रामगढ़वा:विश्व बिरादरी से अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान:-अर्जुन भारतीय
विश्व बिरादरी से अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान:-अर्जुन भारतीय
रामगढ़वा से डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट-
रामगढ़वा : इन दिनों पाकिस्तान को गजब की बेचैनी बढ़ गई है । वहीं रोज-रोज भारतीय सीमा पर सीजफायर करने में मशगूल है। उसकी बेहूदी हरकत सीमा पर रविवार को दिनभर जारी रही और अंधाधुंध फायरिंग होती रही। यह सिलसिला 5 दिनों से जारी है। पाकिस्तानी सेना की सनकी फायरिंग में 5 भारतीय सैनिक तथा 15 नागरिक मारे जा चुके हैं। उक्त बातें अर्जुन भारतीय,सदस्य ,हिंदी सलाहकार समिति, केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने प्रेस वार्ता के दौरान सोमवार को कही।उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना अपनी हरकत की सीमा पार कर रही है। भारत की सरकार लगातार उसको चेताते जा रही है। वह ऐसा शैतान है ,जो मानता ही नहीं। उसका आतंकी कनेक्शन जगजाहिर है। उसकी बौखलाहट का एक कारण उसका आंतरिक असंतोष -विरोध भी है। पंजाब से सिंध तक विरोध की आग लगी है ।उन क्षेत्रों में नागरिकों पर दमनचक्र चल रहा है। किंकर्तव्यविमूढ़ पाकिस्तान "सांप -छछूंदर" की स्थिति में जी रहा है। विश्व बिरादरी , खासकर अमेरिका ने "धोखेबाज "एवं "गद्दार" बताकर बड़ी वित्तीय मदद बंद कर उसकी परेशानी परवान पर चढ़ा दिया है। इन कारणों से पाकिस्तान का विश्वास विश्व- बिरादरी से उचट गया है । जबकि हकीकत बिल्कुल अलग है । विश्व -बिरादरी ने उसे अलग-थलग नहीं किया है ।वह खुद अपने आतंकी कनेक्शन में गहरे रूप से रम जाने के कारण अलग-थलग पड़ा है ।आतंकियों को पनाह दे कर देश में तथा अफगानिस्तान में आतंकवाद के "सांप को दूध" पिलाना उसकी मुसीबत को और गंभीर बनाया है।आतंकवाद उसकी फितरत में ही रचा-बसा है।"एक करायला अपने तीत, ऊपर से नीम" वाली कहावत चरितार्थ करते हुए चीन परोक्ष -अप्रत्यक्ष रूप से तथा कुछ छिपेरूप में रूस भी, पाकिस्तान को मदद देने की भूमिका में है ।यही कारण है कि भारतीय सीमा व कश्मीर में "आतंकी दानव" पालने- पोसने में पाकिस्तान रात-दिन मशगूल है। कश्मीर में विफल होती उसकी रणनीति तथा मुख्यधारा में कश्मीरी नौजवानों के जुड़ते जाने से उसकी बेचैनी बढ़ती जा रही है ।भारत के अंदर , खासकर ऐतिहासिक मौके,जैसे स्वाधीनता दिवस, गणतंत्रता दिवस के समय पाकिस्तान एवं उसके आतंकी जमात विध्वंसक कार्रवाई को अंजाम देने की ताक में टकटकी लगाए रहती है। गणतंत्र दिवस के करीब होने पर पाकिस्तानी आतंकी जमात इस बार भी "विध्वंसक कार्रवाई" की फिराक में है।शुक्र कहिए कि कल ही इंडियन मुजाहिदीन का सरगना सुभान पकड़ा गया। जिसकी गिरफ्तारी के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां फिराक में थी।सुभान गणतंत्र दिवस पर किसी बड़े आतंकी कार्रवाई को अंजाम देकर देश को दहलाना चाहता था ।पाकिस्तान की शैतानी फितरत? चेतो पाकिस्तान ?सुधरो पाकिस्तान??विश्व बिरादरी से अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान,अब भी समय है,सुधर जाओ,नहीं विश्व पटल से तुम्हारा नामोनिशान मीट जाएगा।
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| अर्जुन सिंह भारतीय ,सदस्य, हिंदी सलाहकार समिति एवं कृषि कल्याण मंत्रालय भारत सरकार |
रामगढ़वा : इन दिनों पाकिस्तान को गजब की बेचैनी बढ़ गई है । वहीं रोज-रोज भारतीय सीमा पर सीजफायर करने में मशगूल है। उसकी बेहूदी हरकत सीमा पर रविवार को दिनभर जारी रही और अंधाधुंध फायरिंग होती रही। यह सिलसिला 5 दिनों से जारी है। पाकिस्तानी सेना की सनकी फायरिंग में 5 भारतीय सैनिक तथा 15 नागरिक मारे जा चुके हैं। उक्त बातें अर्जुन भारतीय,सदस्य ,हिंदी सलाहकार समिति, केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने प्रेस वार्ता के दौरान सोमवार को कही।उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना अपनी हरकत की सीमा पार कर रही है। भारत की सरकार लगातार उसको चेताते जा रही है। वह ऐसा शैतान है ,जो मानता ही नहीं। उसका आतंकी कनेक्शन जगजाहिर है। उसकी बौखलाहट का एक कारण उसका आंतरिक असंतोष -विरोध भी है। पंजाब से सिंध तक विरोध की आग लगी है ।उन क्षेत्रों में नागरिकों पर दमनचक्र चल रहा है। किंकर्तव्यविमूढ़ पाकिस्तान "सांप -छछूंदर" की स्थिति में जी रहा है। विश्व बिरादरी , खासकर अमेरिका ने "धोखेबाज "एवं "गद्दार" बताकर बड़ी वित्तीय मदद बंद कर उसकी परेशानी परवान पर चढ़ा दिया है। इन कारणों से पाकिस्तान का विश्वास विश्व- बिरादरी से उचट गया है । जबकि हकीकत बिल्कुल अलग है । विश्व -बिरादरी ने उसे अलग-थलग नहीं किया है ।वह खुद अपने आतंकी कनेक्शन में गहरे रूप से रम जाने के कारण अलग-थलग पड़ा है ।आतंकियों को पनाह दे कर देश में तथा अफगानिस्तान में आतंकवाद के "सांप को दूध" पिलाना उसकी मुसीबत को और गंभीर बनाया है।आतंकवाद उसकी फितरत में ही रचा-बसा है।"एक करायला अपने तीत, ऊपर से नीम" वाली कहावत चरितार्थ करते हुए चीन परोक्ष -अप्रत्यक्ष रूप से तथा कुछ छिपेरूप में रूस भी, पाकिस्तान को मदद देने की भूमिका में है ।यही कारण है कि भारतीय सीमा व कश्मीर में "आतंकी दानव" पालने- पोसने में पाकिस्तान रात-दिन मशगूल है। कश्मीर में विफल होती उसकी रणनीति तथा मुख्यधारा में कश्मीरी नौजवानों के जुड़ते जाने से उसकी बेचैनी बढ़ती जा रही है ।भारत के अंदर , खासकर ऐतिहासिक मौके,जैसे स्वाधीनता दिवस, गणतंत्रता दिवस के समय पाकिस्तान एवं उसके आतंकी जमात विध्वंसक कार्रवाई को अंजाम देने की ताक में टकटकी लगाए रहती है। गणतंत्र दिवस के करीब होने पर पाकिस्तानी आतंकी जमात इस बार भी "विध्वंसक कार्रवाई" की फिराक में है।शुक्र कहिए कि कल ही इंडियन मुजाहिदीन का सरगना सुभान पकड़ा गया। जिसकी गिरफ्तारी के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां फिराक में थी।सुभान गणतंत्र दिवस पर किसी बड़े आतंकी कार्रवाई को अंजाम देकर देश को दहलाना चाहता था ।पाकिस्तान की शैतानी फितरत? चेतो पाकिस्तान ?सुधरो पाकिस्तान??विश्व बिरादरी से अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान,अब भी समय है,सुधर जाओ,नहीं विश्व पटल से तुम्हारा नामोनिशान मीट जाएगा।

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