#CoronaEffect घोड़ासहन: दुल्हन करती रही इंतज़ार दूल्हा रह गया सीमा पार
मात्र दो किलोमीटर बारात जाने के लिए दूल्हा को करना पड़ा पूरे दिन इंतज़ार ।।
घोड़ासहन पूर्वीचंपारण:
साजन मेरा उस पार है मिलने को दिल बेकरार है ....ये गाना किसी बॉलीवुड फिल्म का चर्चित गीतों में शुमार है. जो की आजकल भी पसंद किया जाता है.पर यह गीत का दृश्य उस समय चरिरार्थ हुआ जब सोमवार को भारत-नेपाल सीमा को सील कर दिया गया था.
और बिहार में लॉक डाउन लागू किया गया था. इस दृश्य का नज़ारा भारत नेपाल बॉर्डर पर देखने को मिला, जब सोमवार को भारतीय क्षेत्र के अथमोहान बॉर्डर पर नेपाल आने-जाने वाले लोगों पर रोक लगा दिया गया था.इसी दौरान फूलो से सजी संवरी गाड़ियों का काफिला दूल्हा सहित भारत से नेपाल में निकाह यानी कि विवाह के लिए बारात लेकर जा रहा था, जिसे सीमा पर तैनात एसएसबी 71वी बटालियन के जवानों ने रोक दिया।
जिससे कि वह घंटो भारतीय क्षेत्र में पुल पर ही खड़ा रहा, युवक(दूल्हा) ने बताया कि उसका नाम यूसुफ अंसारी है वह बनकटवा प्रखंड के कोरगवा गाँव का निवासी है वह नेपाल के सिमरौनगढ़ के नायका टोला में निकाह के लिए जा रहा था, जिसे बॉर्डर पर रोक दिया गया है।

वहीं वहाँ तैनात जवानों ने बताया कि एक दिन पूर्व ही जनता कर्फ्यू को लेकर बॉर्डर सील कर दिया गया था. क्योंकि अभी सबसे जरूरी कोरोना वायरस पर रोक लगाना जरूरी है.
तत्पश्चात कई घंटों के इंतजार के बाद एसएसबी के वरीय अधिकारी के अनुमति के बाद सिर्फ लड़का के गाड़ी को नेपाल में जाने की देर शाम अनुमति मिली,दूसरी ओर नेपाल में दुल्हन सुबह से ही इंतज़ार करती रही ।।

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