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पूर्वी चम्पारण:विनाशकारी बाढ़ के चपेट में आने से गुरेहनवा के तीन सहोदर भाइयों की मौत,पूरे क्षेत्र में पसरा मातम

बाढ़ ने ली गुरेहनवा के तीन सहोदर भाइयों की जान,पूरे क्षेत्र में पसरा मातम 
बाढ़ के कीचड़ में से निकालते शव की तस्वीर
चम्पारण टुडे से दिलीप गुप्ता की रिपोर्ट
पूर्वी चंपारण :- जिले में आयी भयावह बाढ़ की चपेट में आने से गुरेहनवा में तीन सहोदर भाइयों की मौत हो गयी।जानकारी देते ढाका के पूर्व विधायक पवन जयसवाल ने बताया कि रक्सौल-सीतामढ़ी रेलखंड के गुरहनवा स्टेशन पर दुकान कर परिवार का गुजारा करनेवाले महंगुआ गांव के गुप्ता परिवार के तीन सहोदर भाइयों की मौत ने पूरे गांव को हिलाकर कर रख दिया है। तीनों कमाऊ लड़कों की मौत से गुप्ता परिवार एक तरह से सड़क पर आ गया है, क्योंकि इस परिवार में वर्तमान में एक भी युवा सदस्य नहीं बचा है। घर में सिर्फ 8 साल से कम उम्र के बच्चे बच गए हैं। घर के तीनों सदस्य बाढ़ की विनाशलीला
पोस्टमार्टम के लिये एम्बुलेन्स में रखे शव
की भेंट चढ़ गए। उनका पोस्टमार्टम कराने के लिए सोमवार की शाम शव को सदर अस्पताल लाया गया, जहां पूर्व विधायक पवन जायसवाल, विजय जायसवाल, अजय कुमार सिंह, संजय जायसवाल आदि ने मौजूद रहकर इस परिवार के सदस्यों का पोस्टमार्टम कराया।श्री जयसवाल ने 
बताया कि महंगुआ गांव के विजय गुप्ता, लालबाबू गुप्ता एवं मुकेश गुप्ता गुरहनवा स्टेशन के पास दुकान कर परिवार का जीविकोपार्जन करते थे। शनिवार को अचानक आई बाढ़ की सूचना के बाद जब दुकान समेटकर घर जाने लगे तो रास्ते में पड़नेवाले गहरी सड़क जिस पर बाढ़ का पानी काफी तेजी से बह रहा था तीनों भाइयों को बहा ले गया। इसके चलते तीनों की मौत हो गई, क्योंकि तीनों में से कोई भी तैरना नहीं जानता था। बाढ़ की विनाशलीला के कारण शनिवार को इनका कोई पता नहीं चल पाया। रविवार को तीनों भाइयों का शव मिला। बाढ़ के पानी के चलते सभी रास्तों के बंद होने के कारण तीनों का शव नाव के माध्यम से लाया गया, जिसके बाद इन्हें पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सोमवार को पहुंचाया गया। बताया गया है कि विजय गुप्ता के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटा एवं एक बेटी है। लालबाबू गुप्ता को एक बेटा एवं एक बेटी है तो मुकेश गुप्ता को दो बेटियां ही है। बाढ़ की प्रलयकारी धारा ने तीनों बहुओं को विधवा बना डाला है। छोटे बच्चे शनिवार को बाढ़ आने की सूचना के बाद अपने पिता के घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन उनके पिता नहीं लौट पाए। परिजनों को तीनों के बाढ़ के पानी में डूबकर मर जाने की सूचना मिली तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। तीनों के पिता रामचंद्र प्रसाद गुप्ता की भी मौत हो चुकी है और मां अभी जिंदा हैं। महंगुआ गांव की जो स्थिति है उसमें बाढ़ के पानी के कारण कोई नाते-रिश्तेदार भी अभी नहीं पहुंच सकते हैं। अब इस परिवार को सरकारी मदद कब मिल पाती है यह देखनेवाली बात होगी। फिलहाल इनका गुरहनवा स्टेशन की दुकान बंद पड़ी है। बाढ़ के पानी से इसमें रखा सामान का कितना नुकसान हुआ है इसे पता करनेवाला भी कोई नहीं बचा है।

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