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रामगढ़वा:अश्लील गानों पर थिरकती रही नर्तकियां व जश्न मनाते रहे पूजा समिति के सदस्य

*प्रतिमा विसर्जन में अश्लील गानों से हो रहा है संस्कार का पतन:-संजय दास*
*माँ सरस्वती की प्रतिमा विसर्जन में अश्लील गानों की रही धूम*
*अश्लील गानों पर थिरकती रही नर्तकियां व जश्न मनाते रहे पूजा समिति के सदस्य*
रामगढ़वा से डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट-
रामगढ़वा :- चाहे गणेश पूजा ,दुर्गा पूजा, विश्वकर्मा पूजा या सरस्वती पूजा हो । इन सभी पूजाओं में स्थापित देवी- देवताओं की प्रतिमा विसर्जन में अश्लील गानों एवं नर्तकियों का प्रदर्शन करना एक रिवाज बनता जा रहा है। जिससे पश्चिमी सभ्यता की आहट दिखाई दे रही है । जो हमारे समाज

मूर्ति विसर्जन में डांस करते बच्चे
के लिए अभिशाप साबित हो रहा है।इस गलत प्रचलन से समाज व भावी पीढ़ी का संस्कार खतरे में है। इसी अश्लील गानों का ही परिणाम है कि अच्छे-भले तथा शांतिप्रिय परिवार की बहू-बेटियां और लड़के दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं । जिसका खामियाजा परिजनों को भुगतना पड़ रहा है । आए दिन देखने को मिलता है कि स्कूल-कॉलेज कि कुछ भोली-भाली लड़कियाँ इसके प्रभाव में पड़कर अपने माँ-बाप के सपनों को चकनाचूर कर रही हैं। जिससे परिजनों का नींद हराम हो जा रहा है। कहीं-कहीं तो दगाबाज प्रेमियों के द्वारा अपनी प्रेमिका के साथ नाजायज स्वार्थ-सिद्धि के बाद उसकी हत्या कर दी जा रही है । इसका ज्वलंत उदाहरण है ही में रामगढ़वा रेलवे स्टेशन के सामने की घटना।
6 जनवरी की अहले सुबह रामगढ़वा स्टेशन के सामने सोती के किनारे मटखोना से एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ था।जिसका उद्भभेदन स्थानीय पुलिस ने 9 दिनों के अन्दर  करते हुए रक्सौल के भरतमही गाँव निवासी चरन दास की 24 वर्षीय पुत्री अंतिमा के रूप में की और मौत के सौदागर व हत्यारे आशिक तथा थाना क्षेत्र के बेलासपुर गाँव निवासी शेख वकील मियाँ के पुत्र शेख सैदुल्लाह मियाँ को गिरफ्तार कर कांड संख्या 5/018 के तहत जेल भेज दिया था। इस बाबत आइडियल पब्लिक स्कूल रामगढ़वा के निदेशक सह संगीतज्ञ संजय दास ने कहा कि यदि प्रशासन चाह ले तो किसी भी कार्यक्रम व देवी-देवताओं के प्रतिमा विसर्जन में अश्लील गानों एवं नर्तकियों के निर्लज प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाकर भावी पीढ़ियों को कुपथ पर जाने से बचाई जा सकती है।



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