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सारण : मढौरा के कमलेश ने जज बन प्रखंड सहित जिले का नाम किया रोशन

मढ़ौरा (सारण) प्रखंड के बदरहिया गांव का ग्रामीण क्षेत्र में पला बढ़ा कमलेश ने बिहार न्यायिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा में प्रथम बार के ही प्रयास से सफलता अर्जित कर लिया।इसलिए ये कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि प्रतिभा कभी जगह और सुविधा की मोहताज होता। अपनी मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर भी सुविधाविहीन लोग कामयाबी के शिखर को छू लेते हैं। अब इसे शत-प्रतिशत चरितार्थ करके दिखाया है बदरहीया  गांव के रहने वाले सामान्य परिवार दिलीप सिंह व पुष्पा देवी के पुत्र कमलेश कुमार सिंह ने चार साल पहले तक गांव की गलियों से नाता रखने वाले कमलेश के मन में समाज के लिए कुछ करने की इच्छा ऐसी जगी कि फिर एक निश्चय ने उनकी दुनिया ही बदल दी।अपने सपने को पूरा करने के लिए यूपी के बीएचयू से एलएलबी की पढाई पुरा किए। जानकारी के लिए बताते चलें कि कमलेश कुमार सारण के प्रेरणा केरियर GS प्वाइंट से सामान्य अध्ययन का विस्तृत अध्ययन कर बीएचयू एंट्रेंस एग्जाम पास किए थे। प्रेरणा कैरियर GS प्वाइंट विगत कई वर्षों से  कंपटीशन के हर क्षेत्र में बच्चों को तैयरी करवा कर जिले का नाम रोशन किया है। यहां से हजारों लड़के देश के विभिन्न  उच्च स्तरीय नौकरी में अपना योगदान दे चुके हैं एग्जामिनेशन से लेकर प्रतियोगिता परीक्षा हेतु कई प्रकार के आधुनिक पढ़ाई भी यह संस्थान दे रही है। जिससे छात्र देश के बड़े-बड़े प्रतियोगिता परीक्षा में आसानी से भाग लेकर बाजी मार रहे हैं।

कमलेश ने कहा "मैं अपनी सफलता से उत्साहित हूं और अपने परिवार, शिक्षकों और सभी शुभचिंतकों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद देता हूं।कमलेश ने बताया कि भगवान बजार स्थित प्रेरणा कैरियर GS प्वाइंट में पढ़ाई की जिसका लाभ उन्हें इस परीक्षा में मिला। वही प्रेरणा कैरियर प्वाइंट के डायरेक्टर ज्ञान प्रकाश सर ने कहा कि सामाजिक सोच एवं उच्च विचार रखने वाले न्यायिक अधिकारी से बिहार की आम जनता को काफी उम्मीदें रहेंगे।

पिता ने प्राइवेट नौकरी करके भी पढ़ाई के लिए  दिया संसाधन  

कमलेश के पिता जी दिलीप सिंह घर परिवार चलाने के लिए दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं तंगहाली के कारण कमलेश का बड़ा भाई भी थोड़ी सी पढ़ाई कर के पिता के साथ ही काम करने लगा। कमलेश पर भी कमाने का दबाव था इसी बीच कमलेश छपरा से स्नातक कर एलएलबी करने के लिए बीएचयू चला गया, फिर कमलेश का जीवन बदलता गया और पिता का मुश्किल में भी रुपया भेजते देख कुछ अलग करने के लिए मेहनत में जुट गया यूजीसी नेट में जेआरएफ असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए क्वालीफाई कर एसोसिएट प्रोफेसर बना। फिर अपनी मेहनत एवं गुरु के मार्गदर्शन से बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता पाकर माता-पिता को खुशियों की बड़ी सौगात दे दी। कमलेश ने सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरु ज्ञान प्रकाश सर को दिया।

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