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बाढ़ के पानी की चपेट में आया दोनों चंपारण,रेल ट्रैक पर पानी चढ़ने से सभी गाड़ियो का परिचालन ठप

*पहाड़ी नदियां बौराई , शुरू हो गया तबाही का मंजर*

*बाढ़ के पानी की चपेट में आया दोनों चंपारण, रेल ट्रैक पर पानी चढ़ने से दिल्ली की तरफ जाने वाली सभी गाड़ियां हुई रद्द*

*करोड़ों की लागत से बंधा बंगरी नदी का बांध दो जगह हुआ ध्वस्त*

*दर्जनों गांव बना टापू एवं हजारों एकड़ जमीन में लगा धान का पौधा हुआ जलमग्न*
बाढ़ की तस्वीर
चंपारण टुडे से डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट-
रामगढ़वा-प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली पहाड़ी नदी तिलावे व बंगरी का बांध दो-दो जगह ध्वस्त हो गया है। जिसकी वजह से दर्जनों गांव में पानी घुसने की प्रबल संभावना बन गई है।वहीं हजारों एकड़ जमीन में लगा धान का पौधा जलमग्न हो गया है। साथ ही 72 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से पुरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे अधिक माल मवेशियों को चारा का कष्ट हो गया है। इसी वर्ष 23 करोड़ की लागत से बंगरी नदी के दोनों किनारे सरकार के द्वारा बांध
नरकटिया गंज प्लेटफार्म एवं रेलवे ढाला से स्टेशन तक जाने वाली रास्ता पर दो फीट से उपर बह रहा है बाढ़ का पानी
बंधवाया गया था। जो मुसहरी गांव के सामने पश्चिम दिशा में करीब 50 फीट टूट गया है और चैनपुर गांव के सामने पूरब दिशा में लगभग डेढ़ सौ फीट टूट गया है। वहीं तिलावेे नदी में लुकही माई स्थान के पास लगभग 40 फीट पूरब दिशा में टूट
रामगढ़वा थाना क्षेत्र के भलुवहिया गांव में रोड पर बह रहा है 3 फीट पानी
गया है और नवकठवा गांव के सामने पश्चिम दिशा में लगभग 20 फीट बांध टूट गया है। उक्त बांध के टूट जाने से भलुवहिया, बौधा, धनहर दिल्ली, गुरुवार, लक्ष्मीपुर, नरीरगीर शिवनगर सतपिपरा, भूमिहारी टोला, मिश्रवलिया, मंगलपुर पटनी , खुगुनी ,डुमरी, चंपापुर ,मुसहरी,लक्ष्मीपुर ,चिकनी,
रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पर चढ़ा पानी
चैनपुर ,पोखरिया, भारवा टोला, बिसुनपुरवा तथा जुमाई टोला सहित सैकड़ों गांव प्रभावित हो गए हैं । बांध टूटने की सूचना मिलते स्थानीय थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने रविवार को सैप के जवानों के साथ बांध का मुआयना किया । वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी जितेन्द्र कुमार सिंह ने भी बाढ़ का मुआयना किया । स्थानीय विधायक प्रतिनिधि अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि कल यानी सोमवार को स्थानीय विधायक रामचंद्र सहनी व सांसद संजय जायसवाल भी टूटे हुए इन बांधों एवं आए भीषण बाढ़ का मुआयना करने के लिए आने वाले हैं । प्रखंड क्षेत्र की ये पहाड़ी नदियां जिस तरह से बौराई हुई हैं। उसको देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि उक्त गाँवों में भी बाढ़ का पानी घुस सकता है। और अन्य जगहों की तरह रामगढ़वा, आदापुर और रक्सौल प्रखंड के कई गांवों को खाली कराना पड़ सकता है। वहीं पश्चिमी चंपारण के बूढ़ी गंडक ,पंडई तथा हरबोड़ा आदि नदियों में उफान आने से  लगभग सभी गाँवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।बाढ़ का पानी   बेतिया से लेकर नरकटियागंज तक इतना बढ़ गया है कि शहर एवं प्लेटफार्म पर लगभग 3 फीट उपर पानी बह रहा है। जिसकी वजह से दिल्ली की तरफ आने- जाने वाली सभी गाड़ियां रद्द हो गई हैं। इस बाबत शिक्षक प्रमोद कुशवाहा सहित दर्जनों लोगों के द्वारा इस विनाशकारी बाढ़ की सूचना देकर जिलाधिकारी से राहत सामग्री की मांग की गई है।

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