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प्रा.स्वा.केन्द्र घोड़ासहन में कार्यरत संविदा कर्मचारी व चिकित्सक तीसरे दिन भी रहे हड़ताल पर,स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई

*प्रा.स्वा.केन्द्र घोड़ासहन में कार्यरत संविदा कर्मचारी व चिकित्सक तीसरे दिन भी रहे हड़ताल पर*
*मांग पूरी नहीं होने तक सभी अस्पताल कर्मी रहेंगे हड़ताल पर*
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र घोड़ासहन की तस्वीर
चम्पारण टुडे घोड़ासहन
घोड़ासहन:स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति बिहार सरकार के उदासीन नीति की वजह से बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर प्रा.स्वा.केंद्र घोड़ासहन में कार्यरत संविदा कर्मचारी व चिकित्सक अपने सात सूत्री मांगों के समर्थन में चार दिसंबर से बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं.हड़ताल में सामिल डॉक्टर रामनरेश प्रसाद ने बताया कि सभी कर्मचारियों का नियमितीकरण,65 वर्ष की आयु तक स्थायी सेवा, सामान काम-सामान वेतन, संजीवनी डाटा ऑपरेटर का जिला स्वास्थ्य समिति में बिना शर्त समायोजन तथा आशा -ममता कार्यकर्ता के मानदेय का निर्धारण आदि मांगे जब तक सरकार द्वारा नहीं मानी जाती है, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगा. हड़ताल में शामिल स्वास्थ कर्मी में मुख्य रूप से डॉ. कृष्ण मुरारी प्रसाद, स्वास्थ्य प्रबंधक मंटू कुमार चौबे, बीसीएम नजीबु रहमान,सलेंद्र कुमार राजकपूर,दिलीप सिंह,सुमित कुमार,केशव श्रीवास्तव समेत प्रखंड स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई के सभी कर्मी,अनुबंधित चिकित्सक,आयुष चिकित्सक,आर.बी.एस.के. चिकित्सक,ममता कार्यकर्ताआदि शामिल हैं.
इधर चिकित्साकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से प्रखंड के लगभग दो लाख की आबादी प्रभावित हो गई है. प्रखंड क्षेत्र के मरीज  निजी चिकित्सकों से अपना उपचार कराने को तथा बाहरी दवा की दुकानों से दवा लेने को विवश है.पैसे वाले लोगों को तो ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है लेकिन गरीब ,लाचार व मजबूर मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.प्रत्येक सरकारी अस्पताल पर निर्भर लोग स्वास्थ्य कर्मियों  के कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के बेहाल हो गए हैं और प्रखंड क्षेत्र की स्वस्थ्य सेवायें चरमरा गई है.सोमवार, मंगलवार व बुधवार को सैकड़ों मरीज अस्पताल परिसर मे  इधर-उधर भटकते दिखाई दिए.लेकिन उनकी सुधि लेने वाला कोई नही दिखा.

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