मोतिहारी पुलिस ने कुख्यात अपराधी दीपक पासवान सहित दो को एके-47 व दो मैगजीन के साथ किया गिरफ्तार......
*मोतिहारी पुलिस ने कुख्यात अपराधी दीपक पासवान को शागिर्द के साथ किया गिरफ्तार, एके-47 भी बरामद*
दो मैगजीन व 26 कारतूस बरामद चीनी मिल रोड से दोनों धराये
शहर के एक व्यवसायी की हत्या के लिए दोनों लगाये थे घात
पुलिस की घेराबंदी के बीच से शातिर मो फरहान भाग निकला
पुलिस के लिए एके 47 की रिकवरी बड़ी उपलब्धि
चम्पारण टुडे से रवि गुप्ता (मोतिहारी) की रिपोर्टिंग
मोतिहारी : पुलिस ने एके 47 के साथ कुख्यात अपराधी दीपक पासवान व उसके साथी मुन्ना पाठक को गिरफ्तार कर लिया. दोनों छतौनी चीनी मिल रोड में शहर के एक व्यवसायी की हत्या करने के लिए घात लगाये थे. अपराधियों के पास से घातक हथियार के साथ 26 कारतूस व दो मैगजीन बरामद हुआ है. दीपक मुफस्सिल थाने के कमेटी चौक का रहनेवाला है, जबकि मुन्ना पाठक छतौनी बढ़ई टोला का है. पुलिस घेराबंदी के बीच से एक अपराधी मो फरहान बाइक लेकर भागने में सफल रहा. एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि दीपक, मुन्ना व फरहान सेंट्रल जेल में बंद गिरोह के सदस्य पप्पू कुशवाहा व बेतिया न्यायालय परिसर में मारे गये कुख्यात बबलू दूबे के भाई डब्ल्यू दूबे से मिल व्यवसायी की हत्या करने जा रहा था. इस दौरान गुप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दोनों को घातक हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में दोनों बदमाशों ने छतौनी के किराना व्यवसायी इंद्रजीत जायसवाल की हत्या, हेवेल्स शोरूम के मालिक से 20 लाख की रंगदारी मांगने व नहीं देने पर हत्या की योजना बनाने सहित आधा दर्जन कांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकारी है.
एसपी उपेन्द्र शर्मा ने बताया कि दोनों को स्वचालित हथियार के साथ पकड़े जाने के केस में जेल भेजा जायेगा.वहीं हत्या व रंगदारी के केस में रिमांड पर लेकर पूछताछ की जायेगी. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों अपराधियों पर स्पीडी ट्रायल चला सजा दिलायी जायेगी. छापेमारी में छतौनी के इंस्पेक्टर विजय कुमार यादव, चकिया इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह, इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार, मुफस्सिल थानाध्यक्ष अरविंद प्रसाद, अरेराज थानाध्यक्ष अशोक कुमार, पहाड़पुर के थानाध्यक्ष सीबी शुक्ला, आरक्षी धीरज कुमार व मनोज कुमार शामिल थे.
17 जुलाई को किराना व्यवसायी की एके-47 से कर दी थी हत्या
गौरतलब हो कि बीते 17 जुलाई को दो बाइकों पर सवार होकर दीपक पासवान अपने शागिर्दों के साथ छतौनी थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के समीप पायल सिनेमा के पास राजू किराना स्टोर्स नामक दुकान पर पहुंचा और वहां बैठे किराना व्यवसायी इंद्रजीत जायसवाल की एके-47 से हत्या कर दी थी. इस घटना को अंजाम देने के बाद दीपक पासवान ने वहां पर बहुत सारे पर्चा भी छोड़ दिया था जिसमे हत्या की जिम्मेवारी अपने नाम से लिखा था.अपराधी इतने बेखौफ थे कि वहां रुक कर सबों ने दीपक पासवान जिंदाबाद के नारे भी लगाये थे.
बबलू दुबे की हत्या के बाद संभाली थी गिरोह की कमान
गौरतलब है कि 11 मई, 2017 को बिहार के पश्चिम चंपारण के बेतिया सिविल कोर्ट में पेशी के लिए कुख्यात गैंगस्टर बबलू दुबे की कुख्यात कुणाल सिंह के गैंग द्वारा गोली मारकर हत्या करने के बाद उसका गैंग बिखर चुका था वही कुणाल सिंह गैंग जिले में अपराध जगत में भारी पड़ रहा था ऐसे में सदस्यों को एकजुट करने का काम दीपक पासवान ने किया और फिर गिरोह तैयार कर लिया. जिस तरह बबलू दुबे ने अपराध जगत में हलचल मचाया था, उसी प्रकार शूटर दीपक पासवान ने इंद्रजीत जायसवाल की हत्या कर अपराध जगत में सनसनी मचा कर जिले के बड़े व्यवसायियो से रंगदारी वसूलना चाहता था.
जिले में अबतक तीन स्वचालित हथियार बरामद
कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ एके 47 की रिकवरी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है. वर्षों बाद पुलिस ने किसी अपराधी के पास से एके 47 बरामद किया है. एक दशक पहले पहली बार मधुबन कृष्णानगर के अरविंद सिंह को एके47 के साथ गिरफ्तार किया गया था. वहीं राजेपुर से एके 56 के साथ पुलिस ने तीन नक्सली को गिरफ्तार किया था.
दो मैगजीन व 26 कारतूस बरामद चीनी मिल रोड से दोनों धराये
शहर के एक व्यवसायी की हत्या के लिए दोनों लगाये थे घात
पुलिस की घेराबंदी के बीच से शातिर मो फरहान भाग निकला
पुलिस के लिए एके 47 की रिकवरी बड़ी उपलब्धि
![]() |
| गिरफ्तार अपराधी व बरामद एके-47 के साथ प्रेसवार्ता करते एसपी उपेन्द्र कुमार शर्मा |
मोतिहारी : पुलिस ने एके 47 के साथ कुख्यात अपराधी दीपक पासवान व उसके साथी मुन्ना पाठक को गिरफ्तार कर लिया. दोनों छतौनी चीनी मिल रोड में शहर के एक व्यवसायी की हत्या करने के लिए घात लगाये थे. अपराधियों के पास से घातक हथियार के साथ 26 कारतूस व दो मैगजीन बरामद हुआ है. दीपक मुफस्सिल थाने के कमेटी चौक का रहनेवाला है, जबकि मुन्ना पाठक छतौनी बढ़ई टोला का है. पुलिस घेराबंदी के बीच से एक अपराधी मो फरहान बाइक लेकर भागने में सफल रहा. एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि दीपक, मुन्ना व फरहान सेंट्रल जेल में बंद गिरोह के सदस्य पप्पू कुशवाहा व बेतिया न्यायालय परिसर में मारे गये कुख्यात बबलू दूबे के भाई डब्ल्यू दूबे से मिल व्यवसायी की हत्या करने जा रहा था. इस दौरान गुप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दोनों को घातक हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में दोनों बदमाशों ने छतौनी के किराना व्यवसायी इंद्रजीत जायसवाल की हत्या, हेवेल्स शोरूम के मालिक से 20 लाख की रंगदारी मांगने व नहीं देने पर हत्या की योजना बनाने सहित आधा दर्जन कांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकारी है.
एसपी उपेन्द्र शर्मा ने बताया कि दोनों को स्वचालित हथियार के साथ पकड़े जाने के केस में जेल भेजा जायेगा.वहीं हत्या व रंगदारी के केस में रिमांड पर लेकर पूछताछ की जायेगी. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों अपराधियों पर स्पीडी ट्रायल चला सजा दिलायी जायेगी. छापेमारी में छतौनी के इंस्पेक्टर विजय कुमार यादव, चकिया इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह, इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार, मुफस्सिल थानाध्यक्ष अरविंद प्रसाद, अरेराज थानाध्यक्ष अशोक कुमार, पहाड़पुर के थानाध्यक्ष सीबी शुक्ला, आरक्षी धीरज कुमार व मनोज कुमार शामिल थे.
17 जुलाई को किराना व्यवसायी की एके-47 से कर दी थी हत्या
गौरतलब हो कि बीते 17 जुलाई को दो बाइकों पर सवार होकर दीपक पासवान अपने शागिर्दों के साथ छतौनी थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के समीप पायल सिनेमा के पास राजू किराना स्टोर्स नामक दुकान पर पहुंचा और वहां बैठे किराना व्यवसायी इंद्रजीत जायसवाल की एके-47 से हत्या कर दी थी. इस घटना को अंजाम देने के बाद दीपक पासवान ने वहां पर बहुत सारे पर्चा भी छोड़ दिया था जिसमे हत्या की जिम्मेवारी अपने नाम से लिखा था.अपराधी इतने बेखौफ थे कि वहां रुक कर सबों ने दीपक पासवान जिंदाबाद के नारे भी लगाये थे.
बबलू दुबे की हत्या के बाद संभाली थी गिरोह की कमान
गौरतलब है कि 11 मई, 2017 को बिहार के पश्चिम चंपारण के बेतिया सिविल कोर्ट में पेशी के लिए कुख्यात गैंगस्टर बबलू दुबे की कुख्यात कुणाल सिंह के गैंग द्वारा गोली मारकर हत्या करने के बाद उसका गैंग बिखर चुका था वही कुणाल सिंह गैंग जिले में अपराध जगत में भारी पड़ रहा था ऐसे में सदस्यों को एकजुट करने का काम दीपक पासवान ने किया और फिर गिरोह तैयार कर लिया. जिस तरह बबलू दुबे ने अपराध जगत में हलचल मचाया था, उसी प्रकार शूटर दीपक पासवान ने इंद्रजीत जायसवाल की हत्या कर अपराध जगत में सनसनी मचा कर जिले के बड़े व्यवसायियो से रंगदारी वसूलना चाहता था.
जिले में अबतक तीन स्वचालित हथियार बरामद
कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ एके 47 की रिकवरी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है. वर्षों बाद पुलिस ने किसी अपराधी के पास से एके 47 बरामद किया है. एक दशक पहले पहली बार मधुबन कृष्णानगर के अरविंद सिंह को एके47 के साथ गिरफ्तार किया गया था. वहीं राजेपुर से एके 56 के साथ पुलिस ने तीन नक्सली को गिरफ्तार किया था.

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks for your valuable feedback.