रक्सौल स्टेशन रोड के निर्माण मामले में माननीय मुख्यमंत्री ने सीधे डीएम मोतिहारी को भेजा मेल।

माननीय मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सचिव को भी दिया था निर्देश
रामगढ़वा से चम्पारण टुडे संवाददाता डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट
रक्सौल स्टेशन रोड के निर्माण मामले में डा. स्वयंभू शलभ द्वारा की गई अपील के आलोक में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा सीधे डीएम मोतिहारी को मेल भेजा गया है। यह जानकारी आज मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा डा. शलभ को मेल के जरिये दी गई।
विदित है कि इस मामले में डा. शलभ की अपील पर संज्ञान लेते हुए माननीय मुख्यमंत्री ने गत 3 जुलाई 2018 को कैबिनेट सचिव को मेल भेजा था।
उक्त अपील में बताया गया था कि भारत नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल का सबसे महत्वपूर्व रोड... स्टेशन रोड...जो मुख्य मार्ग को रक्सौल स्टेशन से जोड़ता है... दशकों से जर्जर अवस्था में है जिसकी तरफ न तो रेलवे की नजर जाती है न सड़क विभाग की। एनएचएआई कहती है कि केवल पीपराकोठी से आईसीपी तक की सड़क ही उसके क्षेत्राधिकार में आता है। वहीं रेलवे ने जब भी इस सड़क का काम कराया कामचलाऊ स्तर का ही कराया। नतीजा सामने है। इस सड़क की नारकीय स्थिति अंतरराष्ट्रीय महत्व के इस शहर का दर्द बयान कर रही है। सड़क के गढ्ढों में वाहन पलट रहे हैं। दुर्घटनाएँ हो रही हैं। लेकिन इसकी सुध लेनेवाला कोई नहीं है। स्टेशन आने-जाने के लिए यात्री शहर के दूसरे वैकल्पिक रास्तों को तलाशते नजर आते हैं।
सड़क किनारे खुले हुए नाले में बजबजाती गंदगी... सड़क पर पसरा कीचड़ और कूड़ा कचरा...अंदाजा लगाना मुश्किल कि गढ्ढा कहां है और सड़क कहां....उसी गलीज में रेंगते वाहन और साँस रोके ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ते भागते यात्री। यही नजारा है नेपाल के मुख्य द्वार पर बसे इस स्टेशन रोड का।
जब कि यह सड़क ए ग्रेड का दर्जा प्राप्त रक्सौल रेलवे स्टेशन समेत देश की नवरत्न कंपनियों में शामिल इंडियन आयल डिपो से जुड़ी है लेकिन आज तक इसकी दशा को सुधारा नहीं जा सका।
वैसे यहां के नगर परिषद ने भी बरसात पूर्व नालों की उड़ाही कराया जाना जरूरी नहीं समझा। नाले जाम हैं। सारी गंदगी सड़क पर पसरी है।
इस सड़क से देश विदेश के सैकड़ों पर्यटक गुजरते हैं। नेपाल से भारत आने वाले पर्यटक यहीं पहली बार भारत दर्शन करते हैं। वे यहां की कैसी छवि अपने जेहन में लेकर जाते होंगे...यह भी चिंता और शर्मिंदगी का विषय है।
इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित विभाग को दिशा निर्देश जारी करने की अपील की गई थी।

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