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रामगढ़वा :- कचरों के अंबार पर खड़ी ग्राम कचहरी

*कचरों के अंबार पर खड़ी ग्राम कचहरी*

*करीब तीन दशक से पदाधिकारी बजबजाती कीचड़ में ही कर रहे है झंडोतोलन*
रामगढ़वा की यह वहीं राज कचहरी है जहाँ वर्षों से पदाधिकारी गण बजबजाती कीचड़ में झंडोतोलन करते आ रहे है
चम्पारण टुडे से डी.एन.कुशवाहा (रामगढ़वा)
रामगढ़वा-प्रशासनिक उदासीनता की पहचान कर रही है कचरों के अंबार पर खड़ी रामगढ़वा ग्राम कचहरी।जो 71 वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर भी 15 अगस्त को अपनी साफ सफाई व रंग रोगन के लिए तरसती रही।जहां इन दिनों गाय,भैंस,भेड़ बकरी,सुअर,मेढक व साँपों का बसेरा बना हुआ है।बताते चलें कि प्रखंड के रामगढ़वा अवस्थित राज कचहरी इन दिनों अपनी बदहाली पर आठ-आठ आँसू बहा है। गौरतलब हो कि जहां कर्मचारी गण को बैठकर किसानों के मालगुजारी का रशीद एवं दाखिल खारिज इत्यादि करना होता है। वहीं इन दिनों बिषैले साँपों,मेढकों ,सुअरों इत्यादि का बसेरा हो गया है। साथ ही उक्त कचहरी में बजबजाती कीचड़ एवं कचरों का अंबार लगा हुआ है।बताते चलें कि बरसात के दिनों में अंग्रेजी हुकूमत की याद दिलाने वाली उक्त राज कचहरी की जर्जर भवन में लगभग एक से दो फीट पानी भर जाता है। साथ ही उक्त भवन की छत से टप-टप पानी टपकता है। इतना ही नहीं उक्त भवन के छत से सीमेंट का चपड़ा कब गिरकर किसी को घायल कर देगा इसका कोई ठिकाना नहीं रहता है।उक्त भवन के दीवारों में बड़े-बड़े दरार हो गए हैं। जिसमें अनगिनत विशैले साँप वास कर रहे हैं। इन्हीं सब कारणों से वहाँ कर्मचारी नहीं बैठते हैं। जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और रशीद वगैरह कटाने के लिए उनके आवास का चक्कर लगाना पड़ता है। इतना ही नहीं कर्मचारी के वहाँ नहीं रहने से वहाँ रखे गए अनमोल दास्तवेज और अन्य सामग्रियां व्यवस्था के अभाव में सड़ रहे हैं। यहां साल में दो बार प्रखंड के सभी अधिकारी गण तथा जनप्रतिनिधि सिर्फ झंडोतोलन करने आते हैं और करके चले जाते हैं। लेकिन किसी अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि के द्वारा ठोस कदम उठाकर आज तक अंग्रेजी हुकूमत को याद दिलाने वाली उक्त जर्जर भवन के जीर्णोद्धार के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया।जबकि वर्षों से बिहार सरकार व भारत सरकार स्वच्छता अभियान चला रही है जो यहाँ बेमानी सिद्ध हो रही है।इस बाबत विगत गणतंत्रता दिवस पर यानी 26 जनवरी 2016 को झंडोतोलन करने आए अंचलाधिकारी रवीन्द्र कुमार से बात हुई थी तो उन्होंने कहा था कि इसका प्रोपोजल मैंने भेज दिया है,बहुत जल्द इसके जीर्णोद्धार का कार्य होगा। लेकिन आज तक कोई कार्य नहीं हुआ। यहीं बात तत्कालीन अंचलाधिकारी सुनील कुमार मल ने भी कहा था।इसके अलावा जो भी सीओ यहाँ आते हैं अपनी फर्मलिटी पुरा करने के लिए नाक दाबकर किसी तरह से साल में दो बार झंडोतोलन करके चले जाते हैं। लेकिन किसी के करकमलों से इस राज कचहरी के जीर्णोद्धार के लिए कारगर कदम नहीं उठाया गया। न जाने इस राज कचहरी के जीर्णोद्धार कराने के लिए किस पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि का अवतार होगा।

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