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एनएच 28 A निर्माण मामले में एनएचएआई ने पीएमओ को दिया स्पष्टीकरण

एनएच 28 A निर्माण मामले में एनएचएआई ने पीएमओ को दिया स्पष्टीकरण

तांतिया निर्माण कंपनी का ठेका रद्द कर मोटरेबल बनाने की निविदा निकाली गई

मरम्मती का कार्य जनवरी के द्वितीय सप्ताह से संभावित
सड़क नही बनने से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक
डी एन कुशवाहा की रिपोर्ट
रामगढ़वा:विगत सात वर्षों से चल रहे एनएच-28 ए (527 D) टू लेन पीपराकोठी रक्सौल खंड निर्माण के संबंध में समाजसेवी डा. स्वयंभू ने मंगलवार को एक भेंट वार्ता के दौरान रामगढ़वा में बताया कि उनके द्वारा उक्त मामले में पीएमओ में दर्ज परिवाद के आलोक में एनएचएआई ने स्टेटस
पूर्व में हुई दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी
रिपोर्ट के साथ अपना स्पष्टीकरण दिया है।
यह जानकारी पीएमओ द्वारा डा. शलभ को मेल भेजकर दी गई है।एनएचएआई द्वारा बताया गया है कि स्वतंत्र अभियंता द्वारा ठेका को रद्द करने का अनुशंसा पत्र 20.11.2017 को क्षेत्रीय अधिकारी के माध्यम से आगे की कार्यवाही हेतु प्रधान कार्यालय एनएचएआई, नई दिल्ली को भेजा जा चुका है।
कुल परियोजना पथ की लंबाई 68.491 किमी है। जिसमें लगभग 46 किमी. सड़क बनाई जा चुकी है। शेष बचे हुए मौजूदा पथ को मोटरेबल बनाने के लिए एनएचएआई द्वारा निविदा निकाली गई है। परियोजना पथ की मरम्मती का कार्य जनवरी के द्वितीय सप्ताह से संभावित है।
पूर्व में हुई दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियां
एनएचएआई द्वारा इस सड़क खंड का स्टेटस रिपोर्ट देते हुए बताया गया है कि इस कार्य को पूर्ण करने की तिथि 8.4.2014 थी परन्तु तांतिया निर्माण कंपनी निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूरा नहीं कर सकी। इस कंपनी को प्रथम द्वितीय एवं तृतीय समयावधि विस्तार क्रमशः 7.3.2015, 31.3.2016 एवं 30.6.2017 तक दिया गया।
संपूर्ण लंबाई में भूमि की उपलब्धता होने के बावजूद कार्य की प्रगति कभी भी संतोषजनक नहीं पाई गई एवं परियोजना उच्च पथ का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं पाया गया। रियायतग्राही के इस चूक के कारण उन्हें क्योर पीरियड नोटिस 15.9.2017 को 60 दिन के अंदर सभी चूक को सुधार करने हेतु जारी किया गया। यह समय सीमा भी 14 नवंबर को समाप्त हो गई है।
सड़क की जर्जर स्थिति
विदित है कि डा. शलभ ने यहां के लोगों की पीड़ा और इस सड़क के निर्माण कार्य की जमीनी सच्चाई को समझते हुए तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई किये जाने की मांग पीएमओ से की थी। गौरतलब है कि इस सड़क के बोल्डरवा से लेकर रक्सौल तक आये दिन दुर्घटनाएँ होती रहती है।इन 7 वर्षों के अन्दर में इस जर्जर सड़क पर दर्जनों दुर्घटनाएँ हो चुकी है। जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग सड़क दुर्घटना में अपाहिज हो चुके हैं। वर्तमान में गन्ने का सीजन चल रहा है। उक्त सड़क से सुगौली चिनी मील में गन्ना पहुचाने वाले किसानों के हमेशा कलेजे पर ही हाथ रहता है। क्योंकि कोई ऐसा दिन है जिस दिन गन्ने से लदा हुआ ट्रैक्टर व ट्रक नहीं उल्टे। इतना ही नहीं NH 28 ए
पूर्व से ही हमेशा रहती हैं जाम की स्थिति
पर कहीं-कहीं इतना धूल-कण उड़ रहा है कि दिन में ही अंधेरा जैसे दिख रहा है । जिसके चलते भी दुर्घटनाएं हो रही हैं। सड़क की खराबी की वजह से आए दिन जाम भी लगा रहता है ।अभी हाल ही में जाम के चलते रक्सौल में तीन तीन दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें ट्रक की चपेट में आने से माँ बेटे की मौत, दो स्कूली छात्रों की मौत ,टेम्पू चालक की मौत शामिल हैं।अभी 5 दिन पूर्व ट्रक की चपेट में आने से जवाहिर दास की पत्नी बेबी देवी ने अपने दोनों पैर को गंवा चुकी है। हालाँकि चिकित्सकों ने अभी एक ही पैर काटा है। दूसरे पैर को बचाने की कोशिश जारी है। बेबी देवी का उपचार डंकन अस्पताल रक्सौल में चल रहा है।
सड़क पर जाम की तस्वीर

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