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तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त बारागोबिंद गांव पहुंचकर अपनी मुँहबोली बहन से राखी बंधवाया



चकिया पूर्वी चंपारण से अमितेश कुमार रवि की रिपोर्ट।

चकिया,पूर्वी चम्पारण । बहन रक्षा बंधन का त्योहार आते ही अपने भाई की कलाई पर राखी बांध कर भगवान से अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती है। ऐसा ही एक मुंहबोली बहन से राखी बंधवाने गुरुवार को तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त नर्मदेश्वर लाल बारागोबिंद गांव पहुंचे। उन्होंने गांव पहुंचकर अपनी बहन से अपने सुनी कलाई पर राखी बंधवाया। बहन को आशीर्वाद दिया। उनकी बहन ने भी पहले उनकी आरती उतारी और अपने भाई की लंबी उमर की भगवान से दुआ मांगी। 
जब उनकी बहन राखी बांध दी और मिठाई खिलाने के लिए अपने हांथो में मिठाई उठाने लगी तो उन्होंने कहा कि दो राखी और है इसे भी बांध दो। शायद ये बाद वाली दोनों राखी उनकी अपनी सगी बहन द्वारा भेजी हुई राखी थी। उनकी मुंहबोली बहन उसी गांव के वार्ड 10 में स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में विकलांग शिम्पी कुमारी शिक्षिका के पद पर कार्यरत है। वे दोनों पैर से विकलांग है। शिक्षिका शिम्पी कुमारी के पिता रामवरण देव ने बताया कि शिम्पी तीन बहनों में छोटी व दो भाइयों से बड़ी है। उन्होंने बताया कि शिम्पी भले ही विकलांगता के कारण अपने पैरों से खड़ा होकर चल नहीं सकती लेकिन अपने काम के प्रति हमेशा जागरूक रहती है। उनके लगन के सामने विकलांगता कभी आड़े नहीं आयी। उन्होंने आयुक्त श्री लाल से अपने बेटी के भाई बहन के रिश्ते के बारे में बताया कि शिम्पी का नियोजन शिक्षक के पद पर प्रखंड के कुँअरपुर पंचायत के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में 2006 में हुआ था। वे रोज अपने बेटी को अपने घर से उक्त विद्यालय में लगभग 30 किलोमीटर साइकिल से ले जाते थे फिर विद्यालय में छुट्टी होने पर उसे लेकर घर आते थे। ये ले जाने ले आने का शिलशिला लगभग साल भर चला। उन्होंने बताया कि वे अपनी बेटी शिम्पी के अपने गांव में स्थानांतरण की बहुत कोशिश की लेकिन किसी अधिकारी ने हमारी बेटी की एक न सुनी। एक दिन हम और शिम्पी डीएम के चेम्बर में गए शिम्पी चेम्बर के गेट पर से ही बोली भैया। 


डीएम साहब भौचक रह गए उन्होंने देखा कि एक विकलांग हमें भैया कहकर पुकार रही है। उन्होंने हमसे पूछा तो सारी बात विस्तार से हमने बतायी। डीएम साहब ने उसी समय स्थानांतरण कराने का आश्वासन दिया। उसी वक्त उन्होंने हमारी बेटी से कहा कि जब तुम भैया कह ही दी तो अगले माह रक्षा बंधन है इस बार राखी तो  शिम्पी बहना को बंधना ही होगा। ये डीएम नर्मदेश्वर लाल ही थे। जो उक्त समय जिले के डीएम थे। उन्होंने बताया कि वे पांच बार अपने बहन से राखी बंधवाने बहन के घर आ चुके है। उनकी पोस्टिंग दूर होती है तो मेरी बेटी रक्षाबंधन के दिन वहां स्वयं पहुंचकर अपने भाई को राखी बांधती है। मौके पर एसडीओ बृजेश कुमार, पारस नाथ अम्बेडकर, डॉ प्रो बिंदा राम, रामनरायण पासवान व पुलिस बल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

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