रामगढ़वा:सिरफिरे व कुख्यात अपराधीे को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल
सिरफिरे व कुख्यात अपराधीे को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल
पुलिस को नाकोदम करने वाला यह वहीं कुख्यात अपराधी है जिसने अधकपरिया पंचायत के मुर्गीया टोला गांव को पुलिस छावनी में तब्दील करवा दिया था।
चंपारण टुडे से डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट-
रामगढ़वा-तिरवाह क्षेत्र के अधकपरिया पंचायत अंतर्गत मुर्गीया टोला गांव में पुलिस से लोहा लेते हुए फायरिंग कर उनके छक्के छुड़ाने वाले कुख्यात व सिरफिरे अपराधीे सूफी उर्फ हसनैन मियाँ को पुलिस ने गुरुवार की रात्रि गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया है।पुलिस का सर दर्द बना व हत्याकांड मामले में फरार चल रहे सूफी की गिरफ्तारी भइसवा गाँव से एक अभियान के तहत पश्चिम चंपारण के साठी पुलिस के सहयोग से छापेमारी के दौरान की गई। गौरतलब हो कि अधकपरिया पंचायत के सरपंच शेख अनवारुल हक हत्या कांड के मुख्य आरोपी हसनैन मिया उर्फ सूफी को पुलिस कितने महीनों से तलाश कर रहे थी ।गिरफ्तार सूफी हसनैन पर सरपंच हत्या कांड के अलावे उसी गाँव निवासी शेख मजबुल्लाह खलीफा हत्या कांड तथा वर्ष 2014 में पुलिस से हुई मुठभेड़ का भी मुख्य आरोपी है ।इस मुठभेड़ के क्रम में सूफी ने "तेरी सोलह बरस के बाली उमर को सलाम "वाले गाना को चालू कर दिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें पुलिस के छक्के छुड़ गए थे।पुलिस को घंटों नाच नचाने के बाद बेतिया एसपी तथा दोनों जिले के अभियान एसपी के बहुत समझाने तथा काफी मशक्कत करने के बाद उसने आत्म समर्पण किया था। इस बाबत थानाध्यक्ष राजेश कुमार व दारोगा अरुण कुमार सिंह ने बताया की मुर्गिया टोला निवासी शेख मजबुल्लाह की 24 अक्टूबर 16 तथा अधकपरिया के सरपंच शेख अनवारुल की 1 मई 17 को हुई नृशंस हत्या का मुख्य आरोपी है ।जो अपने पुत्रों के साथ हत्या की घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था ।छापेमारी में जमादार रामबाबू चौधरी,अशोक सिंहराजीव रंजन झा ,समेत जिला पुलिस बल व साठी पुलिस शामिल थे ।ज्ञात हो कि सूफी मियाँ उर्फ हसनैन व उनके पुत्रों पर पुलिस से मुठभेड़ हुई थी ।जिसके बाद भारी मात्रा में तलवार, पिस्टल ,राइफल तथा भल्ला सहित अन्य हथियार व करीब 3000 पीस कारतूस बरामद किया था।
पुलिस को नाकोदम करने वाला यह वहीं कुख्यात अपराधी है जिसने अधकपरिया पंचायत के मुर्गीया टोला गांव को पुलिस छावनी में तब्दील करवा दिया था।
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| पुलिस गिरफ्त में फरार हत्यारा हसनैन उर्फ सूफी मियाँ |
रामगढ़वा-तिरवाह क्षेत्र के अधकपरिया पंचायत अंतर्गत मुर्गीया टोला गांव में पुलिस से लोहा लेते हुए फायरिंग कर उनके छक्के छुड़ाने वाले कुख्यात व सिरफिरे अपराधीे सूफी उर्फ हसनैन मियाँ को पुलिस ने गुरुवार की रात्रि गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया है।पुलिस का सर दर्द बना व हत्याकांड मामले में फरार चल रहे सूफी की गिरफ्तारी भइसवा गाँव से एक अभियान के तहत पश्चिम चंपारण के साठी पुलिस के सहयोग से छापेमारी के दौरान की गई। गौरतलब हो कि अधकपरिया पंचायत के सरपंच शेख अनवारुल हक हत्या कांड के मुख्य आरोपी हसनैन मिया उर्फ सूफी को पुलिस कितने महीनों से तलाश कर रहे थी ।गिरफ्तार सूफी हसनैन पर सरपंच हत्या कांड के अलावे उसी गाँव निवासी शेख मजबुल्लाह खलीफा हत्या कांड तथा वर्ष 2014 में पुलिस से हुई मुठभेड़ का भी मुख्य आरोपी है ।इस मुठभेड़ के क्रम में सूफी ने "तेरी सोलह बरस के बाली उमर को सलाम "वाले गाना को चालू कर दिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें पुलिस के छक्के छुड़ गए थे।पुलिस को घंटों नाच नचाने के बाद बेतिया एसपी तथा दोनों जिले के अभियान एसपी के बहुत समझाने तथा काफी मशक्कत करने के बाद उसने आत्म समर्पण किया था। इस बाबत थानाध्यक्ष राजेश कुमार व दारोगा अरुण कुमार सिंह ने बताया की मुर्गिया टोला निवासी शेख मजबुल्लाह की 24 अक्टूबर 16 तथा अधकपरिया के सरपंच शेख अनवारुल की 1 मई 17 को हुई नृशंस हत्या का मुख्य आरोपी है ।जो अपने पुत्रों के साथ हत्या की घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था ।छापेमारी में जमादार रामबाबू चौधरी,अशोक सिंहराजीव रंजन झा ,समेत जिला पुलिस बल व साठी पुलिस शामिल थे ।ज्ञात हो कि सूफी मियाँ उर्फ हसनैन व उनके पुत्रों पर पुलिस से मुठभेड़ हुई थी ।जिसके बाद भारी मात्रा में तलवार, पिस्टल ,राइफल तथा भल्ला सहित अन्य हथियार व करीब 3000 पीस कारतूस बरामद किया था।

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