रामगढ़वा रेलवे रैक पॉइंट पर लॉक डाउन की उड़ी धज्जियां, मजदूर कर रहा था मालगाड़ी पर काम
लॉक डाउन में मालगाड़ी पर अलग-अलग काम करने से कोरोना वायरस का डर नही: विनोद यादव, अधिकारी ही नहीं मान रहे लॉक डाउन की नियम
एम० कुमार, रामगढ़वा।
कोरोना वायरस को लेकर सरकार के लॉक डाउन के आदेश के बावजूद सोमवार को रामगढ़वा रेलवे रैंक पॉइंट पर लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाया गया। बिहार में लॉक डाउन किया गया है सभी लोगो को कोरोना के प्रकोप से बचाया जा सके।
वही रामगढ़वा रैक पॉइंट पर देखने को मिला जहाँ माल गोदाम इंचार्ज ,मेठ व रैकर के मिली भगत से लॉक डाउन के सभी नियमो को ताक पर रख कर नाजायज फायदा उठा कर मजदूरों का शोषण कर लॉक डाउन के आदेश की धज्जियां उड़ाया गया । जब सरकार के द्वारा सभी लोगो को कोरोना के वायरस से बचाने के लिए नये नियम लगा रही है ताकि लोग एक जगह इकट्ठा नही हो।
वही रामगढ़वा रैक पॉइंट पर 50-100 सौ मजदूरों को इकट्ठा कर मालगाड़ी को अनलोड किया जा रहा है क्या इन मजदूरों के जिंदगी की कोई कीमत नही है। या इन लोगो को कोरोना संक्रमित नही करेगा ऐसे में अगर एक मजदूर भी इससे संक्रमित होता है तो ये कितने लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। आखिर इस बात की खबर किसी भी अधिकारी को नही हुई थी कि इतने ज्यादा लोगो को एक जगह इक्कठा होने से रोका जा सके और कोरोना के वायरस को फैलने से रोका जा सके।
इस संबंध में जब रैक पॉइंट मालगोदाम अध्यक्ष विनोद यादव से इसकी जानकारी में बताया कि अलग-अलग माल बोगी है और अलग-अलग मजदूर काम करते रहते हैं। इस कार्य में मजदूर लोगों को कोरोना वायरस से कोई दिक्कतें नही हैं। इस बातों से स्पष्ट होता है कि लॉक डाउन की कोई मान्य रैक पॉइंट पर नही हैं।
वही ग्रामीणों ने बताया कि जब भी रैक पॉइंट पर मालगाड़ी खड़ी रहती है तो आस-पास लोगो की बेचैनी बढ़ा रहता हैं। वही लदे ट्रेक्टरो पर गिट्टी लेकर कॉलेज की रास्ते होकर नरीरगीर खटारा के बीच धूल कंकड़ उड़ाते जाते है जिसमें सड़कों पर यात्रियों व ग्रामीण लोग़ों की काफी बिमारियों से झेलना पड़ता है।

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