जहाँ शाम होते ही चूड़ियों की खनखनाहट पायलों और शहनाई की आवाज़ें आती थी, आज वहाँ सन्नाटा ही सन्नाटा
घनश्याम की रिपोर्ट, बेतिया।
जिस मुहल्ले में कभी शाम होते ही चूड़ियों की खनखनाहट पायलों और शहनाई की आवाज़ें आती थी , और चहल पहल पूरे गली ने भिड़ का माहौल रहता था , आज वहां सब ओर सन्नाटा ही सन्नाटा छाया हुआ है । अब इस मोहल्ले में कभी चूड़ियों की खनखनाहट और पायलों की छनछनाहट और शहनाई की आवाज़ अब नही गूंज सकेगी ।
जी हाँ हम बात कर रहे है बेतिया के नाजनी चौक गंज नंबर 2 के रेफ लाइट एरिया की। जिसे मोहल्ले वासियों ने बन्द करवाने का निर्णय लिया है। हालाकी नाजनी चौक स्तिथ इस रेड लाइट एरिया का इतिहास बेतिया राज से जुड़ा बताया जाता है। स्थानीय मोहल्ले के निवासियों के अनुसार तत्कालीन बेतिया राज घराने में इस एरिया लिए के लोगों द्वारा नृत्य संगीत कर मनोरंजन का काम किया जाता था। बाद में जब बेतिया राज का अस्तित्व समाप्त हो गया। इसके बाद भी इस रेडलाइट ऐरिया में नृत्य संगीत का काम अनवरत चलता रहा ।
इधर कुछ सालो से इस एरिया में देह व्यापार का धंधा भी होने लगा था । इसकी जानकारी जब अंतररास्ट्रीय स्वयंसेवी संस्था जस्टिस एडवेंचर इंटरनेशनल प्रोजेक्ट को हुई तो विगत 4 जुलाई को इसी एनजीओ और बेतिया पुलिस के द्वारा छापेमारी कर इस रेडलाइट एरिया से दर्ज़नो लोगो को गिरफ्तार किया गया था।
फिर इस 7 जुलाई को इस एरिया के 6 मकानों को सील कर दिया गया था । इस पूरी घटना के बाद रेडलाइट एरिया की आम जनता ने अब यह निर्णय लिया है कि अब यह इलाका पूरी तरह से बंद कर दिया जाए । इसके लिए लोगो ने बेतिया एसपी को आवेदन भी दिया और बाकायदा बोर्ड भी लगाकर यह ऐलान किया है कि मोहल्लेवासियों के निर्णय अनुसार रेडलाइट एरिया बंद हो गया है ।

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