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बिहार : - नागरिकता संशोधन अधिनियम, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर एवं राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को बिहार विधानसभा में प्रस्ताव लाकर ख़ारिज करने की माँग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलने का समय देने का आग्रह किया गया है : आफताब आलम खान

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माननीय मुख्यमंत्री बिहार सरकार से नागरिकता संशोधन अधिनियम, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर एवं राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के विषय पर बिहार विधानसभा में प्रस्ताव लाकर बिहार से ख़ारिज करने की माँग को लेकर बिहार अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधिमंडल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री से मिलने का समय माँगा गया है। हाजी आफताब आलम खान अध्यक्ष, अहमद रजा वेलफ़ेयर ट्रस्ट ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि केन्द्र सरकार द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 अनुच्छेद 14, 15 एवं 21 का उल्लंघन एवं संविधान विरोधी है।
नागरिकता संशोधन क़ानून के तहत सरकार पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश के छ: समुदाय के नागरिकों (हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, पारसी, बौद्ध) को भारत की नागरिकता प्रदान करेगी। किन्तु अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के नागरिकों को नागरिकता नहीं देगी। जबकि पड़ोसी देश चाईना, बर्मा, श्रीलंका, नेपाल, भूटान के अल्पसंख्यकों को सी॰ए॰ए॰ क़ानून के दायरे से दूर रखा गया है। माननीय केन्द्रीय गृहमंत्री का सांसद में दिया गया वक्तव्य कि 2024 तक सम्पूर्ण भारत में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर एन॰आर॰सी॰ आकर ही रहेगा एवं माननीय केन्द्रीय क़ानून मंत्री का वक्तव्य कि एन॰पी॰आर॰ के डाँटा को एन॰आर॰सी॰ से जोड़ा जा सकता है। इसी क्रम में सरकार द्वारा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के माध्यम से एन॰आर॰सी॰ का डाँटा बेस तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
बिहार में भी 15 मई 2020 से एन॰पी॰आर॰ का सर्वे करने की बात प्रकाश में आई है। माननीयों के वक्तव्य को लेकर देश के हर वर्ग के दबे, कुचले, गरीब, पिछड़े, दलित एवं अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय को अशंका है कि सरकार नागरिकता संशोधन क़ानून में संप्रदाय विशेष की उपेक्षा करते हुए राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर एन॰आर॰सी॰ के माध्यम से देश के सभी वर्ग के दबे-कुचले, शोषित, गरीब, कमजोर, पिछड़े, दलित एवं मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय को प्रताड़ित कर सकती है। इस अशंका को लेकर आज पुरे देश में अराजकता का माहौल उत्पन्न हुआ है और इस क़ानून के विरोध में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी है। जनता दल (यूनाइटेड) के माननीय सांसदों द्वारा लोकसभा और राजसभा में नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन को लेकर बिहार के अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय काफ़ी आहत है और उनके ह्रदय में केन्द्र सरकार की मंशा और माननीयों के वक्तव्य को लेकर बिहार के दबे-कुचले, शोषित, गरीब, कमजोर, पिछड़े, दलित एवं मुस्लिम अल्पसंख्यकों के भविष्य की चिंता एवं अशांति का माहौल उत्पन्न हुआ है।
बिहार के अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय लोकप्रिय आदरणीय मुख्यमंत्री जी बिहार सरकार को काफ़ी स्नेह करते है एवं उनकी ह्रदय से आदर करते हैं। बिहार के अल्पसंख्यक मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाक़ात कर नागरिकता संशोधन क़ानून, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर एवं राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के विषय पर बिहार विधानसभा में प्रस्ताव लाकर इस क़ानून को बिहार से ख़ारिज करने की माँग करते है एवं इस गंभीर विषय पर चर्चा कर समस्त दबे, कुचले, गरीब, पिछड़े, दलित एवं अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के आशंकाओं को दूर करना चाहते है। इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री जी से फ़ैक्स, ईमेल एवं पत्र के माध्यम से मिलने का समय देने का आग्रह किया गया है।

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