स्वच्छता व मानव श्रृंखला को लेकर डीएम रमन कुमार के नेतृत्व में सभी सरकारी कर्मचारियों की हुई बैठक
डी एन कुशवाहा की रिपोर्टिंग
रामगढ़वा:स्वच्छता अभियान को लेकर ई.किसान भवन रामगढ़वा के सभागार में बुधवार को डीएम रमण कुमार के नेतृत्व में रक्सौल एसजीएम श्री प्रकाश की उपस्थिति में प्रखंड के सभी सरकारी कर्मचारियों की बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने पूछा कि बैठक में कितने ग्रामसेवक उपस्थित हैं ? तुरंत 4 ग्रामसेवक खड़े हो गए। 4 ग्राम सेवकों को खड़ा होते देख डीएम भड़क गए और उन्होंने कहा यही बात है,यही हमलोगों को बदलना होगा। इतने लोगों में मात्र चार ही अपने को ग्रामसेवक बता रहे हैं।ये लोग तो पद
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| रामगढ़वा ई किसान भवन में स्वच्छता अभियान को संबोधित करते हुए पूर्वी चंपारण के डीएम रमण कुमार |
से ग्रामसेवक है। बाकी सब लोग बाबू है ? हम सबको ग्राम सेवक बनना पड़ेगा और अपने आप से सवाल करना होगा कि क्या हम अपने कार्यो से ग्रामसेवक हैं? उपस्थित लोगों को फटकार लगाते हुए डीएम ने कहा कि इतने लोगों के रहते इतनी बड़ी आबादी क्यों सड़क पर पैखाना करने जा रही है ? उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए हम सबों को ग्राम सेवक बनना पड़ेगा गांव-गांव व घर-घर में जाकर लोगों को बताना पड़ेगा कि खुले में शौच करने से कितनी बीमारियां उत्पन्न होती हैं ? उन्होंने कहा कि लोगों को समझाकर और दबाव देकर उनके घरों में शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित करना होगा और हर हाल में उन्हें बाहर शौच करने से मना करना होगा। तभी चंपारण खुले से शौच मुक्त हो
सकता है।रामगढ़वा प्रखंड में स्वच्छता अभियान की दयनीय स्थिति को देखते हुए डीएम ने सभी कर्मचारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा की राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने विगत 100 वर्ष पहले अपनी पुस्तक में लिखा है कि गाँव के उद्धार में अगर सफाई न आवे तो हमारे गाँव कचरे के घुरे जैसे हो जाएगा । गाँव की सफाई का सवाल प्रजा के जीवन का अभिभाज्य अंग है । यह प्रश्न जितना आवश्यक है उतना ही कठिन भी है । दीर्घ काल से जिस अस्वच्छता की आदत हमें पड़ गई है, उसको दूर करने के लिए महान पराक्रम की आवश्यकता है। जो सेवक ग्राम के सफाई का शास्त्र नहीं जानता ,खुद भंगी का काम नहीं कर सकता, वह गांव की सेवा
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| बैठक में उपस्थित सरकारी कर्मचारियों की तस्वीर |
के लायक नहीं बन सकता। उन्होंने बापू की दूसरी पुस्तक का जिक्र करते हुए बताया कि बापू ने अपनी दूसरी पुस्तक में लिखा है कि मुझे कुछ कड़वे अनुभव भी हुए, मैंने देखा कि स्थानीय सरकार से अधिकारों की मांग करने में जितनी सरलता से मैं अपने समाज की सहायता कर सकता था ,उतनी सरलता से लोगों से उसके कर्तव्य का पालन कराने में गाँव में सहायता प्राप्त न कर सका । कुछ जगहों पर मेरा अपमान किया जाता ,कुछ जगहों पर विनयपूर्वक उपेक्षा का परिचय दिया जाता । गंदगी साफ करने के लिए कष्ट उठाना, उन्हें बहुत अखड़ता था । लोगों से कुछ भी काम कराना हो तो धीरज रखना चाहिए । यह पाठ मैंने अच्छी तरह से सीख लिया था ।सुधार की गरज तो सुधारक की अपनी होती है । जिस समाज में वह सुधार करना चाहता है उसे तो उसे तो उसको विरोध का ,तिरस्कार का और प्राणों की संकट की भी आशा रखनी चाहिए । सुधारक जिसे सुधार मानता समाज उसे बिगाड़ क्यों न माने, और अगर बिगाड़ न भी माने तो उसके प्रति उदासीन क्यों न रहे ? लेकिन इस आंदोलन का परिणाम यह हुआ कि भारतीय समाज में ,गांव-गांव में घर बार साफ रखने के महत्व को कमोबेश न्यूनाधिक मात्रा में स्वीकार किया जाने लगा । उन्होंने कहा कि अपने आप को ग्राम सेवक बनाना पड़ेगा ,गांव में रहना पड़ेगा ,गांव के लोगों के साथ समय बिताना होगा । साहब बनकर अगर कोई काम करेगा,तो वो नहीं होने जा रहा है । उन्होंने कहा कि यदि आपलोग ईमानदारी से इस क्षेत्र में परिश्रम करें तो हर घर में शौचालय बनेगा । अज्ञानी लोगों को भी यदि स्वच्छता व उससे होने वाले लाभ की विधिवत जानकारी दी जाए, तो वह निश्चित रूप से अपने घर में शौचालय बनवा लेंगे और खुले में शौच नहीं करेंगे। उन्होंने बाल विवाह तथा दहेज प्रथा को समाप्त कराने हेतु 21 जनवरी को बनाए जाने वाले मानव श्रृंखला को भी सफल बनाने के लिए भी सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया। उक्त स्वच्छता अभियान की बैठक को संबोधित करते हुए यूनिसेफ पटना के पदाधिकारी शशि भूषण पांडे ने कहा कि पूर्वी चंपारण में यूनिसेफ के 12 कार्यकर्ता स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए लगे हुए हैं । शौच मुक्त अभियान की सफलता के लिए पूरे बिहार में राज्य सरकार के द्वारा 50 लोगों की नियुक्ति की गई है। वे लोग भी अभी चंपारण में आकर यूनिसेफ के कार्यकर्ताओं से ट्रेनिंग ले रहे हैं ,और जिले के प्रत्येक प्रखंड में जागर स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं।उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों व कर्मचारियों से इस स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए रूहानी संलग्नता के साथ काम करने का आग्रह किया। मौके पर रक्सौल एसडीओ श्री प्रकाश,बीडियो जितेन्द्र कुमार सिंह,बीइओ रंजना रंजना कुमारी, मनरेगा पीओ रेजी विजय, ,प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा पदाधिकारी तेज्जमुल हुसैन पासा, पंचायत सेवक वकील अख्तर हीरामन राम सोहनराम अब्बास अली,स्वास्थ्य कर्मी सुशांत कुमार, प्रखंड के सभी आवास सहायक तथा विधायक प्रतिनिधि अरविंद पांडे सहित अन्य सभी सरकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
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