बैरगनिया में पुलिस जुल्म के खिलाफ 5000 प्रदर्शनकारियों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने महिलाओं पर बरसायीं लाठियां, बंद रहीं दुकानें
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| सड़क पर फ्लैग मार्च करती पुलिस |
चम्पारण टुडे बैरगनिया से विनोद कुमार
सीतामढ़ी : बैरगनिया थाना क्षेत्र के जमुआ व पकड़िया गांव में स्थानीय पुलिस की कार्रवाई के विरोध में करीब पांच हजार से ज्यादा लोग मंगलवार को सड़क पर उतर आये. नाराज लोगों द्वारा उग्र प्रदर्शन किये जाने के बाद पुलिस और बीएमपी के जवानों ने जम कर लाठियां भाजीं. पुलिस और सशस्त्र बल के जवानों ने पटेल चौक से अस्पताल रोड, मेनरोड, स्टेशन रोड व स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. इसमें करीब चार दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये. सुरक्षा बलों ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा. कई महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो
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| पुलिस द्वारा लाठीचार्ज में घायल महिला की तस्वीर |
गयीं.जानकारी के मुताबिक, स्थानीय पुलिस ने सोमवार रात गेट तोड़ कर घर में घुस कर एक दर्जन महिलाओं की बेरहमी से पिटाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था. घटना के विरोध में मंगलवार को करीब पांच हजार से अधिक लोग सड़क पर उतर आये. नाराज लोगों ने जहां बैरगनिया-जमुआ व बैरगनिया-चंपारण पथ को जाम कर जम कर बवाल काटा. वहीं, बैरगनिया शहर के पटेल चौक व टावर चौक समेत कई इलाकों में टायर जला कर उग्र प्रदर्शन किया. बीडीओ और थानाध्यक्ष को हटाने तथा डीएम-एसपी को बुलाने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी जमे रहे. साथ ही जमुआ, पकड़िया और बैरगनिया शहर को भी लोगों ने बंद रखा. लोगों का आरोप हैं कि प्रशासन द्वारा साजिश के तहत एक ही गुट के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है. बैरगनिया समेत कई थानों की पुलिस और एसएसबी ने जाम
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| विरोध में बंद पड़ी दुकाने |
हटाने का प्रयास किया. इसके बावजूद लोग नहीं माने. रीगा अंचल के इंस्पेक्टर संजीव कुमार और पूर्व विधायक मोतीलाल प्रसाद को भी लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. इस दौरान अस्पताल रोड के पास उग्र लोगों ने कन्हौली थाना पुलिस के जीप पर पथराव कर दिया. इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीओ सत्येंद्र कुमार व एसडीपीओ सदर कुमार वीर धीरेंद्र के निर्देश पर रैफ, एसएसबी, जिला पुलिस व बीएमपी के जवानों ने जमकर लाठियां भांजी. इस दौरान सशस्त्र बल ने पटेल चौक से अस्पताल रोड, मेनरोड, स्टेशन रोड व स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर दौरा-दौरा कर लोगों को पीटा. इसमें चार दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये.पुलिसिया कार्रवाई के दौरान बैरगनिया स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने पहुंचे
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| सूनसान सड़क की तस्वीर |
नेपाल के रौतहट जिले के चंद्रनिगाहपुर निवासी अमन श्रेष्ठ की भी बेरहमी से पिटाई की गयी. घटना के बाद स्थानीय पुलिस व प्रशासन के विरुद्ध लोगों में जबरदस्त आक्रोश है. लोगों का आरोप हैं कि प्रशासन द्वारा साजिश के तहत एक ही गुट के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है.
मालूम हो कि 30 सितंबर को जमुआ-पकड़िया गांव की मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन जुलूस निकला था. यह जुलूस निर्धारित रूट का उल्लंघन करते हुए आस्था के एक स्थल के करीब से गुजर रहा था. इसका दूसरे गुट ने विरोध करते हुए पुलिस को सूचना दी थी. सूचना के बाद मौके पर पहुंचे बीडीओ व थानाध्यक्ष ने बीच सड़क पर अपना वाहन खड़ा कर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था. इससे नाराज लोगों ने जमकर हंगामा किया था. साथ ही पुलिस पर पथराव भी किया था. नाराज लोगों ने बीडीओ व थानाध्यक्ष की जीप को पलट दिया था. इसके बाद सोमवार की आधी रात को
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| गस्ती कर रही पुलिस |
अचानक दर्जनों घर का गेट तोड़ कर घुसी पुलिस ने पहले महिलाओं व पुरुषों की बेरहमी से पिटाई की, वहीं 11 पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान कई बच्चे व वृद्ध समेत दर्जनों अन्य लोगों को भी पुलिस ने पीट कर चोटिल कर दिया.पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई में पकड़िया निवासी पूनम देवी, जमुआ निवासी सुशीला देवी, कुमारी देवी, गीता देवी, बचिया देवी, पकड़िया निवासी इंदु देवी, जमुआ निवासी रीता देवी, उषा देवी, सिया देवी व सुनीता देवी के अलावा राजू कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो
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| सड़क पर टायर जला प्रदर्शन करते ग्रामीण |
गये. घटना के बाद मंगलवार को लोग आक्रोशित हो गये. वहीं, सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन किया. लेकिन, यहां भी पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों की आवाज को बंद कर दिया. उधर, पुलिस ने एक दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है. हालांकि, बैरगनिया थानाध्यक्ष सुजीत कुमार ने छह लोगों की गिरफ्तारी की बात कही है. बैरगनिया में तत्काल जाम समाप्त हो गया है, लेकिन जगह-जगह सशस्त्र बल तैनात कर दिया गया है. पकड़िया गांव में देर शाम तक लोग सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे है.
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