा:पुण्यतिथि पर याद किए गए पंडित दीनदयाल उपाध्याय

पुण्यतिथि पर याद किए गए पंडित दीनदयाल उपाध्याय
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की फाइल फोटो
डी.एन.कुशवाहा,जिला प्रवक्ता पीएसए व पत्रकार प्रेस परिषद् जिलाध्यक्ष पूर्वी चंपारण
रामगढ़वा:एकात्मवाद के उद्घोषक एवं पोषक पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय की पुण्यतिथि पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है।पंडित दीनदयाल जी जनसंघ की स्थापना के बाद उसे जमीनी स्तर देने वाले सबसे कुशल एवं सशक्त नेता थे। उन्होंने अपने नेतृत्व की कुशल छाया में जनसंघ के विस्तार तथा मजबूती देने का सफल अभियान चलाया था। लेकिन ,दुर्भाग्य  यह कि उनके  प्रभावी अभियान  के एक -डेढ़ वर्षों के अंदर ही वे इस दुनिया को छोड़ कर चले गए। यह उनका राजनीतिक पक्ष है।पंडित दीनदयाल जी पत्रकारिता के भी पंडित थे। उन्होंने अपनी योग्यता के अनुरूप संघ एवं पार्टी के सिद्धांत और उसके उद्देश्यों के प्रचार-प्रसार की मजबूती के लिए कई स्तरीय पत्र-पत्रिकाओं,जिसमें "राष्ट्र धर्म" एवं "पाञ्चजन्य" प्रमुख है, का सफलतापूर्वक प्रकाशन  कराया। इस तरह पंडित दीनदयाल जी ने राजनीति तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अमिट पहचान बनाई। वह पहचान आज भी जिंदा है । इतना ही नहीं, उनके मार्गदर्शन से पार्टी आज भी ऊंचाइयों की तरफ बढ़ रही है। पंडित दीनदयाल जी का एकात्मवाद का सिद्धांत आज भी उसी तरह ताजा एवं जिंदा है। एकात्मवाद की आत्मा में समाज के सबसे अंतिम कतार के लोगों के उद्धार करने के मकसद रसे -बसे हैं। यही पंडित दीनदयाल जी की तपस्वी आकांक्षा रही थी ।तसल्ली है कि उनकी उस आकांक्षा को पार्टी गति एवं मूर्त रुप देने में लगी है। सादगीपूर्ण जीवन, उत्तम विचार एवं व्यवहार में सालीनता जीने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें हमारा नमन! श्रद्धांजलि!!- अर्जुन भारतीय,

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