Breaking News

लक्ष्य निर्धारण से जिंदगी आसान हो जाता है: मुन्ना कुमार

मोतिहारी : जब आपको किसी भी काम में दिल लगने लगेगा तो उस काम में थकान तो महसूस ही नहीं होगी इसी कथन को चरितार्थ करते हुए साबित भी किया 4 घंटा लगातार खड़े होकर बच्चों को मोटिवेट करते रहे और उनके सवालों का जवाब भी देते रहे और खुद भी थकान महसूस नहीं किया । ख्वाब फौन्देशन द्वारा आयोजित मोटीवेशनल कार्यशाला में  यूथ आईकॉन और मोटिवेटर मुन्ना भाई ने आर्य विद्यापीठ स्कूल  में बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि आप अपने जीवन में किस तरह गूगल मैप में जिस तरह  मंजिल पर जाने का रास्ता  सेट करने से मंजिल आसान हो जाती है  वैसे ही आप अपने जिंदगी में लक्ष्य को निर्धारित करके आगे बढ़े तो आसानी होगी।

कार्यक्रम को संचालन संयुक्त रूप से  जुनून एडिटर व कवि T Y sahab और अभीलाषा भारती ने किया तो बच्चों के प्रश्नो ke जबाब के लिए  संभाले  धर्मेंद्र  सहनी ने . आर्य विद्यापीठ के चेयरमैन डॉ एस पी सिंह सहित स्कूल के  प्रिंसिपल,निदेशक रंजित  कुमार  और  शिक्षकों ने  कार्यक्रम का उद्घाटन किया.  डॉक्टर एसपी सर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा  कि मुन्ना कुमार का इस तरह मुफ्त में मोटिवेशनल सेमिनार आयोजन करने का सिर्फ और सिर्फ मतलब है कि  बच्चे सफल हो और अब्दुल कलाम का विजन2020 का मकसद पूरा हो। साथ ही मौजूद रहे प्रिंसिपल और शिक्षक गण  ने बताया कि आजकल के बच्चों को किस तरह से मोटिवेशन की जरूरत होते जा रही है किस तरह सोशल साइट्स बच्चे को जकड़ते जा रहे हैं ,और पढ़ाई से आजकल के बच्चे दूर होते जा रहे हैं।


इस मोटिवेशनल वर्कशॉप का थीम रहा, बच्चे में लक्ष्य निर्धारित करने  यानी ड्रीम मैनेजमेंट . आज भी बहुत सारे ऐसे बच्चे हैं बल्कि ज्यादातर बच्चे हैं जो अपने लक्ष्य को निर्धारित नहीं कर पाते हैं ।यही कारण है कि उनको इंटरमीडिएट और मैट्रिक ग्रेजुएशन बाद समझ नहीं आता है और क्या करें जिससे भारत में बेरोजगारी की समस्या बढ़ते जा रहे हैं . मुन्ना कुमार ने पूरी विस्तार पूर्वक जानकारी दी है कि किस तरह लक्ष्य बिना भटके हम अपने आप को सीमित समय में जो एक प्रधानमंत्री को और एक आम इंसान को भी है, हम भी इस दुनिया में कुछ ऐसा कर जाएंगे जो हमें इतिहास याद रखेगी और हमारे भी जन्मदिन पर छुट्टियां मनाई जाएगी।
मुन्ना भाई ने बच्चों को प्रेरित करते हुए उनको या पूरी तरह से आश्वस्त किया कि उनकी सफलता ही  देशसेवा है क्योंकि जब हम खुद सफल हो जाएंगे इससे बड़ी देश सेवा कुछ नहीं हो सकता ।बच्चे बहुत खुश थे ऐसे वर्कशॉप का आयोजन होता रहे .

कोई टिप्पणी नहीं

Thanks for your valuable feedback.