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प्रा.स्वा.केन्द्र रामगढ़वा में कार्यरत संविदा कर्मचारी व चिकित्सक दूसरे दिन भी रहे हड़ताल पर

*प्रा.स्वा.केन्द्र रामगढ़वा में कार्यरत संविदा कर्मचारी व चिकित्सक दूसरे दिन भी रहे हड़ताल पर*

*मांग पूरी नहीं होने तक सभी अस्पताल कर्मी रहेंगे हड़ताल पर*
सरकार की गलत नीतियों के विरोध में नारा लगाते रामगढ़वा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य कर्मी
डी.एन.कुशवाहा ,रामगढ़वा
रामगढ़वा : स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति बिहार सरकार के उदासीन नीति की वजह से बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर प्रा.स्वा.केंद्र रामगढ़वा में कार्यरत संविदा कर्मचारी व चिकित्सक अपने सात सूत्री मांगों के समर्थन में चार दिसंबर से बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं। संघ के प्रवक्ता सुशान्त कुमार ने बताया कि सभी कर्मचारियों का नियमितीकरण , 65 वर्ष की आयु तक स्थायी सेवा, सामान काम-सामान वेतन, संजीवनी डाटा ऑपरेटर का जिला स्वास्थ्य समिति में बिना शर्त समायोजन तथा आशा -ममता कार्यकर्ता के मानदेय का निर्धारण आदि मांगे जब तक सरकार द्वारा नहीं मानी जाती है, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगा। हड़ताल पर जाने वालों में मुख्य रूप से डॉ. प्रहस्त कुमार, अशोक कुमार पोद्दार, प्रवीण कुमार पांडेय, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक आयुषी वर्मा, प्रमोद कुमार बैठा, गौतम पांडेय, मो. इरशाद अंसारी, डॉ. बशरूद्दीन साबिर, डॉ.राहुल, डॉ. अजीमुर्ररहमान , डॉ. चंद्रभूषण सिंह, रूबी देवी, गीता देवी, तृप्ति कुमारी, मीना कुमारी, प्रेमलता कुमारी, शुशीला देवी , पूनम देवी, किरण देवी, रामसखी देवी, रीना देवी, प्रियंका देवी सहित सभी प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई के कर्मी, अनुबंधित चिकित्सक, आयुष चिकित्सक, आर.बी.एस.के. चिकित्सक,कर्मी, आशा-ममता कार्यकर्ता आदि शामिल हैं।                                                         इधर चिकित्साकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से प्रखंड के लगभग साढ़े तीन लाख की आबादी प्रभावित हो गई है।और प्रखंड क्षेत्र के मरीज  निजी चिकित्सकों से अपना उपचार कराने को तथा बाहरी दवा की दुकानों से दवा लेने को विवश है ।पैसे वाले लोगों को तो ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है लेकिन गरीब ,लाचार व मजबूर मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । प्रत्येक सरकारी अस्पताल पर निर्भर लोग स्वास्थ्य कर्मियों  के कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के बेहाल हो गए हैं और प्रखंड क्षेत्र की स्वस्थ्य सेवा चरमरा गई है।सोमवार व मंगलवार को सैकड़ों मरीज अस्पताल परिसर मे  इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।

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