नरकटियागंज: ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत, पत्रकार से दुर्व्यवहार
पत्रकार से दुर्व्यवहार, पत्रकार का कैमरा छीना
बेतिया पश्चिमी चंपारण के नरकटियागंज अनुमंडल अन्तर्गत शिकारपुर थाना ने शव को कब्ज़ा में लेकर आधे रात को बिना पोस्टमार्टम किए छोड़ा।
पश्चिम चम्पारण जिला ही नहीं बल्कि पूरे बिहार में वाक़ई बहार है। अपराधी लूट, हत्या, बलात्कार जैसे कुकृत्य को अंजाम दे रहे हैं। निजी व सरकारी चिकित्सक मरीज के वो कर हैं, जो उन्हें नहीं करना चाहिए। रूपये कमाने की चाहत में पेशागत नियम एव मर्यादा को ताक पर रखकर चिकित्सक धड़ल्ले से ऑपरेशन कर रहें हैं। ऑपरेशन करने में ऑपरेशन थियेटर की मानदण्डों का कोई ख्याल नहीं रखा जाता है। एमबीबीएस चिकित्सकों में फिजीशियन एमडी और शल्यक्रिया के लिए एमएस का होना आवश्यक है। फिलहाल पश्चिम चम्पारण जिला में अधिकांश एमबीबीएस, आयुष ही नहीं झोलाछाप चिकित्सक भी शल्यक्रिया को धड़ल्ले से अंज़ाम दे रहे हैं।
उसी सिलसिले में नरकटियागंज स्थित सूर्या क्लिनिक संचालक डॉ. रंजन कुमार देवनाथ के क्लीनिक में कंगली थानाक्षेत्र के सेनवरिया निवासी समफूली देवी उम्र 40 वर्ष पति बदरी राम चार दिन पूर्व गर्भाशय में सूजन की समस्या को लेकर भर्ती कराया गया। डॉ देवनाथ रंजन ने जांच कराया, जांचोपरांत खून की कमी पाई गई। डॉ ने तीन यूनिट खून व्यवस्था करने की सलाह दी।परिजनों ने खून की व्यवस्था करने के उपरांत डॉक्टर ने खून चढ़ाया। उसके बाद महिला का ऑपरेशन किया गया। स्थिति बिगड़ने पर परिजन को बेतिया ले जाने की सलाह दी गई। लेकिन ऑपरेशन के उपरांत मरीज की मौत हो गई।डॉ रंजन देवनाथ के यहां यह पहली घटना नही है इसके पहले भी हो चुका है लेकिन गुर्गे के बदौलत हर समय गरीब लाचार मरीजो को पीछे हटने पर मजबूर होते है होंगे भी क्यो नही जब प्रशाशन ही चन्द लालच के बिना प्राथमिकी दर्ज किए छोड़ दे तो ऐसा घटना होना लाजमी है घटना की ख़बर पाकर पत्रकार संवाद संकलन करने सूर्या क्लीनिक पहुंचे, जहाँ चिकित्सक के गुर्गों व महिला कर्मियों ने एक पत्रकार की मोबाइल छीन ली।
और वीडियो फुटेज डिलेट करने की कोशिश की गई,घटना के बाद मृतका के परिजनों से जबरन बयान के बाद फायदा की बात करते दिखे पुलिस अधिकारी आखिर जब परिजन नही चाहती केस करने तो पुलिस कौन फायदा की बात कर रहा था। हॉस्पिटल से शव को कब्जे में लेकर थाना लाया गया।जहां हाई वोल्टेज ड्रामे के साथ बिना पोस्टमार्टम किये मृतक महिला को छोड़ दी गयी। समफूली देवी अपने पीछे तीन पुत्र और पुत्रियां छोड़कर चली गयी है, रो कर परिजनों का बुरा हाल है।
उसी सिलसिले में नरकटियागंज स्थित सूर्या क्लिनिक संचालक डॉ. रंजन कुमार देवनाथ के क्लीनिक में कंगली थानाक्षेत्र के सेनवरिया निवासी समफूली देवी उम्र 40 वर्ष पति बदरी राम चार दिन पूर्व गर्भाशय में सूजन की समस्या को लेकर भर्ती कराया गया। डॉ देवनाथ रंजन ने जांच कराया, जांचोपरांत खून की कमी पाई गई। डॉ ने तीन यूनिट खून व्यवस्था करने की सलाह दी।परिजनों ने खून की व्यवस्था करने के उपरांत डॉक्टर ने खून चढ़ाया। उसके बाद महिला का ऑपरेशन किया गया। स्थिति बिगड़ने पर परिजन को बेतिया ले जाने की सलाह दी गई। लेकिन ऑपरेशन के उपरांत मरीज की मौत हो गई।डॉ रंजन देवनाथ के यहां यह पहली घटना नही है इसके पहले भी हो चुका है लेकिन गुर्गे के बदौलत हर समय गरीब लाचार मरीजो को पीछे हटने पर मजबूर होते है होंगे भी क्यो नही जब प्रशाशन ही चन्द लालच के बिना प्राथमिकी दर्ज किए छोड़ दे तो ऐसा घटना होना लाजमी है घटना की ख़बर पाकर पत्रकार संवाद संकलन करने सूर्या क्लीनिक पहुंचे, जहाँ चिकित्सक के गुर्गों व महिला कर्मियों ने एक पत्रकार की मोबाइल छीन ली।
और वीडियो फुटेज डिलेट करने की कोशिश की गई,घटना के बाद मृतका के परिजनों से जबरन बयान के बाद फायदा की बात करते दिखे पुलिस अधिकारी आखिर जब परिजन नही चाहती केस करने तो पुलिस कौन फायदा की बात कर रहा था। हॉस्पिटल से शव को कब्जे में लेकर थाना लाया गया।जहां हाई वोल्टेज ड्रामे के साथ बिना पोस्टमार्टम किये मृतक महिला को छोड़ दी गयी। समफूली देवी अपने पीछे तीन पुत्र और पुत्रियां छोड़कर चली गयी है, रो कर परिजनों का बुरा हाल है।

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