रक्सौल को एकअदद ट्रेन चाहिए रेल मंत्री जी :- अर्जुन भारतीय
रक्सौल को एकअदद ट्रेन चाहिए रेल मंत्री जी :- अर्जुन भारतीय
रामगढ़वा से डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट-
रामगढ़वा :- केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्रालय में हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य अर्जुन भारतीय ने रविवार को दोबारा रेल मंत्री को पत्र लिखकर सीमा क्षेत्र एवं पड़ोसी देश नेपाल के हजारों यात्रियों की रोज -रोज की कठिनाइयों के मद्देनजर जिला मुख्यालय मोतिहारी से शाम 5 से 6 बजे के बीच एक ट्रेन अंतर्राष्ट्रीय शहर व नेपाल के प्रमुख प्रवेश द्वार रक्सौल के लिए चलवाने की मांग की है। उन्होंने दो महीने पहले लिखी अपनी चिट्ठी का उल्लेख करते हुए कहा है कि इस बड़े इलाके से रोज-रोज हजारों यात्री जिला मुख्यालय मोतिहारी जाते हैं। रक्सौल से मोतिहारी जाने की ट्रेन तो मिल जाती है ।लेकिन मोतिहारी से लौटने में सबकी नानी याद आ जाती है। क्योंकि उधर से रक्सौल आने के लिए दिन में 12 बजे के बाद रात्रि में 10 बजे के करीब ट्रेन मिलती है । इस कड़ाके की ठंड में यात्रियों का क्या हाल होता होगा इसका बखूबी अंदाजा लगाया जा सकता है। एक दशक पूर्व से ही मोतिहारी कोर्ट कचहरी जाने वाले लोगों एवं आम यात्रियों को शाम का गरम-गरम भोजन नसीब नहीं हो रहा है । रोज-रोज और सालों भर की इस कठिनाई से यात्री बहुत अधिक परेशान हो चुके हैं। दूसरी तरफ बोल्डरवा से रक्सौल तक एनएच 28 ए ( 527 डी) की जर्जर स्थिति की वजह से दो पहिया या चार पहिया वाहन चालकों को दिल्ली-काठमांडू को जोड़ने वाली इस मुख्य पथ पर यात्रा करने के पूर्व ही यात्रियों की रूह कांप जाती है। ऐसी परिस्थिति से निजात पाने के लिए श्री भारतीय ने रेल मंत्री से उक्त ट्रेन चलाने की माँग की है ।
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| अर्जुन सिंह भारतीय ,सदस्य, हिंदी सलाहकार समिति एवं कृषि कल्याण मंत्रालय भारत सरकार |
रामगढ़वा :- केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्रालय में हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य अर्जुन भारतीय ने रविवार को दोबारा रेल मंत्री को पत्र लिखकर सीमा क्षेत्र एवं पड़ोसी देश नेपाल के हजारों यात्रियों की रोज -रोज की कठिनाइयों के मद्देनजर जिला मुख्यालय मोतिहारी से शाम 5 से 6 बजे के बीच एक ट्रेन अंतर्राष्ट्रीय शहर व नेपाल के प्रमुख प्रवेश द्वार रक्सौल के लिए चलवाने की मांग की है। उन्होंने दो महीने पहले लिखी अपनी चिट्ठी का उल्लेख करते हुए कहा है कि इस बड़े इलाके से रोज-रोज हजारों यात्री जिला मुख्यालय मोतिहारी जाते हैं। रक्सौल से मोतिहारी जाने की ट्रेन तो मिल जाती है ।लेकिन मोतिहारी से लौटने में सबकी नानी याद आ जाती है। क्योंकि उधर से रक्सौल आने के लिए दिन में 12 बजे के बाद रात्रि में 10 बजे के करीब ट्रेन मिलती है । इस कड़ाके की ठंड में यात्रियों का क्या हाल होता होगा इसका बखूबी अंदाजा लगाया जा सकता है। एक दशक पूर्व से ही मोतिहारी कोर्ट कचहरी जाने वाले लोगों एवं आम यात्रियों को शाम का गरम-गरम भोजन नसीब नहीं हो रहा है । रोज-रोज और सालों भर की इस कठिनाई से यात्री बहुत अधिक परेशान हो चुके हैं। दूसरी तरफ बोल्डरवा से रक्सौल तक एनएच 28 ए ( 527 डी) की जर्जर स्थिति की वजह से दो पहिया या चार पहिया वाहन चालकों को दिल्ली-काठमांडू को जोड़ने वाली इस मुख्य पथ पर यात्रा करने के पूर्व ही यात्रियों की रूह कांप जाती है। ऐसी परिस्थिति से निजात पाने के लिए श्री भारतीय ने रेल मंत्री से उक्त ट्रेन चलाने की माँग की है ।

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