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शार्क देशों के बीच पहले दिन ही मधुरेन्द्र ने बजा दी अपनी कला का डंका, दिखाई राजस्थान की संस्कृति

बिहार के लाल मधुरेन्द्र ने अंतरराष्ट्रीय रेत कला उत्सव में पहले दिन  राजस्थानी संस्कृति को बालू पर उकेर लूटी वाहवाही


कोणार्क, भुवनेश्वर : कोणार्क फेस्टिवल अंतर्गत पर्यटन विभाग ओड़िसा सरकार द्वारा आयोजित 1 दिसंबर से शुरू हुए और पांच दिसंबर तक चलने वाले अंतराष्ट्रीय रेतकला उत्सव में बिहार के चंपारण के लाल मशहूर युवा रेत कलाकार मधुरेन्द्र ने  उड़ीसा के कोणार्क में स्थित चंद्रभागा बीच पर अपनी रेत कला की जलवा बिखेरी है। 

इनकी कला को देख पदमश्री सुदर्शन पटनायक भी अभिभूत हो गए। बता दे की उत्सव के पहले दिन ही सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने बालू की रेत पर राजस्थानी संस्कृति को  उकेरी है। यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भारी संख्या में लोगों को देखने के लिए आ रहे हैं। 

गौरतलब हो कि सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ऐसे ही कुछ अलग काम करके दुनिया में अपने नाम का डंका बजा रहे हैं। मौके पर उपस्थित रसिया, जापान, यूएसए, कोलंबो व नीदरलैंड आदि शार्क देशों के सैंड आर्टिस्ट ने भी मधुरेंद्र की कलाकृति की सराहना की।

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