रामगढ़वा:सनातन ब्राह्मण समाज के विद्वानों की हुई बैठक
सनातन ब्राह्मण समाज के विद्वानों की हुई बैठक
चंपारण टुडे से डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट-
रामगढ़वा-स्थानीय प्रखंड के भटलिया गांव में आचार्य मुकेश पांडेय के दरवाजे पर, आचार्य उमेश पाठक के नेतृत्व में 20 वीं बैठक हुई। बैठक में ब्राह्मण समाज के उपस्थित विद्वानों एवं गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए आचार्य उमेश पाठक ने कहा कि प्रत्येक समाज के लोगों द्वारा विद्वान ब्राह्मणों की पूजा की जाती है। जिस तरह एक चिकित्सक का पुत्र बिना पढ़े चिकित्सक नहीं बन सकता। ठीक उसी तरह ब्राह्मण का पुत्र बिना उत्तम शिक्षा के विद्वान ब्राह्मण की उपाधि नहीं प्राप्त कर सकता । इसके लिए जरूरी है कि सभी लोग अपने -अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा दिलाएं , अपनी मजबूरी को बच्चे पर न थोपें । बैठक को संबोधित करते हुए आचार्य मुकेश पांडेय ने कहा कि राजा राज्ये पूज्यते, विद्वान सर्वत्र पूज्यते। राजा की पूजा किसी खास देश में ही होती है, लेकिन विद्वानों की पूजा सर्वत्र होती है। इसलिए अपने -अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाकर विद्वान बनाए और देश के उच्चस्त पदों पर स्थापित कराएं। वहीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे गौरीशंकर ओझा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक माह बैठक करने से ज्ञान का आदान-प्रदान होता है । इसलिए प्रत्येक माह में जगह बदल -बदल कर बैठक कराई जाएगी। मौके पर सेवानिवृत्त शिक्षक हजारी तिवारी , राम एकबाल तिवारी,जिवेश्वर मिश्र,अजय कुमार मिश्र, राजीव कुमार, अरविंद तिवारी, शिव शंकर पांडेय, नंद किशोर पांडेय, बृज राज पांडेय, नीरज ओझा ,सत्येंद्र तिवारी तथा ब्रज किशोर तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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| सनातन ब्राह्मण समाज की 20 वीं बैठक में उपस्थित लोग |
रामगढ़वा-स्थानीय प्रखंड के भटलिया गांव में आचार्य मुकेश पांडेय के दरवाजे पर, आचार्य उमेश पाठक के नेतृत्व में 20 वीं बैठक हुई। बैठक में ब्राह्मण समाज के उपस्थित विद्वानों एवं गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए आचार्य उमेश पाठक ने कहा कि प्रत्येक समाज के लोगों द्वारा विद्वान ब्राह्मणों की पूजा की जाती है। जिस तरह एक चिकित्सक का पुत्र बिना पढ़े चिकित्सक नहीं बन सकता। ठीक उसी तरह ब्राह्मण का पुत्र बिना उत्तम शिक्षा के विद्वान ब्राह्मण की उपाधि नहीं प्राप्त कर सकता । इसके लिए जरूरी है कि सभी लोग अपने -अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा दिलाएं , अपनी मजबूरी को बच्चे पर न थोपें । बैठक को संबोधित करते हुए आचार्य मुकेश पांडेय ने कहा कि राजा राज्ये पूज्यते, विद्वान सर्वत्र पूज्यते। राजा की पूजा किसी खास देश में ही होती है, लेकिन विद्वानों की पूजा सर्वत्र होती है। इसलिए अपने -अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाकर विद्वान बनाए और देश के उच्चस्त पदों पर स्थापित कराएं। वहीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे गौरीशंकर ओझा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक माह बैठक करने से ज्ञान का आदान-प्रदान होता है । इसलिए प्रत्येक माह में जगह बदल -बदल कर बैठक कराई जाएगी। मौके पर सेवानिवृत्त शिक्षक हजारी तिवारी , राम एकबाल तिवारी,जिवेश्वर मिश्र,अजय कुमार मिश्र, राजीव कुमार, अरविंद तिवारी, शिव शंकर पांडेय, नंद किशोर पांडेय, बृज राज पांडेय, नीरज ओझा ,सत्येंद्र तिवारी तथा ब्रज किशोर तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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