अभी तक पचपकड़ी में नहीं हो पाया शौचालय का निर्माण, विकास है कोसों दूर
*📝अभी तक पचपकड़ी में नहीं हो पाया शौचालय का निर्माण, विकास है कोसों दूर*
*📃विकाश के बिना अधूरा है पचपकड़ी.....*
*📃ऐतहासिक रानी पोखर का सौदिकरण नही हुआ*
*📃हाई स्कूल राजनीति की भेंट चढ गया*
*📃चुनावों मे दिखाया जाता है सपना विकास का*
*📃कई वर्षो से बन्द पड़ा शौचालय चालू नही हुआ*
चम्पारण टुडे ढाका से रिपोर्टिंग दिलीप कुमार गुप्ता
सिकरहना, पूर्वी चम्पारण : ढाका प्रखंड के पचपकड़ी ओपी कभी पूरे प्रखंड मे अगली पंक्ति मे रहने वाला पचपकरी आज विकास के लिए तरस रहा है* वही सरकार द्वारा हर घर शौचालय योजना दिया जा रहा है लेकिन इसका लाभ अब तक पचपकड़ी में किसी को नहीं मिल पाया है। जिसको लेकर सड़क किनारे काफी गंदगी फैली हुई है। चारों तरफ गंदगी ही गंदगी नजर आ रही है। और प्रतिनिधियों से इसे आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल पा रहा है। पचपकड़ी में हुआ विकास अब बीते दिनों की बात हो गयी लगती है।
शिक्षा आज राज्य और केन्द्र सरकार की प्राथमिकता मे सबसे उपर है। लेकन पचपकरी में हाई स्कूल निर्माण का मुदा अनेक बार उठा लेकिन हर बार मुद्दा हवा मे ही उछलकर रह गया। एक बार हाईस्कूल निर्माण का सपना सच के करीब पहुंचता नजर आने लगा लेकिन राजनीति इसमे आ गई और सपना सच नहीं हो सका। भौगोलिक और सामाजिक, आर्थिक कारणों से महत्वपूर्ण रहने के बावजूद पचपकरी में हाई स्कूल नहीं होने के कारण आस पास के गाँव को बच्चों को 5 km दूर पढ़ने जाना पड़ता है। नारी शक्ति को बढावा दिए जाने का नारा भी यहां कारगर नहीं है। क्योंकि हाईस्कूल नहीं रहने से सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव बच्चियों की शिक्षा पर पडता है।
चुनावों के समय वादा और आश्वासन के आधर पर वोट पाने मे सफल प्रतिनिधि चाहे वे बडे सदन के हों या ग्राम स्तर के, चुनाव के बाद इस पर चुप्पी साध लेते हैं। अडंगा लगाने मे भी कई पीछे नहीं रहते।छोटी राजनीति और व्यक्ति का खास कारणों से विरोध भी इसका कारण बनता है। जिससे लड़की को शिक्षा देना यहां भगवान भरोसे ही है। पंचायत के पिछले कार्यकाल मे कई ग्रामीण सडकों का पक्कीकरण हुआ, पंचायत सरकार भवन का बडा भवन भी बना लेकिन अभी लगता है विकास कार्य निद्रावस्था मे चला गया है वही स्वच्छता या शौचालय निर्माण की बात हो, मेन रोड पर फैली गंदगी का सवाल हो कहीं कुछ दिखाई नहीं देता है।
रिपोर्टिंग:-दिलीप कुमार गुप्ता
मो:-8409830004
*📃विकाश के बिना अधूरा है पचपकड़ी.....*
*📃ऐतहासिक रानी पोखर का सौदिकरण नही हुआ*
*📃हाई स्कूल राजनीति की भेंट चढ गया*
*📃चुनावों मे दिखाया जाता है सपना विकास का*
*📃कई वर्षो से बन्द पड़ा शौचालय चालू नही हुआ*
![]() |
| सड़क किनारे लगे कचड़े का ढेर की तस्वीर |
सिकरहना, पूर्वी चम्पारण : ढाका प्रखंड के पचपकड़ी ओपी कभी पूरे प्रखंड मे अगली पंक्ति मे रहने वाला पचपकरी आज विकास के लिए तरस रहा है* वही सरकार द्वारा हर घर शौचालय योजना दिया जा रहा है लेकिन इसका लाभ अब तक पचपकड़ी में किसी को नहीं मिल पाया है। जिसको लेकर सड़क किनारे काफी गंदगी फैली हुई है। चारों तरफ गंदगी ही गंदगी नजर आ रही है। और प्रतिनिधियों से इसे आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल पा रहा है। पचपकड़ी में हुआ विकास अब बीते दिनों की बात हो गयी लगती है।
शिक्षा आज राज्य और केन्द्र सरकार की प्राथमिकता मे सबसे उपर है। लेकन पचपकरी में हाई स्कूल निर्माण का मुदा अनेक बार उठा लेकिन हर बार मुद्दा हवा मे ही उछलकर रह गया। एक बार हाईस्कूल निर्माण का सपना सच के करीब पहुंचता नजर आने लगा लेकिन राजनीति इसमे आ गई और सपना सच नहीं हो सका। भौगोलिक और सामाजिक, आर्थिक कारणों से महत्वपूर्ण रहने के बावजूद पचपकरी में हाई स्कूल नहीं होने के कारण आस पास के गाँव को बच्चों को 5 km दूर पढ़ने जाना पड़ता है। नारी शक्ति को बढावा दिए जाने का नारा भी यहां कारगर नहीं है। क्योंकि हाईस्कूल नहीं रहने से सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव बच्चियों की शिक्षा पर पडता है।
चुनावों के समय वादा और आश्वासन के आधर पर वोट पाने मे सफल प्रतिनिधि चाहे वे बडे सदन के हों या ग्राम स्तर के, चुनाव के बाद इस पर चुप्पी साध लेते हैं। अडंगा लगाने मे भी कई पीछे नहीं रहते।छोटी राजनीति और व्यक्ति का खास कारणों से विरोध भी इसका कारण बनता है। जिससे लड़की को शिक्षा देना यहां भगवान भरोसे ही है। पंचायत के पिछले कार्यकाल मे कई ग्रामीण सडकों का पक्कीकरण हुआ, पंचायत सरकार भवन का बडा भवन भी बना लेकिन अभी लगता है विकास कार्य निद्रावस्था मे चला गया है वही स्वच्छता या शौचालय निर्माण की बात हो, मेन रोड पर फैली गंदगी का सवाल हो कहीं कुछ दिखाई नहीं देता है।
रिपोर्टिंग:-दिलीप कुमार गुप्ता
मो:-8409830004

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks for your valuable feedback.