ध्वस्त वाल को जांच कराकर दुरुस्त करने का कार्यपालक सहायक अभियंता ने दिया आश्वासन
मैनाटाड़(प0 चम्पारण): त्रिवेणी कैनाल पुल के ध्वस्त वाल को जांच कराकर दुरुस्त करने का आश्वासन कार्यपालक सहायक अभियंता ने दिया है।इस संबंध में कार्यपालक सहायक अभियंता लाल बहादुर गुप्ता ने बताया कि खबर पढते ही इस त्रिवेणी कैनाल पुल के ध्वस्त वाल की जानकारी जेई व संबंधित अधिकारियों को दे दिया गया है। जेई व अधिकारी त्रिवेणी कैनाल पुल के समीप पहुंचकर ध्वस्त वाल कि जांच करेंगे तथा बहुत ही जल्द ध्वस्त वाल को दुरुस्त करा दिया जाएगा।वहीं मैनाटाड़ जिला परिषद सदस्य अखिलेश्वर प्रसाद झुन्नू ने बताया कि हमे भी कार्यपालक सहायक अभियंता से बात हुई है उन्होंने जांच करा कर जल्द से जल्द त्रिवेणी कैनल के ध्वस्त वाल को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है अगर ससमय इस पर पहल नहीं किया जाता है तो हम वृहत पैमाने पर आंदोलन करेंगे। विदित हो कि मैनाटांड़ इनरवा मुख्य पथ में रमपुरवा गांव से सटे चिमनी के पास त्रिवेणी कैनाल पर बने पुल आये दिन घटना को दावत दे रहा है।इस संबंध में बताया जाता है की त्रिवेणी कैनाल पर बने पुल का दोनों साइड वॉल कई वर्षों से ध्वस्त हो गया।
जिससे राहगीरों को आवागमन में काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा इस पुल पर तीखा मोड़ जो कभी भी बड़े हादसे का आमंत्रण दे सकता है। पुल के दोनों साइड वॉल कई वर्षों से ध्वस्त हो गया है। लेकिन उसके मरम्मती की तरफ नहीं नहर विभाग के संबंधित अधिकारी का और ना ही किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान जा रहा है। जिससे ग्रामीण किसी हादसा होने से भयभीत हैं। और वही साइड वाल नही बनने से ग्रामीणों में आक्रोश है। आक्रोशित ग्रामीण ओम प्रकाश प्रसाद, जनार्दन प्रसाद कुशवाहा, अलाउद्दीन अंसारी,जोगेंद्र साह, जावेद अख्तर, पंकज शर्मा औरंगजेब खान, पहवारी कुशवाहा, कन्हैया यादव, तैमूलहक मंसूरी, नेजमुद्दीन अंसारी, अतिरसुल अंसारी, सरफराज आलम, मैमुलहक मंसूरी आदि ने बताया कि विगत कई वर्षों से त्रिवेणी कैनाल पर बने पुल का दोनों तरफ का साइड वॉल ध्वस्त हो गया है। लेकिन उसके बनाने में किसी ने अपनी जहमत नहीं उठाई।
उसी पुल के साइड वॉल नहीं होने से सन 1996 में बस दुर्घटना में इनरवा निवासी हलीम मिया की पत्नी मिनतारा खातून की मौत हो गई, सन 2003 में बाइक दुर्घटना में इनरवा निवासी हमजा अंसारी का पुत्र जाकिर अंसारी की मौत हो गई, जबकि विगत एक वर्ष पूर्व नेपाल के सुवर्णपुर के एक बाइक गिर जाने से बाइक पर बैठी एक बच्ची की मौत हो गई थी। वही और कितने लोग दुर्घटना के शिकार हो गए हैं। पुल के पास तीखा मोड़ है। मोड़ इतना ना खतरनाक है कि कभी कोई भयंकर हादसा हो सकता है आस-पास के गांव के लोग उक्त ध्वस्त वाल के बारे में तो जानते हैं लेकिन बाहरी लोग अगर उस मोड़ पर अपने सवारी का संतुलन खो देते हैं तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त रास्ते दर्जनों गांव के लोग आते-जाते रहते हैं जिससे हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर ध्वस्त साइड वालों की बनाने की मांग दैनिक भास्कर मे छपे खबर से की थी जिसको लेकर कार्यपालक अभियंता ने जांचोपरांत साइड वाल को दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है।
जिससे राहगीरों को आवागमन में काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा इस पुल पर तीखा मोड़ जो कभी भी बड़े हादसे का आमंत्रण दे सकता है। पुल के दोनों साइड वॉल कई वर्षों से ध्वस्त हो गया है। लेकिन उसके मरम्मती की तरफ नहीं नहर विभाग के संबंधित अधिकारी का और ना ही किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान जा रहा है। जिससे ग्रामीण किसी हादसा होने से भयभीत हैं। और वही साइड वाल नही बनने से ग्रामीणों में आक्रोश है। आक्रोशित ग्रामीण ओम प्रकाश प्रसाद, जनार्दन प्रसाद कुशवाहा, अलाउद्दीन अंसारी,जोगेंद्र साह, जावेद अख्तर, पंकज शर्मा औरंगजेब खान, पहवारी कुशवाहा, कन्हैया यादव, तैमूलहक मंसूरी, नेजमुद्दीन अंसारी, अतिरसुल अंसारी, सरफराज आलम, मैमुलहक मंसूरी आदि ने बताया कि विगत कई वर्षों से त्रिवेणी कैनाल पर बने पुल का दोनों तरफ का साइड वॉल ध्वस्त हो गया है। लेकिन उसके बनाने में किसी ने अपनी जहमत नहीं उठाई।
उसी पुल के साइड वॉल नहीं होने से सन 1996 में बस दुर्घटना में इनरवा निवासी हलीम मिया की पत्नी मिनतारा खातून की मौत हो गई, सन 2003 में बाइक दुर्घटना में इनरवा निवासी हमजा अंसारी का पुत्र जाकिर अंसारी की मौत हो गई, जबकि विगत एक वर्ष पूर्व नेपाल के सुवर्णपुर के एक बाइक गिर जाने से बाइक पर बैठी एक बच्ची की मौत हो गई थी। वही और कितने लोग दुर्घटना के शिकार हो गए हैं। पुल के पास तीखा मोड़ है। मोड़ इतना ना खतरनाक है कि कभी कोई भयंकर हादसा हो सकता है आस-पास के गांव के लोग उक्त ध्वस्त वाल के बारे में तो जानते हैं लेकिन बाहरी लोग अगर उस मोड़ पर अपने सवारी का संतुलन खो देते हैं तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त रास्ते दर्जनों गांव के लोग आते-जाते रहते हैं जिससे हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर ध्वस्त साइड वालों की बनाने की मांग दैनिक भास्कर मे छपे खबर से की थी जिसको लेकर कार्यपालक अभियंता ने जांचोपरांत साइड वाल को दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है।

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