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मोदी का शासन भी पाक साफ नहीं

मोहिनी कामवानी की आपबीती उन्हीं की जुबानी पढ़ें किस तरह सात जजों को गिरफ्तार कर रही है। 

मेरे मुख्य आरोपी भ्रष्ट पुलिसवाले अहमद जावेद को बचा रहे हैं - जिसने मुझे झूठे केस में जेल में डाला था। 

इसलिए - मैं गिरफ्तार कर रही हूँ - बॉम्बे हाई कोर्ट के - इन 7 कमीने जजों को - सेक्शन 43 CrPC - नागरिक गिरफ्तारी क़ानून के तहत.

जज -एस सी धर्माधिकारी , शालिनी फानसाल्कर जोशी ,  वी एम् कानाडे, नरेश पाटिल , रंजीत मोरे, मृदुला भाटकर, अनुजा प्रभुदेसाई 


►►► ताकि - इनका घिनोना सच बाहर निकले !


पुलिस ने मुझे झूठे केस में जेल में डाला - क्योंकि मैंने उच्च अधिकारियों को शिकायत की थी - कि पुलिस मेरी FIR दाखिल नहीं कर रही है :-

मेरी विवाहित बेटी (सुमिता कारानी) , दामाद (नरेंद्र) और मेरे 3 नातू - जीतेन्द्र कारानी (चार्टर्ड अकाउंटेंट, 10 बिल्डर कंपनियों का मालिक, असिस्टेंट वाईस प्रेजिडेंट GE रियल एस्टेट, KPMG), - मनोज कारानी (कंप्यूटर इंजीनियर - सिमाँटेक UAE, डेल कंप्यूटर्स), - संजीव कारानी  (हार्डवेयर इंजीनियर - केलिप्सो टेक्नोलॉजी कंपनी, USA) - के खिलाफ - जो मुझे धमका रहे हैं - कि मैं अपना घर + बैंक अकाउंट नंबर उनको  दे दूं !


  • मैंने अपना रिश्ता अपनी बेटी के परिवार के साथ तोड़ दिया था 2007 में - उनको अखबारों में लीगल नोटिस देकर 
  • क्योंकि उनहोंने मेरे परिवार को 30 साल से लूटकर बर्बाद किया था  
  • इनकी वजह से - मेरे स्वतन्त्रता सैनानी पति + जवान बेटे की असामयिक मौत हुई थी - और मेरी 2nd कुँवारी बेटी ने आत्महत्या की थी !
  • कमीने मोदी - और कमीने जजों को - ये सब पता है - लेकिन फिर भी - ये पुलिस को बचा रहे हैं ! 
  • इनका संवैधानिक फ़र्ज़ है - के 82 वर्षीया बूढ़ी गरीब विधवा को न्याय दें 
  • क्योंकि - मैंने सुप्रीम कोर्ट में भी केस जीता है ! 
  • इसलिए - मैं गिरफ्तार कर रही हूँ - इन 7 - कमीने - बॉम्बे हाई कोर्ट के जजों को - सेक्शन 43 CrPC - नागरिक गिरफ्तारी क़ानून के तहत 
  • ताकि - इनका घिनोना सच बाहर निकले !
  • ज़रा सोचिए - मैं एक स्वतन्त्रता सैनानी की विधवा हूँ - और मुझे गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2012 को जेल में डाला है !
  • मुझे कांग्रेस- NCP के शासनकाल में 2012 में जेल में डाला गया था 


लेकिन जब मैं - बॉम्बे हाई कोर्ट + सुप्रीम कोर्ट में केस जीत गयी + मार्च 2014 में कोर्ट से पुलिस के खिलाफ FIR का आर्डर निकला - तो कांग्रेस-NCP सरकार ने - अहमद जावेद को - पुलिस से निकालकर - होम गार्ड्स में ट्रांसफर कर दिया था

लेकिन - जब अप्रैल 2014 में BJP चुनाव जीती - तो बीजेपी सरकार ने - चारों पुलिस वालों को प्रमोशन दे दिया + अहमद जावेद को - मुम्बई का पुलिस कमिश्नर बना दिया ?! 


और फिर 2016 में – कमीने मोदी ने - अहमद जावेद को -  राजदूत बनाकर - देश से भगा दिया माल्या की तरह - जबकि उसके खिलाफ - FIR का केस पेंडिंग है - और उसने कोर्ट के साथ बहुत धोखे + फ्रॉड किए हैं !!!

और - कमीने मोदी से "मैनेज" होने के बाद - कमीने जजों ने - अहमद जावेद के खिलाफ FIR रद्द कर दी है !!!

मतलब - सुप्रीम कोर्ट में - 5 साल पहले केस जीतने के बाद भी - क़ानून के अनुसार - अबतक किसी भी पुलिस वाले को सज़ा नहीं मिली है !!!

इसलिए - मैंने 13-9-2016 को शिकायत भेजी है - सुप्रीम कोर्ट के बनाए हुए क़ानून - सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक प्रक्रिया के तहत (under SC in-House Procedure) - मा. राष्ट्रपति + सुप्रीम कोर्ट मुख्य न्यायाधीश + बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को - इन 7 कमीने जजों के खिलाफ - 617 पेज की - सुप्रीम कोर्ट + बॉम्बे हाई कोर्ट के सबूतों के साथ - इन कमीने जजों के न्यायक कदाचार, फ्रॉड्स, फ्रॉड्स को बढ़ावा देने, सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करने की – लेकिन सुप्रीम कोर्ट इनपर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है !!!

इसलिए - मैं गिरफ्तार कर रही हूँ - इन 7 - कमीने - बॉम्बे हाई कोर्ट के जजों को - सेक्शन 43 CrPC - नागरिक गिरफ्तारी क़ानून के तहत

ताकि - इनका घिनोना सच बाहर निकले !

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