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माँ की विदाई में लोगों के छलक पड़े आँसू।

अश्विनी सिंह।
राघोपुर (सुपौल) - विजयादशमी के विदाई वेला में माँ भवानी  के चेहरे मलीन पड़ गए, यह देख भक्तों के आँखों में छिपने वाले आँसु खूब छलके, गला रुधा, सीना फटा पर नगाड़ों की धुन पर जय माता दी….के बोल की गूंज कमजोर नहीं पड़ी, माँ अम्बे की गोद भरी गयी, बच्चे, बूढ़े और जवानों ने रंग-गुलाल व सिंदूर की होली खेली । महिलाओं की टोली सुबह से ही पूजा पंडाल के पास जुटने लगी थी। दोपहर आते आते माँ की अंतिम विदाई का सिलसिला शुरू हो गया यह कुछ नजारा सुपौल के राघोपुर प्रखंड के गनपतगंज स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के गाँव-मुहल्ले व टोले से निकलने वाले मूर्ति विसर्जन यात्रा का है । माना जाता है कि यह मंदिर राजा शासनकाल से अवस्थित है और सार्वजनिक रूप से इसकी देख रेख की जाती है। यह मंदिर गनपतगंज के रेफरल अस्पताल व पुलिस कैम्प के बीच मे अवस्थित है। इस मंदिर के वर्तमान अध्यक्ष मुरारी लाल शर्मा  हैं और मंदिर कार्यों में इनका सहयोग पूर्व अध्यक्ष उधोतपत कोठारी ‘बाब्ला बाबू’ के साथ साथ सभी सदस्य करते हैं।  पिछले कई वर्षों से इस मंदिर में- प्रतिमा बनाने का कार्यभार  प्रशांत पाल के ऊपर है जो अपने राज्य बंगाल के सभी प्रतिमा निर्माणकार्य छोड़कर यहां चले आते हैं। वहीँ प्रतिमा पूजनोत्सव का भार बैकुंठ नाथ झा, (सुखपुर,सुपौल) के ऊपर था।  जबकि  मंदिर में ठाकुर का काम कई वर्षों से ह्रदय ठाकुर, उनके पुत्र भीखन ठाकुर व उनके नाती ओमप्रकाश ठाकुर करते आ रहे हैं। इस मंदिर में प्रत्येक वर्ष देश विदेश से आये कलाकारों द्वारा भव्य ज्योति जागरण का कार्यक्रम व् नाच का कार्यक्रम होता है। इस बार जागरण का पूर्ण खर्च रेफरल अस्पताल गनपतगंज में कार्यरत ददन लाल ने दिया था। नाच का भार चन्दन रॉय के ऊपर था। कई वर्षो से ईस मंदिर में अलग अलग दिन भिन्न भिन्न प्रकार के महाप्रसाद  का भोग मां दुर्गा को लगाया जाता है। इस बार स्वास्थ्य विभाग से सम्बंधित कर्मचारियों व डॉक्टरों के द्वारा महाप्रसाद का भोग लगाया गया।विषर्जन के दिन हीं मोहर्रम पर्व आ जाने की वजह से  विषर्जन के समय कई जनप्रतिनिधि ,राघोपुर थाना की महिला व पुरुष पुलिस बल ,मंदिर के तमाम कार्यकर्तागण व ग्रामीण भारी संख्या में मौजूद रहै। प्रतिमा विषर्जन का कार्यक्रम शांति व शौहाद्रपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ।

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