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31 मार्च तक बिहार के सभी जिला अनुमंडल एवं प्रखंड मुख्यालय हुआ लॉक डाउन, जाने कौन है इस आदेश से बाहर

चम्पारण टुडे, न्यूज़ डेस्क।

कोरोना वायरस की गंभीरता को देखते हुएबआम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा तत्काल प्रभाव से फिलहाल 31 मार्च तक बिहार के सभी जिला मुख्यालयों, अनुमंडल एवं प्रखंड मुख्यालयों को लॉक डाउन कर दिया है। साथ ही लोगों से अपील करते हुए कहा कि जब भी संकट का समय आया है तो हम सब ने सभी लोगों के सहयोग से उस पर सफलता पाई है संकट की इस घड़ी में आप सभी लोगों के साथ मुझे पूरा विश्वास है कि हम सब साथ मिलकर इस चुनौती का डटकर मुकाबला करेंगे।

वही  चिकित्सा सेवाओं, खाद्यान्न एवं किराने की प्रतिष्ठान, दवा की दुकानों, डेयरी एवं डेयरी से संबंधित प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप एवं सीएनजी, स्टेशन बैंकिंग एवं पोस्ट ऑफिस तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं इन सेवाओं के लिए वाहनों को इस आदेश की परिधि से बाहर रखा गया है।



क्या है लॉक डाउन?


लॉकडाउन एक इमर्जेंसी व्यवस्था होती है। अगर किसी क्षेत्र में लॉकडाउन हो जाता है तो उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती है। जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है या फिर अस्पताल और बैंक के काम के लिए अनुमति मिल सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के काम से भी बाहर निकलने की अनुमति मिल सती है।


किसी तरह के खतरे से इंसान और किसी इलाके को बचाने के लिए लॉकडाउन किया जाता है। जैसे कोरोना के संक्रमण को लेकर कई देशों में किया गया है। कोरोनावायरस का संक्रमण एक-दूसरे इंसान में न हो इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर कम निकले। बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।

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